26 फरवरी नारायण और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित गुरुवार & रंगभरी एकादशी 27 फरवरी

26 फरवरी 2026 को फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। इस तिथि पर म्रृगशीर्षा नक्षत्र और प्रीति योग का संयोग बन रहा है। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो गुरुवार को अभिजीत मुहूर्त 12:03 − 12:50 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष में अभिजीत मुहूर्त को बहुत ही शुभ माना जाता है। & गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 16 मिनट से 6 बजकर 42 मिनट तक & राहुकाल दोपहर 2 बजे से 3 बजकर 27 मिनट तक

गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति के साथ ही नारायण को समर्पित है. इस दिन नारायण की विशेष पूजा, दान आदि करने का विधान है. गुरुवार को पीला खाना, पीले वस्त्र को धारण करना उत्तम और मस्तक पर पीला चंदन या हल्दी लगाना फलदायी होता है. 

26 फरवरी के पंचांग के अनुसार दिन गुरुवार है. यह द‍िन नारायण और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित गुरुवार & 26 फरवरी को नारायण और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित गुरुवार है. इस दिन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रात 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगी, फिर एकादशी शुरू होगी. पंचांग पांच अंगों से मिलकर बनता है. इनमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण है. इनका अलग-अलग महत्व है. दृक पंचांग के अनुसार, 26 फरवरी को नक्षत्र मृगशिरा दोपहर 12 बजकर 11 मिनट तक, उसके बाद आर्द्रा है. योग प्रीति रात 10 बजकर 33 मिनट तक रहेगा. यह दिन रवि योग से युक्त है, जो शुभ फलदायी होता है. सूर्योदय 6 बजकर 49 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 19 मिनट पर होगा.

3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. यह दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से लेकर शाम को 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा और इसकी कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट की होगी. इसी दिन होलिका दहन भी है यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जो पूरे एशिया समेत ऑस्ट्रेलिया में भी नजर आएगा. ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान कुछ चीजों का दान करना बेहद शुभ होता है. ऐसा करने से घर में फैली नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-शांति-समृद्धि बनी रहती है. 

फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रंगभरी एकादशी के नाम से जाना जाता है. इसे आमलकी एकादशी और आंवला एकादशी भी कहा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है. पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि की शुरुआत 27 फरवरी को रात 12 बजकर 33 मिनट पर हो रही है. वहीं, इसका समापन भी उसी दिन रात को 10 बजकर 32 मिनट पर होगा. ऐसे में रंगभरी एकादशी इस साल 27 फरवरी को मनाई जाएगी. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन कुछ उपाय करना बेहद लाभकारी माना जाता है. इन उपायों से जीवन के संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि बनी रहती है. 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा का संबंध सफेद रंग से होता है. इसी वजह से चंद्र ग्रहण के दौरान सफेद चीजों का दान करना बेहद लाभदायक माना जाता है. ऐसे में आप, चंद्र ग्रहण के मौके पर  चावल, चीनी, दूध और दूध जैसी सफेद चीजों का दान कर सकते हैं. कहा जाता है, कि ऐसा करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और चंद्र दोष से भी मुक्ति मिलती है.

चंद्र ग्रहण के दौरान अन्न दान करना बेहद फलदायी माना जाता है. ऐसे में आप जरूरमंद लोगों को पका भोजन खिला सकते हैं. इसके अलावा आप गेहूं, चावल या दालें समेत अन्य चीजें दान कर सकते हैं. कहा जाता है कि ऐसा करने से जीवन में पुण्य मिलता है और लाइफ में पॉजिटिविटी बनी रहती है.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण के दौरान जरूरतमंदों को धन का दान करना बेहद शुभ माना जाता है. ऐसा करने से देवी-देवताओं का आशीर्वाद बना रहता है. साथ ही इससे कुंडली में चंद्रमा की स्थिति भी सुधर जाती है. इसके अलावा धन की देवी मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए भी धन का दान बेहद लाभकारी होता है.

शास्त्रों के अनुसार चंद्र ग्रहण पर दीपक दान बेहद शुभ माना जाता है.

जीवन में सुख-शांति पाना चाहते हैं, तो रंगभरी एकादशी पर आप यह उपाय कर सकते हैं. इसके लिए आप इस दिन किसी भी पवित्र नदी में स्नान करें और श्री हरि की विधि विधान से पूजा करें. इसके बाद पूजा करने के बाद भगवान विष्णु को आंवला अर्पित करें. कहा जाता है, कि ऐसा करने से भगवान विष्णु अपनी कृपा साधक पर बनाए रखते हैं. 

जीवन में हर क्षेत्र में सफलता पाने के लिए आप रंगभरी एकादशी के अवसर पर 1 या 21 ताजे पीले फूल की माला बनाकर श्री हरि विष्णु को अर्पित करें. साथ ही उन्हें खीर का भी भोग लगाएं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है. 

 रंगभरी एकादशी के दिन आंवले के पेड़ में जल अर्पित करें और जड़ की मिट्टी से माथे पर तिलक लगाएं. ऐसा करने से आपको कार्यक्षेत्र में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और सफलता प्राप्त होती है.

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