उत्तराखण्ड के अकूत दौलत के महाभ्रष्ट भी सुरक्षित रहने के लिए पुकार रहे महामाई , परन्तु उनका घडा भरेगा तो फूटेगा,
दूसरे राज्य से तांत्रिकों को बुलाना और अघोरी पूजा कराना क्या उचित
17 JUNE 2025 (HIMALAYAUK LEADING NEWSPORTAL & DAILY NEWSPORTAL & DAILY NEWSPAPER) Mob. 9412932030
शिवसेना यूबीटी नेता वसंत मोरे ने भरत गोगावले को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा, “गोगावले से मेरा सवाल है – 17 अक्टूबर 2024 को बगलामुखी मंदिर से पुजारी क्यों बुलाए गए थे? जो पूजा कराई गई, वह किस लिए थी? गोगावले ने 11 पुजारियों को बुलाकर किस चीज की पूजा करवाई? दूसरे राज्य से तांत्रिकों को बुलाना और अघोरी पूजा कराना क्या उचित है?”
राज्य में शिवसेना शिंदे गुट के मंत्री भरत गोगावले ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने घर में ‘अघोरी’ पूजा की थी, ऐसा आरोप शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता वसंत मोरे ने लगाया है। इस संबंध में वे अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति में शिकायत दर्ज कराएंगे, ऐसा वसंत मोरे ने कहा है। शिवसेना उद्धव गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे हमेशा अपनी पत्नी रश्मि की बात मानते हैं।
रश्मि ठाकरे के राजनीतिक हस्तक्षेप की वजह से ही शिवसेना टूट गई, ऐसा आरोप गोगावले ने लगाया था। इसी पर पलटवार करते हुए मोरे ने गोगावले पर निशाना साधा। मोरे ने कहा कि गोगावले की समझदारी खत्म हो चुकी है और रश्मि ठाकरे पर लगाए गए उनके आरोप पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद हैं।
चुनाव से पहले भरत गोगावले ने अपने घर में अघोरी पूजा क्यों करवाई थी? इस पर सवाल उठाते हुए वसंत मोरे ने कहा कि ओम फट स्वाहा जैसे मंत्रों का जाप करने वालों को इस पूजा के लिए बुलाया जाता है। महाराष्ट्र के कई नेता वहां जाते हैं। एक पूजा के लिए करीब 15 लाख रुपये खर्च होते हैं, ऐसा बड़ा खुलासा भी मोरे ने किया है।
“ॐ फट् स्वाहा” एक शक्तिशाली मंत्र है, लेकिन इसकी शक्ति आध्यात्मिक और मानसिक है,
“ओम फट् स्वाहा” एक प्रसिद्ध मंत्र है जो अक्सर हिंदू धर्म में देवी-देवताओं को आहुति देता है या प्रार्थना के अंत में उपयोग करता है।।। “स्वाहा” शब्द का अर्थ “यह निकर है” या “ऐसा ही हो” है, और इसे देवताओं को प्रसाद या प्रार्थना स्वीकार करने के लिए कहा जाता है। “फट” एक शक्तिशाली बीज मंत्र है जो सुरक्षा प्रदान करने के लिए माना जाता है। “ओम” एक पवित्र ध्वनि है जो ब्रह्मांड का प्रतिनिधित्व करती है।
फट्:
यह एक बीज मंत्र है जो शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक है।
त्रों में असीम शक्ति होती है लेकिन उनको सिद्ध करने की प्रयोग करने की विशेष विधि होती है।घर की चाभी से कार स्टार्ट नही होती न कैलकुलेटर से फोन लगता।सही वस्तु मंत्र का सही प्रयोग करना सीखना पड़ता है। कुछ मंत्रो के लिए देवताओं को दुहाई दि जाती है।
रामचरितमानस ग्रंथ के श्लोक मंत्र रुप है।
हनुमान चालीसा मंत्र रुप है।
दुर्गा सप्तशती के श्लोक मंत्र रुप है।
श्रीमद्भगवद्गीता मंत्र रुप है।
जरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू देश पर सबसे लंबे समय तक तक शासन करने वाले नेता हैं। 21 अक्टूबर 1949 को सुबह 10.15 बजे राजधानी तेल अवीव में जन्मे नेतन्याहू की कुंडली वृश्चिक लग्न की है। वृश्चिक लग्न की नेतन्याहू की कुंडली में लाभ के एकादश भाव में बैठे केतु नवमेश चन्द्रमा और लाभेश बुध के साथ शुभ युति में होकर उनको अपने शत्रुओं से युद्ध में विजय का आश्वासन दे रहे हैं। केतु की महादशा में चल रहे नेतन्याहू अपने शत्रुओं को पराजित करने में सफल हो सकते हैं। ऐसे में संघर्ष में इजरायल का पलड़ा भारी होने के स्पष्ट ज्योतिषीय संकेत हैं।