28 अगस्त 2026 शुक्रवार & राखी: चंद्र ग्रहण और पंचक ,राखी बांधने का मुहूर्त : 12.4pm to 12,53 pm & 12 राशियों के शुभ रंग & मीन राशि पीला और हल्का नारंगी रंग शुभ; For C.S. JOSHI

राखी राखी बांधने के लिए पहला मुहूर्त सुबह  5 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 4 मिनट  से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। ये दोनों मुहूर्त राखी बांधने के लिए उत्तम रहेगा। 

सावन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का आरंभ 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर होगा। पूर्णिमा तिथि का समापन 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर होगा।  रक्षाबंधन का त्यौहार 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। रक्षाबंधन अनुष्ठान का समय सुबह 6 बजकर 23 मिनट से सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। राखी बांधने के लिए पहला मुहूर्त सुबह  5 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 4 मिनट  से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। ये दोनों मुहूर्त राखी बांधने के लिए उत्तम रहेगा। 

मीन राशि पीला और हल्का नारंगी रंग शुभ; C.S. JOSHI Editor & President : Bagla Mukhi Peeth Dehradun Mob. 9412932030

28 अगस्त को हिंदू धर्म का प्रमुख त्यौहार रक्षाबंधन मनाया जाएगा। साथ ही इस दिन चंद्र ग्रहण और पंचक भी रहेगा & 28 अगस्त को श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि और शुक्रवार का दिन है। पूर्णिमा तिथि शुक्रवार सुबह 9 बजकर 49 मिनट तक रहेगी। 28 अगस्त को स्नान-दान की पूर्णिमा है। शुक्रवार को पूरा दिन पूरी रात पार कर के शनिवार सुबह 6 बजकर 36 मिनट तक सुकर्मा योग रहेगा। 28 अगस्त को देर रात 3 बजकर 14 मिनट तक शतभिषा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 28 अगस्त को पंचक और चंद्र ग्रहण भी रहेगा।  राखी बांधने का सबसे उत्तम मुहूर्त : राखी बांधने का सबसे उत्तम मुहूर्त- 28 अगस्त 2026 को सुबह 6 बजकर 23 मिनट से सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक

  • श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि- 28 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 49 मिनट तक
  • सुकर्मा योग- 28 अगस्त 2026 को पूरा दिन पूरी रात पार कर के कल सुबह 6 बजकर 36 मिनट तक
  • शतभिषा नक्षत्र-  28 अगस्त 2026 को देर रात 3 बजकर 14 मिनट तक
  • 28 अगस्त 2027 विशेष- रक्षाबंधन,  चंद्र ग्रहण, पंचक
  • राखी बांधने का सबसे उत्तम मुहूर्त- 28 अगस्त 2026 को सुबह 6 बजकर 23 मिनट से सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक ;
  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:51 ए एम से 05:37 ए एम
  • प्रातः सन्ध्या- 05:14 ए एम से 06:23 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 12:14 पी एम से 01:05 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:45 पी एम से 03:36 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 06:57 पी एम से 07:19 पी एम
  • सायाह्न सन्ध्या- 06:57 पी एम से 08:05 पी एम
  • अमृत काल- 07:44 पी एम से 09:23 पी एम

राहुकाल- 11:05 ए एम से 12:40 पी एम & सूर्योदय- सुबह 05:56 बजे  सूर्यास्त- शाम 06:47 बजे & 12 राशियों के शुभ रंग & बहनें अपने भाई की राशि के अनुसार राखी के रंग का चुनाव करती हैं तो उनके भाईयों का जीवन सुख-सौभाग्य और समृद्धि से भर जाता है। तो यहां जानिए रक्षाबंधन के दिन बहनों को अपने भाई को कौनसे रंग की राखी बांधनी चाहिए।

मेष राशि

अगर आपके भाई की राशि मेष है तो उसके लिए लाल या केसरिया रंग की राखी का चुनाव करें। मेष राशि के स्वामी मंगल ग्रह है।  मंगल ग्रह की राशि होने के कारण लाल रंग ऊर्जा, साहस और सफलता का प्रतीक माना जाता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए शुभ रंग सफेद और हल्का गुलाबी है। तो आपके भाई की राशि वृषभ है तो उनके लिए इसी रंग की राखी खरीदें। वृषभ राशि वालों का स्वामी शुक्र ग्रह है। शुक्र ग्रह से संबंधित यह राशि प्रेम, सुख और समृद्धि का प्रतीक है।

मिथुन राशि 

अगर आपके भाई की राशि मिथुन है तो उनके लिए हरे रंग की राखी लें। हरा रंग बुद्धि, संवाद क्षमता और सकारात्मक सोच को दर्शाता है। 

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए शुभ रंग सफेद और सिल्वर है। कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा है। सफेद रंग की राखी बांधने से आपके भाई पर चंद्रमा की कृपा बनी रहेगी और उनकी कुंडली में चंद्र मजबूत रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए सुनहरा या नारंगी रंग की राखी का चुनाव करें। ये सूर्य की ऊर्जा और आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला रंग माना जाता है। सिंह राशि के स्वामी सूर्य देव है।

कन्या राशि

कन्या राशि के लिए शुभ रंग हरा और हल्का भूरा रहेगा। बुध ग्रह की शुभता प्राप्त करने के लिए हरे रंग की राखी उत्तम मानी जाती है। बता दें कि कन्या राशि के स्वामी बुध ग्रह है।

तुला राशि

तुला राशि के स्वामी भी शुक्र ग्रह है। इनके लिए गुलाबी और सफेद रंग की राखी उत्तम रहेगी। इस रंग की राखी बांधने से शुक्र ग्रह मजबूत होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ता है।

वृश्चिक राशि

अगर आपके भाई की राशि वृश्चिक है तो उनके लिए लाल या मैरुन रंग की राखी चुनें। इस राशि के स्वामी मंगल है। लाल रंग की राखी बांधने से आपके भाई की शक्ति बढ़ती है और आत्मबल मजबूत होता है।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए पीला रंग शुभ रहेगा।  धनु राशि के स्वामी बृहस्पति (गुरु) हैं जिनका प्रिय रंग पीला माना जाता है। इस रंग की राखी बांधने से ज्ञान और भाग्य में वृद्धि होगी।

मकर राशि

मकर राशि के स्वामी शनि देव है। तो अगर आपके भाई की राशि मकर है तो उन्हें नीला या गहरा नीला रंग की राखी बांधें। शनि ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा के लिए यह रंग उपयुक्त होता है।

कुंभ राशि 

कुंभ राशि वालों के लिए शुभ रंग आसमानी और नीला रहेगा। तो रक्षाबंधन के दिन अपने भाई को इन्हीं रंग की राखी बांधें। ऐसा करने से आपके भाई को मानसिक शांति मिलेगी और सुख-समृद्धि में भी वृद्धि होगी। कुंभ राशि के स्वामी भी शनि देव हैं।

मीन राशि :

मीन राशि के स्वामी भी गुरु है। ऐसे में इस राशि के जातकों के लिए पीला और हल्का नारंगी रंग शुभ रहेगा। बृहस्पति देव की कृपा प्राप्त होगी और आध्यात्मिक उन्नति भी मिलेगी।

  • प्लास्टिक वाली राखी- ज्योतिषों के अनुसार, प्लास्टिक वाली राखियां भी कभी नहीं खरीदनी चाहिए। इसकी जगह रेशम के धागे वाली राखी खरीदें। 
  • भगवान की तस्वीर वाली राखी- भगवान की तस्वीर वाली राखी भी खरीदने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हाथ में भगवान वाली राखी बांधना उचित नहीं माना जाता है।
  • काले रंग की राखी- रक्षाबंधन पर अपने भाई के लिए काले रंग की राखी नहीं खरीदना चाहिए। हमेशा लाल, केसरिया या पीले शुभ रंगों वाली राखी खरीदें।
  • एविल आई वाली राखी- एविल आई वाली राखी भी खरीदने से बचना चाहिए। कुछ मान्यताओं के अनुसार, ऐसी राखी नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी मानी जाती है।
  • खंडित या टूटी हुई राखी- यदि राखी का कोई मोती टूटा हो, धागा उधड़ा हुआ हो या कोई हिस्सा निकला हो तो ऐसी राखी भूलकर भी न खरीदें।
  • अशुभ चिह्नों वाली राखी- बाजार में नकारात्मक प्रतीक वाली राखियां मिलती हैं। ऐसे में इस तरह की राखी बिल्कुल भी न लें। धार्मिक दृष्टि से भाई की कलाई पर केवल शुभ प्रतीकों वाली राखी ही बांधनी चाहिए।

 श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि को पावन पर्व रक्षाबंधन मनाया जा रहा है।  रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और रक्षा सूत्र के संकल्प का पर्व है। प्रातःकाल भद्रा रहित शुभ मुहूर्त में राखी बांधना शास्त्रसम्मत और शुभ रहेगा। शास्‍त्रानुसार देवी लक्ष्मी ने राजा बलि को अपना भाई बनाकर रक्षासूत्र बांधा था। भगवान श्रीकृष्ण ने भी चीरहरण के समय द्रौपदी की रक्षा कर वचन निभाया था।  यह पर्व हर वर्ष श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है।

सावन में भगवान भोलेनाथ की कृपा से आपका जीवन सुख, समृद्धि और अच्छी सेहत से परिपूर्ण हो! कल्याण हो! by CHANDRA SHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR & BAGLA MUKHI PEETH UTTRAKHAND. DEHRADUN

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