24 MAY 2025; पहलगाम आतंकी हमले की पीड़ित महिलाओं को लेकर हरियाणा से भाजपा के राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने विवादित बयान दिया. भाजपा सांसद ने कहा, “जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में सुहाग खोने वाली महिलाओं में वीरांगनाओं जैसा भाव नहीं था, जोश और जज्बा नहीं था. इसलिए हाथ जोड़कर गोली का शिकार बन गए और 26 लोग मारे गए.” HIMALAYAUK NEWS
रामचंद्र जांगड़ा ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, “जो ट्रेनिंग पीएम मोदी इस देश के लोगों को देना चाहते हैं अगर ये ट्रेनिंग उन पर्यटकों के पास होती तो तीन उग्रवादी 26 लोगों को नहीं मार सकते थे. उनके हाथ में जो भी आता लाठी या डंडा, अगर उनपर चारों तरफ से हमला कर दिए होते तो ज्यादा से ज्यादा पांच या छह ही लोग मारे जाते और आतंकवादी भी मारे जाते. हमारे पर्यटक हाथ जोड़कर मारे गए, हाथ जोड़ने से कोई नहीं छोड़ता. जो लोग मारने के लिए आए थे, जिनके अंदर दया का भाव ही नहीं था वे हाथ जोड़ने से कैसे छोड़ देते.”
आतंकवादी हमले की पीड़ित महिलाओं के लिए इस बयान के बाद सांसद रामचंद्र जांगड़ा की काफी निंदा हो रही है. इस बयान के बाद कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टी इस बयान को असंवेदनशील कह रहे हैं. वहीं, भाजपा सांसद के इस बयान की निंदा करते हुए कांग्रेस के सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने पलटवार किया है.
जो हमारी वीरांगनाएं बहन थीं, जिनकी मांग का सिंदूर छीन लिया गया, अगर उन्होंने अहिल्याबाई का इतिहास पढ़ लिया होता तो उनके सामने उनके पति को इस तरह कोई गोली नहीं मार सकता था चाहे वो भी शहीद हो जातीं, लेकिन उनमें वीरांगनाओं को भाव ही नहीं थी, जोश नहीं था, जज्बा नहीं था. इसलिए हाथ जोड़कर गोली का शिकार हो गए.
भाजपा सांसद रामचंद्र जांगड़ा के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी में शहीदों और पीड़ित लोगों को अपमानित करने की होड़ मची हुई है.” उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री से कहना है कि जिनके सिंदूर उजड़े हैं, उनके प्रति तो आपके नेता थोड़ी संवेदनशीलता दिखाएं.”
इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, “पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भाजपा के सांसदों में सेना को अपमानित करने की होड़ लगी है. पहले भारतीय सेना की अधिकारी के लिए बीजेपी नेता विजय शाह का बयान, फिर बीजेपी के विचारधारा वाले इंफ्लूएंसर ने हिमांशी नरवाल को ट्रोल किया और अब हरियाणा के भाजपा सांसद का यह बयान इस बात को साफ-साफ दर्शाता है कि बीजेपी इस मुद्दे पर कितनी असंवेदनशील है.”
उन्होंने कहा, “किसी के परिवार के सदस्य मारे गए, किसी का सुहाग उजड़ा, लेकिन भाजपा के नेता असंवेदनशील बने हुए हैं. भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को इन नेताओं की मॉनिटरिंग करनी चाहिए. ये और भी शर्मनाक है कि अब तक किसी नेता का पार्टी से निष्कासन नहीं हुआ.”
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने पीएम मोदी पर भी निशाना साधा. पाकिस्तान के साथ हुए सीजफायर को लेकर उन्होंने कहा, “ट्रंप सीजफायर कर देते हैं और हमारे देश के मुखिया चुप रहते हैं. हमारी सेना के हाथ किसने बांधे हैं? वे कौन-सी मित्रता निभा रहें?”
उन्होंने कहा, “जो काम देश के प्रधानमंत्री को करना चाहिए वो काम विपक्ष के नेता राहुल गांधी कर रहे हैं. पीएम मोदी रैलियां कर रहे हैं और चुनावी भाषण दे रहे हैं जबकि राहुल गांधी आज पुंछ में पीड़ितों के बीच मौजूद हैं और प्रधानमंत्री मोदी के नेता बयानबाजी कर रहे हैं
उन्होंने ये भी कहा, “इसलिए यह संग्राम का इतिहास पढ़ाने की परंपरा हमारे देश में 2014 के बाद से प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद हुआ है ,ताकि हमारे देश की हर नारी के अंदर रानी अहिल्या बाई का जज्बा हो.”
बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने बैसरन वैली में घूमने गए 26 पर्यटकों को गोली मारकर हत्या कर दी. वहीं अब इसके पीड़ितों को लेकर बीजेपी के सांसद ने विवादित बयान दिया है.