11 जुलाई, 2026 (शनिवार) दीपक वाला उपाय अवश्य करें  & माँ बगलामुखी के साथ-साथ शनि देव की पूजा करना भी बहुत फलदायी

11 जुलाई आषाढ़ शनिवार द्वादशी के दिन 1 मुख्यद्वार दीपक वाला उपाय अवश्य करें 

शनिवार, 11 जुलाई 2026 को मां बगलामुखी की आराधना करने से शत्रुओं पर विजय, वाद-विवाद में सफलता और हर प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिलती है。चूँकि यह शनिवार का दिन है, इसलिए माँ बगलामुखी के साथ-साथ शनि देव की पूजा करना भी बहुत फलदायी रहेगा शनिवार की सुबह या शाम पीले वस्त्र पहनकर मां बगलामुखी की पूजा करें。माता को पीले फूल अर्पित करें और इस सिद्ध मंत्र की कम से कम 1 माला (108 बार) जाप करें— माँ बगलामुखी के बीज मंत्र का जाप करें। यह मंत्र विशेष रूप से नकारात्मक ऊर्जा और विरोधियों को शांत करने के लिए अचूक माना जाता है。 मां बगलामुखी ‘पीताम्बरा’ भी है। उन्हें पीला रंग बेहद प्रिय है。 पूजा के दौरान उन्हें पीले फूल, पीले वस्त्र और पीले रंग की मिठाई (जैसे बेसन के लड्डू या केसर युक्त भोग) अवश्य अर्पित करें。 हल्दी की माला का उपयोग करने से साधना में शीघ्र सफलता मिलती है।

“ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा ॥” [1]

11 जुलाई, 2026 (शनिवार) के पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि दोपहर 01:34 बजे तक रहेगी, जिसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होगी। इस दिन कृत्तिका नक्षत्र और गण्ड योग का संयोग रहेगा। कोई भी नया व शुभ कार्य शुरू करने के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:37 से दोपहर 12:31 तक सबसे उत्तम है 11 जुलाई को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है और इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी। इस तिथि पर कृत्तिका नक्षत्र और गांदा योग का विशेष संयोग बनेगा। इस तिथि पर चंद्रमा का गोचर वृषभ राशि में होगा, जिसके स्वामी शुक्रदेव होते हैं।

11 जुलाई शनिवार का दिन है। चंद्रमा दिन राशि वृषभ राशि में गोचर करेंगे यहां चंद्रमा और मंगल की युति रहेगी ऐसे में कल चंद्र मंगल योग का संयोग बनेगा। जबकि बुध के साथ सूर्य का गोचर मिथुन राशि में होगा जिससे कल बुधादित्य योग के साथ भद्र राजयोग भी प्रभावी होगा। ऐसे में शनिवार का दिन बुद्धि और कुशलता से वृषभ और मिथुन समेत कई राशियों को लाभ दिलाने वाला रहेगा। 

1 जुलाई की बात करें तो चंद्रमा का गोचर कल उच्च राशि वृषभ राशि में होने जा रहा है। चंद्रमा इस गोचर में कल मंगल के साथ संचार करेंगे। ऐसे में चंद्रमा और मंगल मिलकर धन योग बनाएंगे जबकि कल के दिन बुध और सूर्य की युति मिथुन राशि में होगी जिससे बुधादित्य योग बनेगा। साथ ही कल भद्र राजयोग का संयोग भी बनेगा। ऐसे में कल 11 जुलाई को ग्रहों के गोचर से वृषभ , मिथुन, कन्या, वृश्चिक और मकर राशि के जातको को भाग्य का पूरा सपोर्ट

चूँकि शनिवार का दिन शनिदेव का भी है, इसलिए शाम के समय किसी पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इससे शनि दोष, साढ़ेसाती या ढैय्या के दुष्प्रभाव कम होते हैं और जीवन में स्थिरता आती है।

15 जुलाई से शुरू होगा पावन ग्रीष्मकालीन नवरात्र

आषाढ़ महीने के आगामी दिनों में कई और महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार आ रहे हैं, जिसमें 13 जुलाई को सोमवारी अमावस्या और विशेष शिववास का बेहद फलदायी योग बन रहा है। 15 जुलाई (बुधवार) से माता की विशेष आराधना का महापर्व ‘ग्रीष्मकालीन नवरात्र’ (आषाढ़ गुप्त नवरात्र) पूरी श्रद्धा के साथ शुरू & ऐतिहासिक भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव 16 जुलाई (गुरुवार) को आयोजित & 17 जुलाई को संक्रांति, 19 जुलाई को पुष्य नक्षत्र शुरू & 24 जुलाई (शुक्रवार) को भव्य विजयादशमी पर्व मनेगा, जबकि 25 जुलाई को हरिशयनी एकादशी व्रत के साथ ही चार महीनों तक चलने वाला कठिन ‘चातुर्मास व्रत’ भी विधिवत प्रारंभ & 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा (व्यास पूजन

11 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक आस्था और दैनिक योजनाओं, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। आज कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है और शनिवार का दिन कर्म, अनुशासन तथा धैर्य का प्रतीक माना जाता है।  आज कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि प्रातः 5:23 AM तक रहेगी। एकादशी को भारतीय परंपरा में संयम, उपासना और आध्यात्मिक साधना का विशेष दिन माना जाता है। इसके बाद द्वादशी तिथि का आरंभ होगा। यदि आप व्रत या धार्मिक अनुष्ठान से जुड़े हैं, तो तिथि परिवर्तन का समय ध्यान में रखना उपयोगी रहेगा। शनिवार का दिन न्याय, धैर्य, अनुशासन और जिम्मेदारी से जुड़े कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। लंबे समय से लंबित कार्यों की समीक्षा, योजनाओं को व्यवस्थित करने और सोच-समझकर निर्णय लेने के लिए यह दिन उपयुक्त माना जाता है। आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रचलित हैं। धार्मिक पर्व, व्रत, संकल्प और पारंपरिक कालगणना में इन संवतों का विशेष महत्व माना जाता है।

वर्तमान समय में ग्रीष्म ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। हालांकि कई क्षेत्रों में वर्षा का आगमन शुरू हो चुका है, फिर भी पंचांग के अनुसार ऋतु का स्वरूप अभी ग्रीष्म ही माना जाता है। अयन की दृष्टि से उत्तरायण चल रहा है। भारतीय परंपरा में उत्तरायण को शुभ और सकारात्मक ऊर्जा का काल माना जाता है तथा इसे धार्मिक दृष्टि से भी विशेष महत्व प्राप्त है।

आज सूर्योदय 5:16 AM पर और सूर्यास्त 6:53 PM पर होगा। दिन की शुरुआत और महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनाते समय इन समयों का ध्यान रखना लाभकारी हो सकता है।

आज चंद्रोदय 1:34 AM पर तथा चंद्रास्त 3:53 PM पर होगा। चंद्रमा आज वृष राशि में स्थित रहेगा तथा उसका निवास दक्षिण दिशा में माना गया है, जो दिन की ज्योतिषीय स्थिति को प्रभावित करता है।

आध्यात्म क्षेत्र में मेरी उपलब्धियां: अन्य क्षेत्रों में भी लंबी फेहरिस्त है:

सादर

Chandra Shekhar Joshi

Award : Sanatan Dharma Journalist of The Year 2026 अवॉर्ड: सनातन धर्म जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर , नई दिल्ली में सम्मानित

Awardy : Aadi Guru shankaracharya Sanatani Sewa Puruskar आदि गुरु शंकराचार्य सनातनी सेवा पुरस्कार, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉक्टर रमेश पोखरियाल निशंक जी द्वारा सम्मानित &

Founder President & Sadhak संस्थापक साधक अध्यक्ष :

Mahamai Peetambra shree Bagla Mukhi Shakti Peeth

Dehradun Uttrakhand

महामाई पीतांबरा श्री बगलामुखी शक्ति पीठ देहरादून

&

#President Uttrakhand: Rastriya shashkat Hindu Maha Sangh ( राष्ट्रीय सशक्त हिन्दू महासंघ, )

# President Uttrakhand: अध्यक्ष उत्तराखंड

Rashtriya Saint Suraksha Parishad (HQ Gujrat)

राष्ट्रीय संत सुरक्षा महापरिषद

मुख्यालय:

Nanda Devi Enclave Banjara Wala Dehradun Uttarakhand Mob 9412932030

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