13 जुलाई सोमवार ;सूर्यास्त से पहले 6 बजकर 8 मिनट : सोमवती अमावस्या & 14 जुलाई भौमवती अमावस्या का भी संयोग & गजकेसरी राजयोग बदल देगा जिंदगी & कामाख्या पीठ से आया सन्देश

कामाख्या पीठ से आया सन्देश

13 जुलाई सोमवार को सूर्यास्त से पहले 6 बजकर 8 मिनट पर अमावस्या तिथि का आरंभ हो रहा है। वहीं, अगले दिन यानी 14 जुलाई, मंगलवार को शाम के 3 बजकर 14 मिनट तक अमावस्या तिथि व्याप्त रहेगी। ऐसे में सूर्यास्त से पहले 13 तारीख को अमावस्या तिथि लगने से इसी दिन सोमवती अमावस्या का व्रत किया जाएगा।

शास्त्रों का मत है कि अगर सूर्यास्त से पूर्व एक मिनट पहले भी अगर अमावस्या तिथि लग जाए, सोमवती अमावस्या का व्रत करना चाहिए। वहीं, कुछ स्थानों पर सुबह 7 बजकर 15 मिनट के बाद भी सूर्यास्त हो रहा है। ऐसे में भी 13 जुलाई को ही व्रत करना शास्त्र सम्मत होगा। सोमवार के दिन अमावस्या तिथि लगने से इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। वहीं, अमावस्या तिथि का स्नान, दान और पितृकर्म 14 जुलाई, मंगलवार को किए जाएंगे। यहां मंगलवार को अमावस्या पड़ने से भौमवती अमावस्या का भी संयोग बनेगा।

सोमवती अमावस्या को बेहद शुभ, पवित्र और फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से पुण्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। सुहागिन महिलाएं शिवजी और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करती हैं। साथ ही, सोमवती अमावस्या पर पीपल वृक्ष की पूजा करने का भी महत्व है। इस दिन पीपल की परिक्रमा और पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होता है।

मास आषाढ़ (दक्षिण भारत में ज्येष्ठ) पक्ष कृष्ण तिथि चतुर्दशी 18.50 बजे को समाप्त। नक्षत्र मृगशीर्ष 05.42 बजे तदनन्तर आद्र्रा 02.52 बजे रात्र को समाप्त। योग ध्रुव 16.01 बजे को समाप्त। करण विष्टि 08.40 बजे, शकुनि 18.50 बजेे तदनन्तर चतुष्पद 05.01 बजे प्रात: को समाप्त।

आषाढ़ कृष्ण पक्ष चतुर्दशी, सिद्धार्थि संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948 (पराभव संवत्सर), ज्येष्ठ | चतुर्दशी तिथि 06:49 PM तक उपरांत अमावस्या | नक्षत्र आद्रा 02:51 AM तक उपरांत पुनर्वसु | ध्रुव योग 04:00 PM तक, उसके बाद व्याघात योग | करण विष्टि 08:40 AM तक, बाद शकुनि 06:50 PM तक, बाद चतुष्पद 05:00 AM तक, बाद नाग |

जुलाई 13 सोमवार को राहु 07:33 AM से 09:13 AM तक है | चन्द्रमा मिथुन राशि पर संचार करेगा | सूर्योदय का समय : 05: 32 ए एम सूर्यास्त का समय : 07: 32 पी एम चंद्रोदय का समय: 05:07 ए एम, जुलाई 14 चंद्रास्त का समय : 06:36 पी एम नक्षत्र: मृगशिरा – 05:41 ए एम तक

अभिजित मुहूर्त 11:59 ए एम से 12:54 पी एम तक रहेगा. विजय मुहूर्त 02:45 पी एम से 03:40 पी एम तक रहेगा. ब्रह्म मुहूर्त 04:11 ए एम से 04:51 ए एम तक रहेगा. आज निशिता मुहूर्त 12:07 ए एम, जुलाई 14 से 12:47 ए एम, जुलाई 14 तक रहेगा. गोधूलि मुहूर्त 07:20 पी एम से 07:41 पी एम तक रहेगा. अमृत काल 06:02 पी एम से 07:27 पी एम तक रहेगा. सर्वार्थ सिद्धि योग 05:32 ए एम से 05:41 ए एम तक रहेगा. अमृत सिद्धि योग 05:32 ए एम से 05:41 ए एम तक रहेगा.

आज का अशुभ मुहूर्त (Aaj Ka Ashubh Muhurat)

दुर्मुहूर्त 12:54 पी एम से 01:50 पी एम, 03:40 पी एम से 04:36 पी एम तक रहेगा. राहुकाल 07:16 ए एम से 08:59 ए एम तक रहेगा. यमगण्ड 10:43 ए एम से 12:27 पी एम तक रहेगा. गुलिक काल 02:10 पी एम से 03:54 पी एम तक रहेगा. 

ज्योतिष शास्त्र में कई योगों को बेहद ही शुभ व लाभकारी माना गया है और उन्हीं सबसे शक्तिशाली योग गजकेसरी होता है. जब चंद्रमा और गुरु एक साथ किसी राशि में विराजमान होते हैं तब गजकेसरी राजयोग का निर्माण होता है. इस योग से जीवन में सुख—समृद्धि, खुशहाली, सफलता, और सम्मान बढ़ता है. बता दें कि पंचंग के अनुसार 14 जुलाई 2026 को कर्क राशि में चंद्रमा और युति से गजकेसरी राजयोग का निर्माण हो रहा है. 16 जुलाई 20226 को शाम 7 बजकर 52 मिनट तक चंद्रमा कर्क राशि में ही रहेंगे. गजकेसरी राजयोग 4 राशियों के लिए जबरदस्त लाभ लेकर आएगा.

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