अंकशास्त्र की दृष्टि से, वर्ष 2025 में मूलांक 9 (मंगल द्वारा शासित) और 7 (केतु द्वारा शासित) तथा 11 (सूर्य द्वारा शासित) की ऊर्जाएँ विद्यमान हैं। वर्ष प्रवेश कुंडली को देखते हुए भी, वर्ष सूर्य (आत्मा के स्वामी) के प्रभाव में है।
पद छोड़ने के लिए काफी दबाव का सामना करना पड़ सकता है; पद पर संकट आने की संभावना & नवंबर और दिसंबर 2025 में शनि की उलट चाल या किसी अन्य ग्रह की स्थिति के कारण संकट की संभावना की भविष्यवाणी ज्योतिषीय विश्लेषण पर आधारित है, न कि किसी विशिष्ट व्यक्ति के लिए। विभिन्न ज्योतिषीय स्रोतों के अनुसार, 2025 में शनि के गोचर से कई राशियों में परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। भविष्यवाणियाँ और ज्योतिषीय विवरण अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए किसी विशेष व्यक्ति के लिए “संकट के बादल” जैसी बातें एक सामान्य ज्योतिषीय अनुमान हैं।

2025 में शनि के गोचर के कारण परिवर्तन हो सकते हैं, जिससे कुछ लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। & 2025 में चंद्र ग्रहण और शुक्र का वक्री होना जैसी अन्य ज्योतिषीय घटनाएं भी होने की संभावना है, जो कुछ राशियों के लिए “संकट के बादल” ला सकती हैं। & अंकज्योतिष के अनुसार, 2025 में अंक 9 (मंगल द्वारा शासित) और 7 (केतु द्वारा शासित) की ऊर्जाएँ अधिक प्रभावी होंगी, जिससे कुछ लोगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
2025-26 के आसपास जब शनि गोचर में मीन राशि में होंगे, तो ज्योतिष पूर्वानुमान कहता है कि उत्तराखंड को नया मुख्य सेवक मिल सकता है, वर्तमान को पद छोड़ने के लिए काफी दबाव का सामना करना पड़ सकता है। यह उनकी कुंडली में कुछ विशेष योगों के कारण हो सकता है, जिससे उनके पद पर संकट आने की संभावना है। छाया ग्रह राहु और केतु भी चुनौतियां पैदा कर रहे हैं। 2025 से इनके सितारे कुछ उलट चाल चलेंगे जिससे इनकी सरकार पर संकट के बादल दिखेंगे।
चन्द्रशेखर जोशी मुख्य पुजारी : बगलामुखी पीठ, बंजारा वाला देहरादून & नाग वंशीय वशिष्ठ गोत्र ब्राह्मण, कोली, पतेत, थल,
राजनीति में भविष्य का अनुमान लगाना मुश्किल होता है राजनीतिक भविष्यवाणियां अक्सर गलत क्यों साबित होती हैं? राजनीतिक परिदृश्य में लगातार बदलाव होते रहते हैं, जैसे अप्रत्याशित घटनाएँ भविष्य के समीकरणों को पलट सकते हैं। इतिहास में कई बार ऐसा देखा गया है कि कुछ ऐसी घटनाएं घटी हैं, जिनकी किसी को उम्मीद नहीं थी, और उनका राजनीतिक नतीजों पर गहरा असर पड़ा। ऐसी घटनाएं किसी भी राजनीतिक भविष्यवक्ता के पूर्वानुमान को गलत साबित कर सकती हैं।
ज्योतिष के अनुसार, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कार्यकाल पूरा होना कई ज्योतिषीय कारकों पर निर्भर करता है, और इस पर अलग-अलग राय मौजूद है। ज्योतिष भविष्यवाणियां किसी व्यक्ति की जन्मतिथि, समय और स्थान पर आधारित होती हैं, लेकिन यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि ये केवल संकेत होते हैं, कोई निश्चित भविष्यवाणी नहीं।
धामी की कुंडली में कुछ ग्रह योग ऐसे हैं जो उन्हें नेतृत्व और सफलता दिलाते हैं। जैसे, सूर्य का प्रभाव उन्हें उनके कार्यक्षेत्र में सफलता दिलाता है। हालांकि, कुछ ज्योतिषी यह भी बताते हैं कि उनके सप्तम भाव में बैठे ग्रहों, जैसे शनि और मंगल, के कारण उन्हें राजनीतिक विरोधियों के साथ-साथ अपनी ही पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से भी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
पुष्कर सिंह धामी की शपथ ग्रहण कुंडली में विरोधियों के स्थान यानी सप्तम भाव में मकर राशि में उच्च के मंगल, शनि तथा शुक्र की त्रि-ग्रह युति बनी हुई है। जिसके कारण उनको विपक्षी कांग्रेस और अपनी पार्टी के सीनियर नेताओं से समय-समय पर कठिनाइयों का सामना करना होगा।
उत्तराखंड पुलिस ने कहा है कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई
साल मुख्य रूप से अग्नि तत्व ग्रहों द्वारा शासित है और वर्ष के दौरान कई नक्षत्रों के निर्माण को देखते हुए, व्यक्ति को अपनी ऊर्जा के प्रबंधन में सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है। इस वर्ष का विषय आत्म-ज्ञान और कौशल को सक्रिय रूप से उन्नत करना और नई व्यवस्था की शुरुआत के लिए तैयार रहना होना चाहिए। भावनात्मक कल्याण के प्रबंधन से संबंधित अभ्यास, जैसे कृतज्ञता पत्रिका, मंत्र ध्यान, दैनिक दिनचर्या का हिस्सा होने चाहिए
मंगल की प्रचंड अग्नि 2025 में जोश और उत्साह ला सकती है; लेकिन, स्वास्थ्य इस गतिशील प्रभाव को संतुलित करने पर निर्भर करता है। योग और ध्यान उन आराम देने वाली तकनीकों में से हैं जो शरीर और मन को शांत करके मंगल के प्रबल उत्साह को स्थिर करने में मदद करती हैं।