आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आज प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर पीएम मोदी से मुलाकात की. वो अभी-अभी वहां से निकले हैं. रक्षा मंत्री और तीनों के साथ पीएम मोदी की बैठक खत्म हो गई है. इस हाई लेवल मीटिंग के बाद गृह मंत्री अमित शाह पीएम मोदी से मिलने पहुंचे हैं. पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच पीएम मोदी ने रक्षा मंत्री और तीनों सेनाओं के प्रमुख से साथ बैठक की. इस मीटिंग में पीएम मोदी ने सेना को खुली छूट दी है.
पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पूरा देश आतंकवाद के आका पाकिस्तान पर कार्रवाई करने की मांग कर रहा है. भारत ने पाकिस्तान पर कार्रवाई करते हुए सिंधु जल संधि को निलंबित करने सहित कई अहम फैसले लिए हैं.
पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, सीमा सुरक्षा बल, असम राइफल्स और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के महानिदेशक, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और एसएसबीके वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने कहा है कि पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद वैश्विक नेताओं की ओर से मजबूत, स्पष्ट समर्थन और एकजुटता, आतंकवाद के प्रति अंतरराष्ट्रीय समुदाय की कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति का प्रमाण है.

पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकवादी हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक मारे गए थे. मृतकों में ज्यादातर भारत के विभिन्न राज्यों से आए पर्यटक थे. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) पहलगाम आतंकी हमले की जांच कर रहा है, जिसमें अभी तक कई खुलासे हुए हैं.
संयुक्त राष्ट्र में भारत की उप स्थायी प्रतिनिधि राजदूत योजना पटेल ने कहा, ‘‘दशकों से सीमा पार आतंकवाद का शिकार होने के कारण भारत इस बात को अच्छी तरह समझता है कि इस तरह के कृत्यों का पीड़ितों, उनके परिवारों और समाज पर दीर्घकालिक असर पड़ता है.”
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जे डी वेंस, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर, इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस सहित वैश्विक नेताओं ने पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा की.
पिछले हफ्ते 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक प्रेस वक्तव्य जारी कर जम्मू कश्मीर में आतंकवादी हमले की अत्यधिक कड़े शब्दों में निंदा की. सुरक्षा परिषद ने जोर दिया कि इन हत्याओं के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और आतंकवाद के इस निंदनीय कृत्य को अंजाम देने वाले और उसके प्रायोजकों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए.
