कांग्रेस ने राज्य के लिए नए जिला और शहर अध्यक्षों के नामों का ऐलान कर दिया है। HIMALAYAUK LEADING NEWSPORTAL & YOUTUBE CHANNEL & WHATSUP CHANNEL & PRINT MEDIA. BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR MOB. 9412932030
अहमदाबाद: कांग्रेस ने गुजरात में संगठन सृजन अभियान की कवायद के बाद राज्य के नए जिला एवं शहर प्रमुखों को ऐलान कर दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पहल पर पार्टी ने गुजरात से जिला अध्यक्षों के नियुक्ति की प्रक्रिया में बदलाव किया था। पार्टी ने अहमदाबाद शहर अध्यक्ष सोनल पटेल को बनाया है तो वहीं वडोदरा शहर और जिले में पुराने प्रमुखों को बरकरार रखा है। राहुल गांधी ने गुजरात का दौरा किया था। इसके बाद उन्होंने AICC के पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के साथ पीसीसी आर्ब्जवर नियुक्त किए थे। इसके बाद पार्टी ने नए शहर/जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की है। कांग्रेस द्वारा घोषित की गई सूची में अध्यक्षों को रिपीट किया गया है लेकिन एक अनुमान के तहत करीब 50 फीसदी ऐसे नाम हैं। जिन्हें पहली बार जिला/शहर अध्यक्ष का दायित्व मिला है।
कांग्रेस ने गुजरात में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपनी तैयारी तेज कर दी है। गुजरात में चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाते हुए 40 जिला और शहर अध्यक्षों की नियुक्ति की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने ‘संगठन सृजन’ अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत 40 जिला एवं शहर इकाइयों के अध्यक्ष बनाए गए।
कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान की शुरुआत गुजरात से ही की है। इसके तहत कांग्रेस ने लगभग 50 प्रतिशत नियुक्तियों में ऐसे नेताओं को जगह दी है, जिन्हें पहली बार जिला या शहर अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आने वाले दिनों में कांग्रेस इस अभियान के तहत अन्य राज्यों में भी जिला अध्यक्षों की घोषणाएं करेगी। इस प्रक्रिया में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के पर्यवेक्षकों की भूमिका अहम रही है।
कांग्रेस ने 2027 में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में पार्टी को मजबूत करने के उद्देश्य से संगठन सृजन अभियान की शुरुआत की है। इस दिशा में जिला अध्यक्षों की जिम्मेदारी तय करना एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसी अभियान के तहत आने वाले कुछ महीनों में अन्य राज्यों में भी जिला अध्यक्षों की नियुक्तियां की जाएंगी।
एक बयान में कहा गया है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुजरात में जिला और शहर कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) अध्यक्षों की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी है। ये नियुक्तियां संगठन सृजन अभियान के तहत एक कठोर संगठनात्मक तहत की गई लंबी कवायद के बाद हुई हैं। 2027 के गुजरात विधानसभा चुनावों में बीजेपी को कड़ी टक्कर देने के लिए कांग्रेस ने गुजरात से संगठन में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की है। इसके बूथ से लेकर जिला स्तर तक पार्टी संरचना को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा गया है।
संगठन सृजन अभियान के तहत हुए बदलावों को लेकर कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुजरात में जिला और शहर कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) अध्यक्षों की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी है। ये नियुक्तियां ‘संगठन सृजन’ अभियान के तहत चल रही व्यापक संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। इस अभियान का उद्देश्य बूथ से लेकर जिला स्तर तक पार्टी की संरचना को फिर से सक्रिय करना है, जिसमें पारदर्शी, समावेशी और विचारधारा आधारित नेतृत्व चयन पर विशेष जोर दिया गया है।
पार्टी ने 12 अप्रैल, 2025 को गुजरात के सभी जिलों में 43 एआईसीसी पर्यवेक्षक और 183 पीसीसी पर्यवेक्षकों को तैनात किया थाा। इनमें राज्य प्रभारी, सांसद, विधायक और पूर्व पीसीसी अध्यक्ष शामिल थे। इसके बाद एआईसीसी पर्यवेक्षकों ने पीसीसी पर्यवेक्षकों के साथ मिलकर सभी 26 लोकसभा क्षेत्रों, 182 विधानसभा क्षेत्रों और लगभग सभी 235 ब्लॉक कांग्रेस समितियों का दौरा किया था। इसके बाद जिला और शहर अध्यक्षों के नाम तय किए गए थे। गुजरात में कांग्रेस अब तब सबसे खराब स्थिति में है। 26 लोकसभा सीटों में कांग्रेस के पास सिर्फ बनासकांठा सीट है, जबकि विधानसभा में उसके सिर्फ पास सिर्फ 12 विधायक हैं। कांग्रेस के प्रदेश प्रमुख शक्ति सिंह गोहिल इकलौते राज्यसभा सदस्य हैं। उनका कार्यकाल अगले साल अप्रैल तक है।
12 अप्रैल को 43 एआईसीसी पर्यवेक्षकों और 183 पीसीसी पर्यवेक्षकों को गुजरात के सभी जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बाद, एआईसीसी पर्यवेक्षकों ने पीसीसी पर्यवेक्षकों के साथ मिलकर राज्य के सभी 26 लोकसभा क्षेत्रों, 182 विधानसभा क्षेत्रों और लगभग 235 ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के साथ विचार-विमर्श किया।