27 जुलाई 2026 भोलेनाथ और माता पार्वती की कृपा से आपका आज का दिन सुख, समृद्धि और शांति से परिपूर्ण हो; by Chandra Shekhar Joshi Chief Editor & President Bagla Mukhi Peeth Dehradun Mob 9412932030

विक्रम संवत 2083 के आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि, मूल नक्षत्र और वैधृति योग से युक्त है। इस दिन जया-पार्वती व्रत भी आरंभ & सूर्योदय: सुबह 05:40 बजे। सूर्यास्त: शाम 07:15 बजे। & ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:46 बजे से 05:30 बजे तक। अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:19 बजे से 01:11 बजे तक। & 27 जुलाई 2026 को सितारों की स्थिति बताती है कि सकारात्मक सोच और सही योजना के साथ कदम बढ़ाना बहुत फायदेमंद रहेगा। धनु राशि में चंद्रदेव का गोचर मन में नए विचार और आगे बढ़ने की लगन जगाएगा। कर्क राशि के सूर्यदेव और बृहस्पतिदेव आपको पैसों और करियर के मामलों में सही दिशा दिखाएंगे। जल्दबाजी में जोखिम उठाने के बजाय अपनी बचत को मजबूत करने और पुराने अटके कामों को धीरज के साथ पूरा करने पर ध्यान दें। आइए, जानते हैं कि आज आपकी राशि के करियर और आर्थिक जीवन के लिए क्या नए संदेश हैं। आईने (दर्पण) में अपना चेहरा देखें या थोड़ा सा दूध पीकर निकलें और भोलेनाथ का स्मरण करें।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम पुण्यतिथि: (भारत के मिसाइल मैन और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम की स्मृति का दिन।)
27 जुलाई को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि और सोमवार का दिन है। त्रयोदशी तिथि सोमवार को शाम 4 बजकर 15 मिनट तक रहेगी, उसके बाद चतुर्दशी तिथि लग जाएगी। 27 जुलाई को रात 10 बजकर 55 मिनट तक वैधृति योग रहेगा। साथ ही सोमवार को सुबह 10 बजकर 29 मिनट तक मूल नक्षत्र रहेगा, उसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र लग जायेगा। इसके अलावा 27 जुलाई से जया-पार्वती व्रत की शुरुआत
सोमवार से जया-पार्वती व्रत की शुरुआत हो रही है और 31 जुलाई को समाप्त होंगे। यह व्रत विशेष तौर पर गुजरात में मनाया जाता है। बता दें कि जया पार्वती व्रत को विजया व्रत के नाम से भी जाना जाता है। जया पार्वती व्रत में माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है। यह लगातार पांच दिनों तक चलता है। विवाहित महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने के लिए और कन्यायें सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए पूरी श्रद्धा के साथ जया पार्वती व्रत को करती हैं। इस दिन विवाहित महिलाएं और कन्याएं बालू या रेत का हाथी बनाकर उस पर 5 तरह के फल फूल और प्रसाद अर्पित करती हैं।
27 जुलाई दिन है सोमवार और कल चंद्रमा दिन रात धनु राशि में संचार करेंगे। ऐसे में सप्ताह के पहले दिन चंद्रमा और गुरु के बीच राशि परिवर्तन योग बनेगा जो बहुत ही शुभ फलदायी योग है। साथ ही चंद्रमा से अष्टम भाव में शुभ ग्रह गुरु के होने से चंद्राधि योग भी बना है, ऐसे में कल 27 जुलाई का दिन वृषभ, मिथुन समेत कई राशियों के लिए शुभ लाभदायक
दही का तिलक & बजरंगबाण का पाठ & भगवान विष्णु की पूजा करें और ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप
मंगला तेरस / सोम प्रदोष व्रत का प्रभाव: (त्रयोदशी तिथि का मुख्य संबंध महादेव की पूजा से है। सोमवार के दिन यह तिथि होने से इसका धार्मिक महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है।) विजया-पार्वती व्रत: (माता पार्वती की विशेष पूजा का दिन, जो अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है।)