ईरान में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए ऑपरेशन सिंधु चलाया, मोदी के हुए मुरीद

22 JUNE 2025 (HIMALAYAUK BUREAU) ईरान में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए ऑपरेशन सिंधु चलाया, मोदी के हुए मुरीद,

ईरान में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए ऑपरेशन सिंधु चलाया

एक और छात्र ने स्थिति को गंभीर बताया। उसने ईरान में भारतीय दूतावास से अपील की कि तेहरान और इस्फ़हान में फंसे अन्य भारतीयों को भी बचाया जाए। उसने कहा, ‘…हम भारतीय दूतावास को सही समय पर हमें निकालने के लिए धन्यवाद देते हैं, लेकिन हमारी एक और अपील है: कि इस्फ़हान और तेहरान में फंसे हमारे सभी भाइयों और बहनों को जल्द से जल्द निकाला जाए, क्योंकि वहां की स्थिति बहुत गंभीर है।मोदी के हुए मुरीद,

  • फातिमा- मैं प्रधानमंत्री मोदी की बहुत आभारी हूं। अब अपने देश वापस आकर मुझे शांति महसूस हो रही है। अपने वतन वापस आना बहुत खुशी की बात है।
  • एलिया बतूल ने कहा- मेरा परिवार बहुत परेशान था। यहां आकर हमें सुकून मिला। भारत सरकार का बहुत-बहुत धन्यवाद। हमें वहां कोई भी समस्या नहीं हुई, क्योंकि हमारे दूतावास ने हमारा बहुत साथ दिया।’
  • सैयद मंसूर हुसैन- सभी ने भारत मां की सरजमीं पर आकर सजदा किया। भारत सरकार का बहुत धन्यवाद। मैं भारत से प्यार करता हूं।

ऑपरेशन सिंधु के तहत ईरान से दिल्ली पहुंची प्रयागराज की रहने वालीं अलमास रिजवी ने कहा- हमें अच्छे होटल में रहने की जगह दी गई। समय पर लंच, डिनर, सब कुछ दिया गया। अपने देश में वापस आकर अच्छा लग रहा है। भारतीय दूतावास ने हमारी बहुत मदद की। भारत सरकार ने हमारी अच्छी देखभाल की। हमें यह एहसास भी नहीं होने दिया कि हम युद्ध जैसी स्थिति में रह रहे हैं।

ईरान ने एयरस्पेस पर लगी पाबंदी को हटाकर भारत के करीब 1000 नागरिकों को निकालने की इजाजत दी है। इनमें से ज्यादातर छात्र हैं, जिन्हें ईरान की राजधानी से तेहरान से माशहद लाया गया था। अब इन्हें तीन चार्टर फ्लाइट्स के जरिए भारत लाया जाएगा। ये फ्लाइट्स ईरानी एयरलाइन माहान चलाएगी।

भारत सरकार की ओर से ऑपरेशन सिंधु के तहत इनकी व्यवस्था की गई है। ईरानी दूतावास में मिशन के उप प्रमुख मोहम्मद जवाद हुसैनी ने बताया कि जरूरत पड़ी तो आने वाले दिनों में और फ्लाइट्स चलाई जा सकती हैं।

श्रीनगर : भारत सरकार ने ईरान में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए ऑपरेशन सिंधु चलाया। इस ऑपरेशन के तहत, कई छात्रों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया। नई दिल्ली पहुंचने पर, छात्रों ने सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन्हें सीधे उनके घरों से निकाला। छात्रों ने ईरान के हालात को खराब बताया और कहा कि वहां लोग बहुत डरे हुए हैं। छात्रों ने जहां मोदी की तारीफ की, वहीं उमर अब्दुल्ला सरकार पर भड़के।

ईरान और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष के कारण ईरान में स्थिति बिगड़ गई है। इसलिए, भारत सरकार ने वहां से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन सिंधु शुरू किया। एक अन्य छात्र ने भी भारत सरकार को धन्यवाद दिया। उसने कहा कि वह सरकार की कोशिशों से ही सुरक्षित घर वापस आ पाया है। उसने कहा कि मैं खुश हूं कि मैं अपने देश वापस आ गया हूं। हमने उर्मिया में ऐसा कुछ नहीं देखा, लेकिन ईरान के अन्य स्थानों पर स्थिति खराब थी… भारत सरकार ने बहुत मदद की; इसलिए हम वापस घर आ गए हैं।

ऑपरेशन सिंधु के तहत 110 भारतीयों को लेकर एक विमान दिल्ली पहुंचा। इस विमान में सवार एक छात्रा, शेख अफसा ने सरकार की तारीफ की। उसने कहा कि सरकार ने उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए बहुत अच्छा काम किया।

तेहरान के इमाम खोमैनी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से 290 भारतीय नागरिकों को लेकर माहान एयर के इस विमान ने (फ्लाइट नंबर W 5071) भारतीय समयानुसार शुक्रवार शाम 6:30 बजे नई दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। यह विमान देर रात 11:30 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हुआ।

अफसा ने कहा, ‘हम यहां वापस आकर खुश हैं, लेकिन हमें अपनी पढ़ाई की भी चिंता है। वहां (ईरान) की स्थिति खराब है, और लोग डरे हुए हैं। हमें ईरान में लोगों के फोन भी आए, जिन्होंने कहा कि ईरान में स्थिति बहुत गंभीर है। भारतीय सरकार ने सचमुच हमें हमारे छात्रावास से निकाला। हमें इतनी उम्मीद भी नहीं थी। उन्होंने हर कदम पर हमारी मदद की। किसी को कोई समस्या नहीं हुई। हम केंद्र सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने हमें निकालने में जो भूमिका निभाई।

एक अन्य छात्र हरदा ने कहा कि मैं उरमिया यूनिवर्सिटी में मेडिकल की छात्रा हूं। वहां हालात खबर हुए तो हमें वहां से निकाला गया। हमें कश्मीर जाना था लेकिन सरकार ने हमें लेने के लिए जो बसें भेजी हैं, बहुत ही घटिया हैं। ऐसी बसे हैं कि उनमें कोई जानवर भी नहीं बैठे। हम आए तो कोई अफसर नहीं था, उन्होंने हमनें कुछ नहीं पूछा। एक्सपायर्ड बसों में हम नहीं जा सकते, हमें खतरा है। सीएम ने कहा था बच्चों की सुरक्षा कॉम्प्रोमाइज नहीं होगी। हम ईरान से दिल्ली तक बहुत आराम से आए। इसके लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद है। जम्मू-कश्मीर की एक लड़की ईरान में चौथे साल की पढ़ाई कर रही है। उसने उम्मीद जताई कि युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगा ताकि वह वापस जाकर अपनी पढ़ाई पूरी कर सके। उसने पूरी निकासी प्रक्रिया को आसान बताया। उसने कहा कि उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। उसने जम्मू और कश्मीर सरकार से भी अनुरोध किया कि उन्हें जल्द घर वापस भेजने में मदद करें।

उसने कहा, ‘हम दुखी हैं क्योंकि हमें अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ रही है… हम खुश हैं, क्योंकि हमें उम्मीद नहीं थी कि हम वापस आ पाएंगे; वहां (ईरान में) ऐसी स्थिति है… मुझे उम्मीद है कि युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगा, ताकि हमारी पढ़ाई भी पूरी हो जाए, और ईरान को ज्यादा नुकसान न हो। मैं भारत सरकार को धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने हमें जिस तरह से निकाला; यह आसान था। हमें अब तक कोई समस्या नहीं हुई। लेकिन हमें पता चला है कि यहां से कश्मीर के छात्रों के लिए बसों की व्यवस्था की जा रही है। मुझे लगता है कि 3 देशों की यात्रा करने के बाद, हम बस से यात्रा करने के लिए तैयार नहीं हैं। मैं हमारे CM (जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री) से अनुरोध करती हूं कि वे हमारी मदद करें ताकि हम जल्द से जल्द अपने माता-पिता से मिल सकें।’

उमैर नाम के एक छात्र ने कहा कि हम इतनी लंबी यात्रा के बाद थक गए हैं। केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास ने इतना अच्छा काम किया कि हमें कोई समस्या महसूस नहीं हुई-ऐसा नहीं था कि हमें निकाला जा रहा था, क्योंकि सब कुछ इतना सहज था। हमें नहीं लगा था कि हमें कोई समस्या होगी क्योंकि हमें घर जाना है और राज्य सरकार आगे इसका ध्यान रखेगी। लेकिन, जो बसें दी जा रही हैं, उनकी हालत बहुत खराब है। 2 घंटे पहले सीएम उमर अब्दुल्ला ने इस बारे में ट्वीट किया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है।

HIMALAYAUK NEWS & PRINT MEDIA MOB. 9412932030. CHANDRA SHEKHAR JOSHI EDITOR

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