13 नवंबर को मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि & मघा नक्षत्र और ब्रह्मा योग का संयोग & गुरुवार को अभिजीत मुहूर्त 11:40 − 12:23 मिनट तक रहेगा। राहुकाल दोपहर 13:21 − 14:41 मिनट तक रहेगा। सूर्योदय का समय : 06: 42 ए एम सूर्यास्त का समय : 05: 28 पी एम BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR MOB. 9412932030
13 नवंबर 2025, दिन गुरुवार को मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रहेगी। यह तिथि रात्रि 11 बजकर 34 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इस दिन सूर्य तुला राशि में और चंद्रमा सिंह राशि में गोचर करेगा। & 13 नवंबर 2025: इस दिन ग्रहों का उत्तम योग बन रहे है। गुरु, बुध वक्री हो गए हैं, शनि मीन, गुरु कर्क, राहु कुंभ और सूर्य अभी तुला राशि में हैं।

गुरुवार दोपहर 1:30 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को शुभ मुहूर्त नहीं माना जाता है, जिसमें कोई भी शुभ काम करने की मनाही है। राहुकाल का समय हर रोज होता है। दिन के अनुसार राहुकाल के समय में भी अंतर होता है। राहुकाल में कोई भी काम करते हैं तो उसमें सफलता प्राप्त होना कठिन हो जाता है, कई प्रकार की बाधाएं आने लगती हैं। राहुकाल का अधिपति ग्रह राहु है, जोकि शुभ फल प्रदान नहीं करता है। हर दिन डेढ़ घंटे का समय राहुकाल का होता है। मान्यताओं के अनुसार सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक के समय का आठवां हिस्सा राहु का माना जाता है, वही राहुकाल होता है। सूर्योदय के समय, स्थान और दिन के अनुसार राहुकाल की गणना की जाती है। मंगलवार, शनिवार और रविवार के राहुकाल की अनदेखी नहीं की जा सकती । इन तीनों दिनों में राहुकाल के समय में राहु बहुत प्रभावी होता है। यदि राहुकाल में राहु के मंत्र “ॐ रां राहवे नमः का जाप किया जाए तो व्यक्ति को राहु शुभ फल के साथ शांति भी प्रदान करता है।
इस दिन मघा नक्षत्र शाम 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। योग की बात करें तो दिन की शुरुआत ब्रह्म योग से होगी, जो सुबह 6 बजकर 57 मिनट तक रहेगा, इसके बाद इन्द्र योग प्रारंभ होगा जो अगले दिन सुबह 6 बजकर 27 मिनट तक चलेगा। करण क्रम में पहले तैतिल करण सुबह 11 बजकर 11 मिनट तक रहेगा, उसके बाद गर करण रात 11 बजकर 34 मिनट तक और उसके बाद वणिज करण प्रारंभ होगा।
13 नवंबर के दिन यमगण्ड काल सुबह 6 बजकर 43 मिनट से 8 बजकर 5 मिनट तक तथा गुलिक काल सुबह 9 बजकर 27 मिनट से 10 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त का समय सुबह 10 बजकर 21 मिनट से 11 बजकर 5 मिनट तक और दोपहर 2 बजकर 43 मिनट से 3 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। वहीं वर्ज्यम् काल सुबह 7 बजकर 6 मिनट से 8 बजकर 46 मिनट तक तथा प्रातः 4 बजकर 12 मिनट से 5 बजकर 55 मिनट तक रहेगा।
शुभ कार्यों के लिए आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 49 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा, जो किसी भी नए कार्य या शुभ आरंभ के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है। इसके अलावा अमृत काल शाम 5 बजकर 21 मिनट से 7 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। साधना और ध्यान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 7 मिनट से 5 बजकर 55 मिनट तक रहेगा।
13 नवंबर 2025 को मार्गशीर्ष माह की कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रहेगी. तिथि, नक्षत्र और ग्रह स्थिति का प्रभाव राशि जातकों के जीवन पर पड़ता है.
इस दिन आनन्दादि योग में पहले मुसल योग शाम 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगा, उसके बाद गद योग प्रारंभ होगा। चन्द्राष्टम नक्षत्र में उत्तराषाढ़ा (अंतिम 3 पाद), श्रवण और धनिष्ठा (प्रथम 2 पाद) के जातकों के लिए यह दिन मिश्रित फलदायक रहेगा। गण्डमूल नक्षत्र में मघा नक्षत्र शाम 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगा
प्रतिदिन “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का जाप करें।