गुजरात में मिल रहा जनसमर्थन पीएम मोदी को भावुक कर गया, मोदी के सत्ता के शीर्ष पर 24 साल पूरे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद गुजरात में अपने पहले दौरे की शुरुआत गांधीनगर में भव्य रोड शो से की. PM मोदी ने महात्मा मंदिर में 5,536 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. BY CHANDRA SHEKHAR JOSHJI CHIEF EDITOR MOB; 9412932030 & GUJRAT EDITOR MR. HARISH TANK MOB. 9723622714

कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी पहली स्टेटस रिपोर्ट तैयार कर अदालत में जमा कर दी है. यह रिपोर्ट बुधवार, 28 मई को होने वाली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी.

सूत्रों के मुताबिक, तीन सदस्यीय SIT ने मध्य प्रदेश के धार जिले के मानपुर में उस स्थल का दौरा किया, जहां मंत्री विजय शाह ने 12 मई को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में विवादास्पद भाषण दिया था. जांच टीम ने मंच पर मौजूद लोगों से पूछताछ की. कार्यक्रम के वीडियो फुटेज देखे और अन्य डिजिटल व मौखिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया.

 सूत्रों का कहना है कि अब तक SIT ने मंत्री विजय शाह का औपचारिक बयान दर्ज नहीं किया है. यह पहलू आने वाले दिनों में जांच की दिशा को प्रभावित कर सकता है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए धार पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष जांच टीम गठित की और उसे 28 मई 2025 तक प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था.

सड़कों के किनारे खड़े हज़ारों लोगों ने पीएम मोदी का स्वागत किया। चारों ओर ‘भारत माता की जय’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारों से माहौल जोशीला हो उठा. लोग फूलों की मालाएं, पंखुड़ियां और भगवा झंडों के साथ प्रधानमंत्री के स्वागत में खड़े थे. बीजेपी समर्थकों ने पूरे रास्ते को सजाया, जिससे उत्सव जैसा माहौल बन गया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं 2 दिनों से गुजरात में हूं. कल मैं वडोदरा, दाहोद, भुज, अहमदाबाद गया और आज गांधीनगर, मैं जहां-जहां गया ऐसा लग रहा है देश भक्ति का ज्वार है. गर्जना करता सिंदुरिया सागर और लहराता तिरंगा जन मन के हृदय में मातृभूमि के प्रति अपार प्रेम ऐसा नजारा था ऐसा दृश्य था. ये सिर्फ गुजरात में ही नहीं हिंदुस्तान के कोने-कोने में है.”

केंद्र में बीजेपी-एनडीए सरकार के 11 साल पूरे होने के अवसर पर पीएम मोदी गुजरात में थे. एक के बाद एक ताबड़तोड़ रोड शो किए और आदिवासी इलाकों दाहोद, डांग से लेकर वडोदरा और अहमदाबाद में रैलियां भी कीं. एक बात जो राजनीतिक पंडितों को भी दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर रही थी, वो है लोगों का उमड़ा हुजूम जो हर बार की तरह इस बार भी उनके साथ चलने और उनके साथ दिखने को लालायित था. ये उसी गुजरात की जनता का भरोसा था जिसने बतौर सीएम नरेन्द्र मोदी को गुजरात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया. अपने व्यस्त कार्यक्रम की वजह से भले ही पीएम मोदी अब बार-बार गुजरात नहीं जा पाते हों, लेकिन जश्न के हर मौके पर गुजरात जाना नहीं भूलते. ये गुजरात की जनता का ही कर्ज है जिसने पीएम मोदी को पहले दिल्ली के सिंहासन तक पहुंचाया और अब पूरा देश साथ है जब वो विश्व गुरु बनने की राह पर चल पड़े हैं.

अपने दो दिन के दौरे में पीएम मोदी ने वडोदरा, दाहोद, भुज, अहमदाबाद में जनता के अपार स्नेह के बाद कहा कि इन दो दिनों में वो जहां-जहां गए, ऐसा लग रहा था मानो देशभक्ति की गर्जना करता सिंदूरिया सागर, सिंदूरिया सागर की गर्जना और लहराता तिरंगा, मातृभूमि के लिए अपार प्रेम नजर आ रहा था. पीएम ने कहा कि ये एक ऐसा नजारा था जो सिर्फ गुजरात में नहीं बल्कि हिंदुस्तान के कोने-कोने में है. उन्होंने कहा कि शरीर कितना भी स्वस्थ हो, लेकिन एक कांटा भी चुभता है तो पूरा शरीर परेशान रहता है. अब हमने तय कर लिया है कि उस कांटे को निकाल के रहेंगे. ये संदेश सिर्फ देश की जनता के लिए नहीं था बल्कि पाकिस्तान और दुनिया भर में उसके समर्थक देशों के लिए था. पीएम जानते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर ने पूरे देश को एकजुट कर दिया है.

अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि गुजरात में मिल रहा जनसमर्थन पीएम मोदी को भावुक कर गया. पीएम ने वहां मौजूद जनता से कहा कि इस मिट्टी ने मुझे बड़ा किया. यहां आप सब के बीच रह कर मैं सीख पाया. जो मंत्र आपने मुझे दिया. जो सपने आपने मुझमें संजोए वो देशवासियों के काम आए, ये सोच रहा हूं. पीएम ने वहां मौजूद गुजरात के मुख्यमंत्री समेत कैबिनेट सदस्यों से कहा कि 2035 में जब गुजरात के 75 वर्ष होंगे, उसके लिए अभी से एक 10 साल का प्लान बनाना चाहिए. हर क्षेत्र में क्या होगा, इसका एक संकल्प लेना होगा.

पीएम मोदी ने लोगों को ये याद दिलाते हुए कहा कि जब गुजरात को महाराष्ट्र से अलग एक राज्य बनाया गया था तो देश भर में चर्चा होती थी कि महाराष्ट्र से अलग होकर गुजरात क्या कर पाएगा. क्योंकि राज्य में न पानी, न खेती, न उद्योग – ऐसे में राज्य के ये व्यापारी लोग क्या करेंगे? एक राज्य जिसके पास नमक से ज्यादा कुछ नहीं था, वो आज हीरे के लिए जाना जाता है. कहां नमक – कहां हीरे – कितनी यात्रा हमने तय की है. ये काम बड़े योजनाबद्ध तरीके से किए गए हैं. एक जमाना था जब सब साइलोज़ में रहते थे. हमने बतौर सीएम इसे तोड़ा है. यहीं पर पीएम ने अपने एक और सपने को जनता के साथ साझा किया. देश चाहता है कि एक ओलंपिक भारत में हो. जब गुजरात के 75 साल हो जाएं तो ये काम हम बखूबी कर पाएं. भारत ने 2036 के ओलंपिक के आयोजन के लिए दावेदारी पेश कर दी है.

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