24 अगस्त को 5 राशियों पर मेहरबान रहेंगे नवग्रह, : रविवार को लक्ष्मी नारायण योग में सूर्यदेव चमकाएंगे किस्मत; बगुला मुखी साधक 4 बजे बगलामुखी पूजा उपरातं कुमायूं प्रस्थान

 24 अगस्त 2025 को भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। इस तिथि पर पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र और शिव योग का संयोग रहेगा। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो रविवार को अभिजीत मुहूर्त 11:57 − 12:48 रहेगा। राहुकाल दोपहर 17:10 − 18:47 मिनट तक रहेगा। Chandra Shekhar Joshi mob. 9412932030

: रविवार को लक्ष्मी नारायण योग में सूर्यदेव चमकाएंगे किस्मत & 4 अगस्त, रविवार के दिन कर्क राशि में लक्ष्मी नारायण योग बन रहा है। ऐसे में सूर्यदेव मेष, कर्क, वृश्चिक, मीन राशि पर मेहरबान रहेंगे और इन्हें कारोबार में बड़ी सफलता दिला सकते हैं। समाज में इन्हें विशेष मान-सम्मान प्राप्त होगा और व्यापार में नई योजनाओं से लाभ कमाने के मौके मिलेंगे। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी और बड़ा नाम कमाएंगे। नौकरी करने वालों को उन्नति के नए मार्ग मिलेंगे और बिजनेस में जोखिम उठाने से लाभ मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में अधूरे काम पूरे होंगे और परिवार का माहौल भी सुखद बना रहेगा।

24 अगस्त 2025) भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि & नवग्रहों की विशेष कृपा  & 24 अगस्त को सुबह 11:48 मिनट तक भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी, जिसके बाद द्वितीया तिथि रहेगी। जबकि दिनभर समय-समय पर पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र, शिव योग, सिद्ध योग, बव करण और बालव करण बन रहा है। इसके अलावा कुछ ग्रह बेहद शुभ स्थिति में रहेंगे, जिसका गहरा प्रभाव सभी राशियों  पर पड़ेगा।  सूर्योदय – 6:10 AM सूर्यास्त -6:48 PM

23 अगस्त की सुबह 12:16 मिनट तक कर्क राशि में ये महायुति बनी  &  23 अगस्त 2025 को चंद्र कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में गोचर , जिससे ये महायुति भंग । हालांकि शुक्र और बुध कर्क राशि में &  ग्रह शुक्र की इस महायुति से किन-किन राशियों को लाभ

24 अगस्त 2025भाद्रपद शुक्ल पक्ष प्रतिपदा,कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,रविवार आज के दिन कोई भी शुभ काम करना हो तो कर सकते हैं। आज का दिन हर दृष्टि से शुभ फलदायी है।

ब हिरण्याक्ष नामक असुर ने पृथ्वी को समुद्र में डुबो दिया था, तब भगवान विष्णु ने वराह यानी सूअर रूप में अवतार लिया। उन्होंने समुद्र में जाकर अपने दांतों पर पृथ्वी को उठाकर बाहर निकाला और असुर का वध किया। ये अवतार धर्म की पुनः स्थापना, पृथ्वी की रक्षा, और असुरों के विनाश का प्रतीक है।

 2025 में वराह जयंती 25 अगस्त के दिन है। इस दिन सोमवार का दिन है। भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि 25 अगस्त को दोपहर के 12.35 बजे शुरू होकर 26 अगस्त की दोपहर को 1.54 बजे समाप्त हो रही है। पूजा के अति शुभ समय दोपहर के 1.40 बजे से लेकर शाम के 4.15 बजे तक होगा।

पौराणिक कथा के अनुसार, दैत्यराज हिरण्याक्ष ने मायावी शक्तियों से पृथ्वी देवी को गहरे समुद्र में ले जाकर कहीं छिपा दिया। इससे पृथ्वीवासी और देवता असहाय हो गए और ब्रह्मांड का संतुलन बिगड़ने लगा। तब भगवान विष्णु ने वराह अवतार लिया। वराह यानी एक विशालकाय शूकर का रूप लेकर भगवान महासागर में उतरे और फिर उन्होंने पहले हिरण्याक्ष का अंत किया और फिर पृथ्वी देवी की रक्षाकर उन्हें अपने दांतों पर उठाकर जल से बाहर निकाल निकाला। उन्होंने धरती को पुनः उसकी जगह पर स्थापित किया। इस तरह भगवान श्रीहरि ने वराह अवतार लेकर समस्त मानव जाति और धर्म की रक्षा की।

मेष राशि (अ, च, चू, चे, ला, ली, लू, ले)

वृषभ राशि (उ, ए, ई, द, दी, वो, औ)

मिथुन राशि (क, के, को, घ, छ, ह, ड)

कर्क राशि (ह, हे, हो, ही, डा, डो)

सिंह राशि (म, मे, मी, टे, टा, टी)

कन्या राशि (प, पे, पो, ष, ण)

तुला राशि (रे, रो, रा, ता, ते, तू)

वृश्चिक राशि (लो, ने, नी, नू, या, यी)

धनु राशि (धा, ये, यो, भी, भू, फा, ढा)

मकर राशि (जा, जी, खो, खू, ग, गी, भो)

कुंभ राशि (गे, गो, सा, सू, से, सो, द)

मीन राशि (दी, दो, दू, चा, ची, झ)

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