09 अक्तूबर 2025 को कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। इस तिथि पर भरणी नक्षत्र और वज्र योग का संयोग बन रहा है। गुरुवार को अभिजीत मुहूर्त 11:41 − 12:27 मिनट तक रहेगा । -बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
कार्तिक मास 2025 की शुरुआत 8 अक्टूबर 2025 से हो रही है और यह 5 नवंबर 2025 तक रहेगा। शास्त्रों में इस माह को दीपदान के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया गया है। कार्तिक माह में दीपदान और तुलसी पूजा से देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति को राजसी सुख प्राप्त होता है।
कार्तिक मास में दीपदान को बेहद ही शुभ फल देने वाला माना गया है। इस पवित्र मास में रोजाना सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करके नदी या तालाब में दीपदान करने से विशेष पुण्य मिलता है। वहीं, सुबह तुलसी के सामने घी या तिल के तेल का दीपक जलाने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और अगले जन्म में वह महान कुल में जन्म लेता है। कार्तिक मास में तुलसी पूजा और गंगा स्नान करने से प्राप्त पुण्यों से ही अगले जन्म में रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण की पटरानी बनीं।
09 अक्टूबर 2025, गुरुवार का दिन है. आज कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि & सूर्योदय का समय : 06: 18 ए एम
सूर्यास्त का समय : 05: 58 पी एम चंद्रोदय का समय: 07:22 पी एम चंद्रास्त का समय : 08:35 ए एम सबसे पवित्र महीना माना गया है। इसी मास में भगवान विष्णु अपनी योग निद्रा से जागते हैं। इसी महीने करवा चौथ, दीपावली और छठ महापर्व सहित कई बड़े त्योहार पड़ते हैं। इस पावन मास में नियमपूर्वक दीपदान और तुलसी पूजा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा मिलती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक मास में किए गए दान और दीपदान से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और सभी पापों का नाश होता है।
अभिजित मुहूर्त 11:45 ए एम से 12:31 पी एम तक रहेगा. विजय मुहूर्त 02:05 पी एम से 02:51 पी एम तक रहेगा. ब्रह्म मुहूर्त 04:40 ए एम से 05:29 ए एम तक रहेगा. आज निशिता मुहूर्त 11:44 पी एम से 12:33 ए एम, अक्टूबर 10 तक रहेगा.
9 अक्टूबर गुरुवार का दिन है।कार्तिक माह (Kartik Month) की कार्तिक कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि 10:54 PM तक उपरांत चतुर्थी , नक्षत्र भरणी 08:02 PM तक & सर्वार्थ सिद्धी योग नहीं है रवि पुष्य योग-नहीं है अमृतसिद्धि योग नहीं है त्रिपुष्कर योग-नहीं द्विपुष्कर योग-नहीं है अभिजीत मुहूर्त-11:50 AM – 12:37 PM
पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। 9अक्टूबर 2025 कार्तिक कृष्ण पक्ष तृतीया,कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,गुरुवार आज के दिन कोई भी शुभ काम करना हो तो कर सकते हैं। आज का दिन हर दृष्टि से शुभ फलदायी है।
हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग लगाएं. माँ लक्ष्मी के आगे दीपक जलाएँ. गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएँ. शिवलिंग पर दूध चढ़ाएँ. सूर्य देव को जल अर्पित करें. विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें. माँ दुर्गा को लाल फूल अर्पित करें. विष्णु भगवान को पीली मिठाई अर्पित करें. शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएँ. पीपल के पेड़ को जल अर्पित करें. विष्णु जी को तुलसी दल अर्पित करें
- कार्तिक मास में अन्न दान का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार, श्रद्धा भाव से अन्न दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।
- कार्तिक माह में सतनजा यानी सात प्रकार के अनाज का दान करने से व्यक्ति को सात जन्मों तक सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- कार्तिक माह में सुहागिन महिलाओं को सुहाग सामग्री का दान करना चाहिए। इससे सौभाग्य और अखंड सुहाग की प्राप्ति होती है।
- धार्मिक मान्यता के अनुसार कार्तिक मास में भगवान विष्णु को तिल अर्पित करने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और जीवन में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है।