12 नवंबर 2025 को मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। आश्लेषा नक्षत्र और शुक्ला योग का संयोग बन रहा है। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं रहेगा। राहुकाल दोपहर 12:01 − 13:21 मिनट तक रहेगा & 12 नवंबर 2025, बुधवार का दिन है. आज मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और बुधवार का दिन है. बुधवार का दिन प्रथम पूजनयी भगवान गणेश को समर्पित है.
पंचांग के अनुसार, 12 नवंबर 2025 की शाम 6:35 बजे से चंद्रमा सिंह राशि में प्रवेश करेगा, जहां पहले से ही केतु स्थित रहेगा। इन दोनों की युति से ग्रहण योग का निर्माण होगा। यह योग 15 नवंबर 2025 की सुबह 3:51 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में चंद्रमा और केतु की संयुक्त ऊर्जा मानसिक, भावनात्मक और वित्तीय क्षेत्र पर असर डाल सकती है।
आकाश मंडल में एक तारा समूह को कहा जाता है। 27 नक्षत्र जिसमे होते हैं। और इन 27 नक्षत्रों का स्वामित्व नौ ग्रहों को प्राप्त है। 27 नक्षत्रों के नाम कृत्तिका नक्षत्र, रोहिणी नक्षत्र, मृगशिरा नक्षत्र, अश्विन नक्षत्र, भरणी नक्षत्र, आर्द्रा नक्षत्र, पुनर्वसु नक्षत्र, पुष्य नक्षत्र, आश्लेषा नक्षत्र, हस्त नक्षत्र, चित्रा नक्षत्र, स्वाति नक्षत्र, विशाखा नक्षत्र, मघा नक्षत्र, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, रेवती नक्षत्र, अनुराधा नक्षत्र, ज्येष्ठा नक्षत्र, श्रवण नक्षत्र, घनिष्ठा नक्षत्र, शतभिषा नक्षत्र, मूल नक्षत्र, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र।
12 नवंबर बुधवार का दिन है। मार्गशीर्ष माह (Margshirsh Month) की मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि 10:58 PM तक उपरांत नवमी, नक्षत्र आश्लेषा 06:35 PM तक उपरांत मघा ,शुक्ल योग 08:02 AM तक, उसके बाद ब्रह्म योग,करण बालव 10:58 AM तक, बाद कौलव 10:58 PM तक, बाद तैतिल
शुभ उपाय ग्रहण योग से राहत के लिए
12 नवंबर की शाम पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं।
मां लक्ष्मी और भगवान शिव की आराधना करें।
चांदी का सिक्का तिजोरी में रखें और लाल कपड़े में लपेटकर रख दें।
‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘ॐ कें केतवे नमः’ का जाप करें।
ग्रहण योग 12 नवंबर 2025 की शाम से शुरू होकर 15 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। यह समय आत्मनिरीक्षण और सावधानी का है। जिन राशियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, वे धार्मिक कार्यों, दान-पुण्य और ध्यान से ग्रहण दोष को कम कर सकती हैं।.
पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 24 नवंबर को रात 09 बजकर 22 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन 25 नवंबर को देर रात 10 बजकर 56 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, विवाह पंचमी 25 नवंबर मनाई जाएगी।
आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
आज का उपाय-कालभैरव मन्दिर में उड़द के बड़े, दही, मसूर की दाल और काला वस्त्र चढाएं।
वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
नवंबर 2025 मुहूर्त
| 12 नवम्बर 2025, बुधवार | रात 12:51 बजे से 13 नवम्बर 2025, सुबह 06:42 बजे तक |
| 13 नवम्बर 2025, बृहस्पतिवार | सुबह 06:42 बजे से शाम 07:38 बजे तक |
| 16 नवम्बर 2025, रविवार | सुबह 06:47 बजे से 17 नवम्बर 2025, रात 02:11 बजे तक |
| 17 नवम्बर 2025, सोमवार | सुबह 05:01 बजे से 18 नवम्बर 2025, सुबह 06:46 बजे तक |
| 18 नवम्बर 2025, मंगलवार | सुबह 06:46 बजे से सुबह 07:12 बजे तक |
| 21 नवम्बर 2025, शुक्रवार | सुबह 10:44 बजे से दोपहर 01:56 बजे तक |
| 22 नवम्बर 2025, शनिवार | रात 11:27 बजे से 23 नवम्बर 2025, सुबह 06:50 बजे तक |
| 23 नवम्बर 2025, रविवार | सुबह 06:50 बजे से दोपहर 12:09 बजे तक |
| 25 नवम्बर 2025, मंगलवार | दोपहर 12:50 बजे से रात 11:57 बजे तक |
| 30 नवम्बर 2025, रविवार | सुबह 07:12 बजे से 01 दिसम्बर 2025, सुबह 06:56 |