आषाढ़ माह का आरंभ 12 जून 2025, चार मास तक भगवान विष्णु योग निद्रा में,  सेवा करें, वर्षा ऋतु की शुरुआत

By Chandra Shekhar Joshi Chief Editor; Himalayauk Leading Newsportal & youtube Channel & Daily Newspaper. Mob. 9412932030

आषाढ़ महीने में भगवान विष्णु की पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस मास से देवशयन आरंभ होता है, यानी भगवान विष्णु क्षीर सागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं। इस कारण इस माह के बाद से मांगलिक कार्य जैसे विवाह आदि कुछ समय के लिए वर्जित हो जाते हैं।   इस महीने अन्न, वस्त्र, छाता, जलपात्र आदि का दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है धार्मिक नियमों का उल्लंघन, झूठ बोलना, छल-कपट, चोरी जैसे कर्म से बचें।

आषाढ़ मास की शुरुआत इस वर्ष 11 जून को दोपहर 1 बजकर 13 मिनट ; आषाढ़ माह किसानों के लिए बहुत महत्व रखता है. दरअसल, खरीफ फसलों की बुवाई के लिए यह माह अति महत्वपूर्ण है. आषाढ़ शुक्ल एकादशी यानी देवशयनी एकादशी 6 जुलाई को है और इस दिन से चार मास तक भगवान विष्णु योग निद्रा में होंगे जिसे ‘चातुर्मास’ कहा जाता है. ऐसे में विवाह समेत कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किया जाएगा. हालांकि, आषाढ़ माह में भगवान विष्णु के निमित्त भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और तप करने का विशेष महत्व है. आषाढ़ माह में आत्मशुद्धि, दान-पुण्य करने का उत्तम फल प्राप्त होता है और पूजा-पाठ का फल कई गुना प्राप्त होता है.

आषाढ़ माह में भगवान विष्णु की विशेष पूजा और भक्ति करें. क्युंकि इसी महीने में देवशयनी एकादशी भी आती है. इस महीने में जल संरक्षण और जल दान अवश्य करना चाहिए. साथ ही जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और जल दान करें. तुलसी पूजन नियमित रूप से करें और तुलसी को जल अर्पित करें. साथ ही धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और तपस्या करें.

12 जून 2025 को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। इस दिन मूल नक्षत्र और शुभा योग का संयोग रहेगा। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो गुरुवार को अभिजीत मुहूर्त 12:13 − 13:53 मिनट तक रहेगा। राहुकाल 11:47 − 12:40 मिनट तक रहेगा।  आषाढ़ मास के दौरान पानी में गंगा, यमुना, नर्मदा या अन्य किसी पवित्र नदी के जल की कुछ बूंदे डालकर नहाने से तीर्थ स्नान का पुण्य मिलता है. यह महीना आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसमें कई बड़े धार्मिक पर्व, व्रत और अनुष्ठान होते हैं. इसमें विष्णु जी की पूजा करने वालों को अद्भुत लाभ मिलता है.

आषाढ़ माह में विष्णु जी, माता जी और सूर्य देव की पूजा करना शुभ होता है. इस महीने में जल संरक्षण और जल दान अवश्य करना चाहिए.

 12 जून को आषाढ़ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि और गुरुवार का दिन है। प्रतिपदा तिथि आज दोपहर 2 बजकर 28 मिनट तक रहेगी। आज दोपहर 2 बजकर 5 मिनट तक शुभ योग रहेगा। साथ ही आज रात 9 बजकर 57 मिनट तक मूल नक्षत्र रहेगा।

आषाढ़ माह में क्या न करें:

  • बैंगन, मसूर दाल, गोभी, लहसुन, प्याज आदि का सेवन न करें। 
  • मांस-मछली, मदिरा, नशीले पदार्थ और अनैतिक कृत्यों से दूर रहें। 
  • पत्तेदार सब्जियां और तेल वाली चीजें न खाएं। 
  • घर का निर्माण या मरम्मत कार्य न करें, क्योंकि बारिश के कारण रुकावटें आ सकती हैं। 

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