28 अक्टूबर 2026, बुधवार सूर्योदय- सुबह 06:29 बजे सूर्यास्त- शाम 05:39 बजे ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:47 AM से 05:39 AM राहुकाल: दोपहर 12:05 PM से 01:28 PM विजय मुहूर्त: दोपहर 01:56 PM से 02:41 PM अमृत काल: सुबह 11:15 AM से दोपहर 12:42 PM & भगवान गणेश की पूजा करें, हरी वस्तुओं (जैसे हरी मूंग या हरे वस्त्र) का दान करें & : भगवान गणेश को 21 दूर्वा की गांठें अर्पित करें। & ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का कम से कम एक माला जाप & गणेश जी को बेसन के लड्डू या मोदक का भोग लगाएं। बुधवार का दिन भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित & ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप & छोटे बच्चों या जरूरतमंद कन्याओं को कॉपी, पेन, पेंसिल या किताब दान by Chandra Shekhar Joshi Chief Editor & Founder President , Sadhak; Bagla Mukhi Peeth . Banjarawala Dehradun Mob. 9412932030
नई कार या बाइक खरीदना एक भारतीय परिवार के लिए एक बड़ा पल होता है। यह कोई ऐसी गाड़ी हो सकती है जिसे आपने कई सालों से बचाकर रखा हो, रोज़ाना ऑफिस आने-जाने के लिए स्कूटर हो, या नई नौकरी शुरू करने के बाद आपकी पहली कार हो। ज़ाहिर है, बहुत से लोग चाहते हैं कि खरीदारी की शुरुआत अच्छी हो। अक्टूबर 2026 में गाड़ी खरीदने की तारीखें 28 अक्टूबर और 30 अक्टूबर हैं
वाहन खरीदते या शोरूम से डिलीवरी लेते समय राहुकाल का समय टालें। इस दिन राहुकाल दोपहर 12:04 बजे से दोपहर 1:28 बजे तक रहेगा। अतः इस 1 घंटे 24 मिनट के दौरान गाड़ी की डिलीवरी लेने से बचें। दोपहर 1:28 बजे के बाद शुभ मुहूर्त में वाहन घर लाना सबसे अच्छा रहेगा।

29 अक्टूबर 2026 को करवा चौथ : करवा चौथ पर बेहद ही शुभ और दुर्लभ संयोग भी बन रहा है। तुला राशि में सूर्य बुध और शुक्र की युति से त्रिग्रही योग का निर्माण होगा। वहीं बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग भी बनेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, लक्ष्मी नारायण राजयोग का शुभ प्रभाव इन 3 राशियों पर सबसे अधिक पड़ेगा। इन राशि के जातकों को आर्थिक लाभ मिलेगा और घर-परिवार में भी खुशहाली बनी रहेगी।
28 अक्टूबर 2026, बुधवार को दोपहर 2 बजकर 38 मिनट से देर रात 1 बजकर 7 मिनट तक स्वर्ग लोक की भद्रा रहेगी। भद्रा जिस लोक में स्थित होती है केवल वही प्रभावी रहती है यानि कि पाताल लोक की इस भद्रा का पृथ्वी लोक पर कोई अशुभ प्रभाव नहीं पड़ेगा। लिहाजा शुभ मुहूर्त में शुभ कार्य किये जा सकते हैं।

28 अक्टूबर को कार्तिक कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि और बुधवार का दिन है। तृतीया तिथि बुधवार को देर रात 1 बजकर 7 मिनट तक रहेगी। 28 अक्टूबर को देर रात 3 बजकर 41 मिनट तक वरियान योग रहेगा। साथ ही बुधवार को दोपहर 1 बजकर 26 मिनट तक कृत्तिका नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 28 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 38 मिनट से देर रात 1 बजकर 7 मिनट तक स्वर्ग लोक की भद्रा रहेगी।
28 अक्टूबर 2026 का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त- 04:47 ए एम से 05:39 ए एम
- प्रातः संध्या- 05:13 ए एम से 06:30 ए एम
- अभिजित मुहूर्त- कोई नहीं
- विजय मुहूर्त – 01:56 पी एम से 02:41 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त- 05:39 पी एम से 06:05 पी एम
- सायाह्न संध्या- 05:39 पी एम से 06:56 पी एम
- अमृत काल- 11:15 ए एम से 12:42 पी एम
- निशिता मुहूर्त- 11:39 पी एम से 12:31 ए एम, अक्टूबर 29
- सर्वार्थ सिद्धि योग- पूरे दिन
कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 4 नवंबर को सुबह 11 बजकर 3 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि का समापन 5 नवंबर को सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, कार्तिक माह की पहली एकादशी यानी रमा एकादशी का व्रत 5 नवंबर 2026 को रखा जाएगा।
रमा एकादशी 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त
रमा एकादशी के दिन पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 52 मिनट से सुबह 5 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से आरंभ होगा और समाप्त दोपहर 12 बजकर 26 मिनट पर होगा। वहीं गोधूलि मुहूर्त सुबह 5 बजकर 33 मिनट से सुबह 5 बजकर 59 मिनट तक रहेगा।
रमा एकादशी व्रत का महत्व
रमा एकादशी को रंभा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन लक्ष्मी-नारायण की पूजा करने से व्यक्ति को धन-धान्य और खुशहाली की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही अगर किसी के विवाह में बाधा और देरी हो रही है तो रमा एकादशी का व्रत करने से इस समस्या का भी समाधान निकल जाता है। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान विष्णु की पूजा और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। इसके साथ ही तुलसी के पौधे की पूजा भी अवश्य करें। बस ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी में जल अर्पित नहीं करें और न ही तुलसी पत्ता तोड़ें।