26 जुलाई: राष्ट्रीय चाची और चाचा दिवस: तुलसी मैया को दूध और जल अर्पित करें, तुलसी की मिट्टी से तिलक & कारगिल विजय दिवस ; 27 जुलाई से शनि की उल्टी चाल

भगवान शिव और श्री हरि विष्णु की कृपा से आपका आज का दिन अत्यंत कल्याणकारी और मंगलमय हो: BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR & PRESIDENT BAGLA MUKHI PEETH DEHRADUN Mob. 94129320630

27 जुलाई से शनि की उल्टी चाल & मंडराएगा संकट!  रोजाना या विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें।  पीपल की जड़ में जल अर्पित करें और 7 बार परिक्रमा करें। सावधानी: ध्यान रखें कि दीपक जलाने के बाद पीछे मुड़कर न देखें  & ‘छाया दान’ यह शनि के कड़े और कष्‍टकारी प्रभावों को दूर करने का सबसे कारगर उपाय & “ॐ शं शनैश्चराय नमः” या “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” शनि देव की मूर्ति की आँखों में सीधे न देखें, ^काले तिल, काले उड़द, जूते-चप्पल, छाता या काले कपड़े किसी ज़रूरत मंद को दान करें।

26 जुलाई 2026 का पंचांग: आज आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र और इंद्र योग है। सूर्योदय सुबह 05:42 बजे और सूर्यास्त शाम 19:11 बजे होगा। 26 जुलाई को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है, जो बहुत ही पुण्यदायी है। इस दिन प्रदोष व्रत और जयापार्वती व्रत भी शुरू हो रहे हैं। कोई भी नया और शुभ कार्य करने के लिए अभिजीत मुहूर्त सबसे उत्तम माना जाता है, जिसका समय दोपहर में 12:00 बजे से 12:55 बजे के बीच रहेगा। & कारगिल विजय दिवस  & प्रदोष काल (पूजा मुहूर्त): शाम 07:16 से रात 09:21 तक (भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष समय)

वार: रविवार पक्ष: शुक्ल पक्ष मास: आषाढ़ (विक्रमी संवत 2083) तिथि: द्वादशी (प्रातःकाल तक, तदनरांत त्रयोदशी) नक्षत्र: ज्येष्ठा (प्रातः 07:27 बजे तक, उसके बाद मूल) अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:54 बजे तक सूर्योदय: सुबह 05:42 बजे
सूर्यास्त: शाम 19:11 बजे राहुकाल: शाम 17:30 से 19:11 बजे तक  घर से निकलने से पहले दलिया या घी खाकर निकलें और सूर्य देव को जल अर्पित करें।

वासुदेव द्वादशी / वामन द्वादशी: (यह तिथि भगवान विष्णु के वामन अवतार और वासुदेव रूप की पूजा के लिए समर्पित है। देवशयनी एकादशी के अगले दिन इसका विशेष महत्व होता है।) प्रदोष व्रत (शुक्ल पक्ष): (रविवार के दिन प्रदोष व्रत होने से इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाता है, जो सुख-समृद्धि और अच्छी सेहत के लिए बेहद फलदायी माना जाता है।)

26 जुलाई दिन है रविवार और और चंद्रमा का गोचर आज धनु राशि में होने जा रहा है। गुरु की राशि में चंद्रमा का गोचर होने से आज शुभ स्थिति बनी है। जबकि आज दिन के स्वामी ग्रह सूर्य से द्वादश भाव में बुध और दूसरे भाव में सूर्य के शुक्र के होने से उभयचरी योग का संयोग बनेगा। साथ ही आज गुरु कर्क राशि में उच्च के होकर हंस राजयोग भी बनाएंगे। ऐसे में कल 26 जुलाई का दिन दिन मेष, कर्क, कन्या समेत कई राशियों के लिए भाग्यशाली रहेगा,

 26 जुलाई दिन है रविवार और दिन के स्वामी ग्रह रहेंगे सूर्य जो कर्क राशि में गुरु के साथ युति बनाएंगे। ऐसे में गुरु आदित्य योग का संयोग बनेगा। जबकि गुरु के कर्क राशि में होने से हंस राजयोग भी बनेगा। साथ कल के दिन सूर्य के द्वादश भाव में बुध मिथुन में और सूर्य द्वितीय भाव में रहेंगे जिससे उभयचरी योग बनेगा। ऐसे में कल 26 जुलाई का दिन मेष, कर्क, कन्या, धनु और मीन राशि के जातकों के लिए शुभ लाभदायक रहेगा। 

मेष राशि भगवान शिव का दूध के अभिषेक करना रहेगा शुभ।

कर्क राशि  चावल किसी को दें।

कन्या राशि  लाल गाय को गुड़ और रोटी खिलाना शुभ

धनु राशि  श्रीविष्णु चालीसा का पाठ करना शुभ 

मीन राशि अप्रत्याशित लाभ  : 6 जुलाई के दिन मीन राशि से दशम भाव में चंद्रमा का गोचर रहा है। ऐसे में ग्रहों की स्थिति को देखते हुए यह संकेत मिल रहा है कि मीन राशि के जातक प्रॉपर्टी और गृह निर्माण संबंधी काम के मामले में अनुकूल रहेगा। तुलसी मैया को दूध और जल अर्पित करें, तुलसी की मिट्टी से तिलक करें।

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