RG ने लोकसभा में केंद्र को घेरा; हम PM को बर्दाश नहीं कर सकते

DT 29 JULY 2025 (LEADING NEWSPORTAL & YOUTUBE CHANNEL & DAILY NEWSPAPER) लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने ट्रंप के सीजफायर वाले दावे पर जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री के मुंह से एक बार भी चीन शब्द नहीं निकला. & अमेरिकी राष्ट्रपति ने 29 बार भारत सीजफायर कराने की बात बोली

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) ने 29 बार भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराने की बात बोली, इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक भी टिप्पणी नहीं की और सबसे हैरानी की बात ये है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पूरे भाषण में चीन शब्द एक बार भी नहीं बोला.” उन्होंने कहा, “पूरा देश इस बात को जानता है कि पाकिस्तान की मदद चीन ने की है. फिर भी प्रधानमंत्री के मुंह से या रक्षा मंत्री के मुंह से चीन शब्द नहीं निकला. 

पीएम मोदी ने कहा, ‘आज जो लोग पूछ रहे हैं कि पीओके वापस क्यों नहीं लिया गया, उन्हें पहले इस बात का जवाब देना चाहिए कि पीओके पर पाकिस्तान को कब्जा करने का अवसर किसकी सरकार ने दिया था? पंडित जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘जब मैं नेहरू जी का नाम लेता हूं तो कांग्रेस और उसका पूरा इकोसिस्टम बौखला जाता है.’

राहुल गांधी ने लोकसभा में भाषण देते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर के एक बयान का हवाला देकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “यह बहुत ही खतरनाक समय है क्योंकि अब हम पाकिस्तान और चीन की संयुक्त ताकत का सामना कर रहे हैं और ऐसे में हम एक ऐसे प्रधानमंत्री को नहीं बर्दाश कर सकते जिसके पास सेना को उस तरह से इस्तेमाल करने की ताकत नहीं है, जैसे इस्तेमाल सेना का किया जाना चाहिए था. हम ऐसे प्रधानमंत्री को नहीं बर्दाश कर सकते, जिसमें इतना दम नहीं है कि वह यहां आकर यह कह सकें कि डोनाल्ड ट्रंप झूठे हैं और भारत को लड़ने से नहीं रोका.”  

उन्होंने कहा, “हमें ऐसे प्रधानमंत्री की जरूरत है जो सेना को खुली छूट दे दे, नौसेना को पूरी छूट दे दे और एयर फोर्स को भी खुली छूट दे दे और कहे कि जाओ खत्म करो काम को, जैसा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था.“

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद कुछ ऐसे फैसले लिए गए, जिनकी सजा देश आजतक भुगत रहा है. उन्होंने कहा कि अकसाई चीन जैसे क्षेत्र को ‘बंजर जमीन’ कहकर छोड़ दिया गया और इसकी वजह से भारत को 38 हजार वर्ग किलोमीटर जमीन गंवानी पड़ी.’

सिंधु जल समझौता था भारत के साथ धोखा
उन्होंने कहा, ‘सिंधु जल समझौता, भारत की अस्मिता और स्वाभिमान के साथ किया गया बहुत बड़ा धोखा था. देश के एक बहुत बड़े हिस्से को जल संकट में धकेल दिया गया.’ मोदी ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि इस समझौते के कारण देश बहुत पिछड़ गया, ‘हमारे किसानों को खेती का नुकसान हुआ. नेहरू जी तो उस ‘डिप्लोमेसी’ को जानते थे, जिसमें किसान का कोई वजूद नहीं था.’

गाद साफ न करने की शर्त भी मानी गई
उन्होंने दावा किया कि नेहरू जी ने पाकिस्तान के कहने पर यह शर्त स्वीकार की थी कि बांध में जो गाद जमी होगी, उसकी सफाई नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि बाद में भी कांग्रेस की सरकारों ने नेहरू जी की इस गलती को सुधारा तक नहीं, लेकिन इस पुरानी गलती को अब सुधारा गया और ठोस निर्णय लिया गया.

नेहरू का ब्लंडर अब निलंबित किया गया
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘नेहरू जी के ‘ब्लंडर’ (सिंधु जल समझौता) को देश हित और किसान हित में अब निलंबित कर दिया गया है. भारत ने तय कर दिया है कि खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते.’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास नेशनल सेक्युरिटी (राष्ट्रीय सुरक्षा) का ‘विजन’ न पहले था और न आज है और उसने ‘हमेशा राष्ट्रीय सुरक्षा पर समझौता किया है.’

मुंबई हमले के बाद भी पाकिस्तान से प्यार: मोदी
प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्षी दलों के सदस्यों की ओर से कूटनीतिक नाकामी का दावा किये जाने को लेकर कहा, ‘आजकल कांग्रेस के जो लोग हमें ‘डिप्लोमेसी’ का पाठ पढ़ा रहे हैं, मैं उनकी डिप्लोमेसी याद दिलाना चाहता हूं.’

उन्होंने कहा कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद भी कांग्रेस का पाकिस्तान से प्रेम नहीं रुका और हमले के कुछ हफ्ते के भीतर ही विदेशी दबाव में आकर कांग्रेस-नीत संप्रग सरकार ने पाकिस्तान के साथ बातचीत शुरू कर दी थी.

बटला हाउस और मोस्ट फेवर्ड नेशन पर भी हमले
उन्होंने उल्लेख किया कि बटला हाउस मुठभेड़ के बाद कांग्रेस की एक बडी नेता की आंखों में आंसू थे और वोट पाने के लिए इस घटना से जुड़ी बात को देश के कोने-कोने में पहुंचाया गया. उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार ने पाकिस्तान को ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ (सर्वाधिक तरजीही देश) का दर्जा दिया था, जिसे उसने कभी वापस नहीं लिया.

आजादी के बाद लिए गए गलत फैसलों की सजा अब मिल रही है
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की आजादी के बाद से जो फैसले लिये गए, उनकी सजा आज तक देश भुगत रहा है. उन्होंने कहा, ‘अक्साई चीन के पूरे क्षेत्र को बंजर जमीन करार दे दिया गया. इससे देश की 38,000 वर्ग किमी जमीन हमें खोनी पड़ी. वर्ष 1962 और 1963 के बीच कांग्रेस के नेता जम्मू कश्मीर के पुंछ, उरी और नीलम वैली तथा किशनगंगा को छोड़ देने का प्रस्ताव रख रहे थे.’

कच्छ का रण से लेकर हाजीपीर तक गंवाया गया
उन्होंने कहा कि 1966 में ‘कच्छ का रण’ पर इन लोगों ने मध्यस्थता स्वीकार की थी. उन्होंने सवाल किया कि क्या यह उनका ‘राष्ट्रीय सुरक्षा का विजन’ था. मोदी ने कहा, ‘भारत का 800 वर्ग किमी क्षेत्र पाकिस्तान को सौंप दिया, जिसमें छड़बेट भी शामिल है. वहीं, हमारी सेना ने 1965 की जंग में हाजीपीर पास (जम्मू कश्मीर में स्थित दर्रा) को जीत लिया था, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उसे लौटा दिया.’ उन्होंने कहा कि करतारपुर साहेब को वापस लिया जा सकता था लेकिन उसे भी छोड़ दिया गया और 1974 कच्चातीवु द्वीप श्रीलंका को ‘गिफ्ट’ कर दिया गया.

Mob. 9412932030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *