जन संघर्ष मोर्चा ने दागा तीखा सवाल

देहरादून विकासनगर -जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के फर्जी जीरो टॉलरेंस एवं मिली भगत के चलते सहकारी बैंक चतुर्थ श्रेणी (सहयोगी/गार्ड) भर्ती वर्ष 2022 में भारी अनियमितता हुई, जिसके तहत भर्ती में भारी लेनदेन हुआ, जिसमें नियमों को तार- तार करने का काम किया गया | सूत्र बताते हैं कि सूबे के मुखिया की सरपरस्ती में यह घिनौना खेल खेला गया तथा उनके निर्देश पर ही संबंधित विभाग के मंत्री भी दबाव में आकर कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हैं यानी वह भी अपनी कुर्सी बचाने के लिए खामोशी अख्तियार किए हुए हैं | अगर उक्त घोटाले में मुखिया की शह पर साँठ-गांठ नहीं हुई थी तो क्यों नहीं विभागीय मंत्री और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई !

नेगी ने कहा कि उक्त घोटाले के मामले में गठित जांच कमेटी द्वारा जनपद देहरादून,उधम सिंह नगर व पिथौरागढ़ की रिपोर्ट लगभग ढाई- तीन वर्ष पूर्व यानी 20 जून 2022, 2 सितंबर 2022 व 26 सितंबर 2022 के द्वारा शासन को सौंप दी थी, लेकिन आज तक उक्त रिपोर्ट सदन के पटल पर नहीं रखी गई | उक्त मामले में मोर्चा द्वारा राज भवन /मुख्यमंत्री से भर्ती घोटाले की जांच रिपोर्ट सदन पर रखे जाने को लेकर कई बार आग्रह किया, लेकिन बेशर्म/ गैर जिम्मेदार सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ा !

नेगी ने कहा कि सचिव,सहकारिता द्वारा उक्त भर्ती में अनियमितता पाए जाने के उपरांत पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने के निर्देश निबंधक, सहकारिता को दिए थे, लेकिन भर्ती निरस्त करने की बजाय 2-4 लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर सिर्फ जनता की आंख में धूल झोंकने का काम किया गया| उक्त भर्ती घोटाले में नौकरी पाये लोगों की बैंक डिटेल (लेनदेन) का संज्ञान नहीं लिया गया |

उक्त भर्ती में नौकरी पाने के समय कई अभ्यर्थियों ने अपने बैंक खातों से बहुत बड़ी रकम लगभग 10-15 लाख (प्रत्येक ने) रुपए का लेनदेन किया था एवं ऊंची पहुंच वालों तथा भाई- भतीजावाद का भी विशेष ध्यान रखा गया था|

नेगी ने कहा कि सहकारिता विभाग द्वारा प्रदेश के सहकारी बैंकों में 423 चतुर्थ श्रेणी (सहयोगी/ गार्ड) कर्मचारियों की भर्ती कराई गई थी, जिसमें देहरादून, अल्मोड़ा, नैनीताल, पिथौरागढ़ व उधम सिंह नगर जनपद में बड़े पैमाने पर जालसाजों ने भर्ती घोटाले को अंजाम दिया था ,जिसको लेकर सरकार ने 01अप्रैल 2022 व 4 अप्रैल 2022 को जांच कमेटी गठित की थी|

मोर्चा प्रदेश के मुखिया तथाकथित धाकड़ सरकार से मांग करता है कि अगर थोड़ी भी शर्म बाकी है तो काबिल लोगों से की गई नाइंसाफी के मामले में माफी मांगें | पत्रकार वार्ता में- मोर्चा महासचिव आकाश पंवार व दिलबाग सिंह मौजूद थे |

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