चमोली 04 जनवरी,2018(सू0वि0)
प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, 05 जनवरी को जनपद भ्रमण पर पहुॅच रहे है। अपने निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार मा0 मुख्यमंत्री देहरादून से प्रस्थान कर 10ः30 बजे आर्मी हैलीपैड, औली, जोशीमठ पहुॅचेंगे तथा प्रातः 10ः40 से 12ः20 बजे तक औली विन्टर गेम्स की तैयारियों की समीक्षा बैठक एवं स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री 12ः40 बजे आर्मी हैलीपैड, औली से देहरादून के लिए प्रस्थान करेंगे। यह जानकारी देते हुए जिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि मुख्यमंत्री के भ्रमण कार्यक्रम के दौरान मा0 पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, पर्यटन सचिव व आयुक्त गढवाल मण्डल दिलीप जावलकर, एएनआई के प्रतिनिधि व मुख्यमंत्री के विशेष कार्यधिकारी गोपाल सिंह रावत व मीडिया कोओडिनेटर भी उनके साथ रहेंगे।
देहरादून, 04 जनवरी 2018, जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेशन ने अवगत कराया है कि कार्यालय द्वारा पूर्व में जारी अवकाश की सूची में 5 जनवरी 2018 को गुरू गोविन्द सिंह जयंती के अवसर निर्बन्धित अवकाश घोषित किया गया था।
उक्त को संशोधित करते हुए 05 जनवरी 2018 को गुरू गोविन्द सिंह जयंती के अवसर पर निर्बन्धित अवकाश के स्थान पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।
चमोली 04 जनवरी,2018(सू0वि0)
जिलाधिकारी आशीष जोशी ने गुरूवार को तहसील घाट के सभी पटलों एवं अनुभागों सहित सब ट्रेजरी कार्यालय निरीक्षण किया। तहसील के निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजस्व वसूली में तेजी लाने तथा राजस्व वादों व अवशेष संदर्भो का शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने उप कोषागार में स्टाॅम्स् का भौतिक सत्यापन भी किया। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी परमानंद राम, तहसीलदार सोहन सिंह रांगड, नायब तहसीलदार बच्ची लाल टम्टा आदि तहसील कर्मचारी मौजूद थे।
चमोली 04 जनवरी,2018(सू0वि0)
जनपद चमोली के प्राकृतिक आपदाओं से संकटग्रस्त अति संवेदनशील चिन्हित 15 गांवों में से ओडीसीएच परियोजना (ओनर ड्रिवन कस्ट्रक्शन आॅफ हाउसेज) के तहत तहसील जोशीमठ के गोविन्द घाट, भ्यूडार व पुलना के प्रभावित तीन गांवों का विस्थापन/पुर्नवास किये जा चुके है। यह जानकारी देते हुए जिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि तहसील घाट के अन्तर्गत संकटग्रस्त अति संवेदनशील गांव कनोल के 60 परिवारों को भी विस्थापन के लिए शासन स्तर से 1 करोड़, 95 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है, जो तहसीलदार घाट को उपलब्ध करा दी गयी है। जिसके वितरण की कार्यवाही गतिमान है। उन्होंने बताया कि जिले के शेष 11 अति संवेदनशील गांवों की विस्थापन की कार्यवाही भी गतिमान है, जिसमें चमोली तहसील के बौला, छिनका, सरतोली, नैथोली, थराली तहसील के छपाली, त्याला, भ्याडी तथा जोशीमठ तहसील के गणाई, दाडमी, पंयाचैरमी एवं नौणा शामिल है।
चमोली 04 जनवरी,2018(सू0वि0)
मुख्य उद्यान अधिकारी नरेन्द्र यादव ने घाट ब्लाक के जाखणी गांव के कुनखल तोक में लाभार्थी भरत सिंह, जगदम्बा पुरोहित व महावीर कठैत को राज्य सैक्टर से प्रद्त्त 20 नाली में छोटी पौधशाला निर्माण योजना का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लाभार्थियों को मातृ वृक्षों के थावले बनाने तथा वैज्ञानिक तकनीकी से कटाई-छटाई व सिचाई करने तथा उन्नत किस्म के स्पर प्रजाति के फल पौध नर्सरी स्थापना का तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया।
मुख्य उद्यान अधिकारी ने बताया कि उद्यान विभाग द्वारा प्रत्येक ब्लाक में एक ऐसे माॅडल नर्सरी तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है, जहाॅ काश्तकारों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा सके। उन्होंने कनखुल तोक में योजना के अन्तर्गत नवनिर्मित 10 हजार लीटर क्षमता के पानी टैंक पर जहाॅ संतोष व्यक्त किया वही पाॅलीहाॅउस निर्माण कार्य 20 जनवरी तक पूरा करने को कहा। काश्तकारों द्वारा तैयार क्यारियों में आडू, सेब, अखरोट और महल के बोये गये बीज तथा नर्सरी का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान काश्तकारों ने सेब के बीज तथा मातृ वक्षों की मांग उद्यान विभाग से की। जिस पर मुख्य उद्यान अधिकारी ने इस सीजन में काश्तकारों को बीज और पौध उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। उन्होंने काश्तकारों को क्लस्टर के रूप में कार्य करने के लिए भी प्रेरित किया। जाखणी में काश्तकारों द्वारा तैयार की गयी तीनों नर्सरी आसपास होने पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने बताया शीघ्र ही यह क्षेत्र सड़क संपर्क से जुडने वाला है, जिसका सीधा लाभ काश्तकारों को मिलेगा। इस अवसर पर सहायक विकास अधिकारी उद्यान एमएस रावत, उद्यान विभाग के कार्मिक जयंन्ती सेमवाल, संजीत नेगी सहित अन्य काश्तकार भी मौजूद थें
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चम्पावत /देहरादून 04 जनवरी, 2018(मी0से0) प्रेस नोट संख्या: 02
’’जनपदों में जिला विकास प्राधिकरण गठित करने का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र का सुव्यवस्थित व सुनियोजित तरीके से चहुॅमुखी विकास करना है।‘‘ उक्त बात आज जनपद चम्पावत के सर्किट हाउस सभागार में जिला विकास प्राधिकरण की प्रथम बैठक लेते हुए प्रदेश के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कही।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास व आम नागरिकों के हितों का ध्यान रखते हुए प्राधिकरण का गठन किया गया है तथा प्राधिकरण को जो भी राजस्व प्राप्त होगा उसका उपयोग संबंधित क्षेत्रों के विकास में व्यय किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्राधिकरण के अधिकारी जमीनी स्तर पर जाकर प्राधिकरण के कार्यो एवं उद्देशयों की पूरी जानकारी देने के साथ ही नक्शे स्वीकृत कराने, भवन प्लानिंग आदि कार्यो से होने वाले लाभों के बारे में जनता को जागरूक करें। उन्होंने इस संबंध में जनता का रायशुमारी भी लेने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने अपर जिलाधिकारी एवं उप जिलाधिकारियों को जिला विकास प्राधिकरण की गाइड लाइन के बारे में विस्तृत जानकारी से लोगों को अवगत कराने को कहा।
उन्होंने प्राधिकरण के अधिकारियों को जमीनी स्तर पर आ रही व्यावहारिक कठिनाईयों को लिखित रूप में शासन को उपलब्ध कराने को कहा जिससे समय से उनका निदान किया जा सके। उन्होंने जिला विकास प्राधिकरण की विस्तृत कार्यशाला आयोजित करने और उसमें ग्राम प्रधान स्तर तक जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने के निर्देश दिये। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जिला विकास प्राधिकरण कार्यालय की स्थापना के साथ प्राधिकरण का खाता खोल दिया गया है और भवन निर्माण अनुज्ञा संबंधी आवेदन पत्र प्राप्त करने की कार्यवाही गतिमान है और वर्तमान में 122 ग्राम पंचायतें प्राधिकरण में हैं। मंत्री जी ने प्राधिकरण के अन्तर्गत नक्शे पास करने में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश उप जिलाधिकारी टनकपुर को दिये।
मा.मंत्री ने कहा कि सरकार स्वच्छता, सीवरेज, पेयजल के साथ-साथ कौशल विकास को प्राथमिकता दे रही है, इसलिए अधिशासी अधिकारी क्षेत्र में स्वच्छता, सीवरेज तथा जल संस्थान पेयजल पर पूरा ध्यान केन्द्रित करे। उन्होंने ईओ नगरपालिका को कूड़े से खाद तैयार करने हेतु मशीनों की खरीद हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ईओ नाली, सड़क, खडंजे से उपर उठ कर स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें और राज्य वित्त से प्राप्त धनराशि का उपयोग पारदर्शिता के साथ करें तथा सफाई व्यवस्था हेतु वाहनों का क्रय करें। उन्होंने नगरपालिकाओं में स्वीकृत खाली पड़े पदों पर आउटसोर्स से भर्ती करने के निर्देश भी ईओ को दिये।
उन्होंने कौशल विकास प्रशिक्षण बाहरी ठेकेदार द्वारा किये जाने और लाभार्थियों व कार्यक्रम की जानकारी नगरपालिका को न दिये जाने पर नगरपालिका में बायोमैट्रिक मशीन एवं सीसीटीवी लगाने के निर्देश देने के साथ जिलाधिकारी को समय-समय पर नगरपालिका द्वारा किये जा रहे कार्यो का औचक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिये। उन्होंने ईओ नगरपालिका एवं ईई जल संस्थान को वाटर टैक्स का निर्धारण आपसी समन्वय से करने के निर्देश बैठक में दिये। उन्होंने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने, कूड़े के उचित निस्तारण हेतु 4 कलेक्शन सेन्टर निर्धारित करने के निर्देश ईओ चम्पावत को दिये।
बैठक में क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी, नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश तिवारी, जिलाधिकारी डा.अहमद इकबाल, अपर जिलाधिकारी हेमन्त कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी एसएस बिष्ट, उप जिलाधिकारी सीमा विश्वकर्मा, पाटी निर्मला बिष्ट, लोहाघाट आरसी गौतम, ईओ अभिनव कुमार, जिलाध्यक्ष भाजपा रामदत्त जोशी, राजू भंडारी, सांसद प्रतिनिधि गोविन्द सामंत, आरडब्ल्यूडी, लोनिवि, जल संस्थान, सिंचाई के ईई, तहसीलदार, पार्टी पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।
यह विज्ञप्ति, जिला सूचनाधिकारी चम्पावत द्वारा जारी विज्ञप्ति पर आधारित है।
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देहरादून, 04 जनवरी 2018, जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेशन ने अवगत कराया कि जनपद में समस्त शस्त्र लाईसेंस को एन.डी.ए.एल (आनलाईन) अपलोड किया जा रहा है। एन.डी.ए.एल की वेबसाईट पुनः 31 मार्च 2018 तक के लिए खोली गई है।
जिलाधिकारी ने कहा है कि जनपद के समस्त शस्त्र लाईसेंस धारक जिनके द्वारा उक्त तिथि तक अपने लाईसेंस को एन.डी.ए.एल (आनलाईन) अपलोड नही कराया जाता है तो ऐसे समस्त लाईसेंस निरस्त समझे जायेंगे, जिसका पूर्ण उत्तरादायित्व स्वयं लाईसेंसी का होगा।
राष्ट्रीय हैण्डलूम प्रदर्शनी में दूनवासी जमकर खरीद रहें हैं पहाड़ी अनाज व दालें
राष्ट्रीय हैण्डलूम प्रदर्शनी में कम कीमतों में आर्गेनिक उत्पाद उपलब्ध
देहरादून 04 जनवरी, 2018। आयोजक उत्तराखण्ड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद उद्योग निदेशालय, देहरादून एवं प्रायोजक विकास आयुक्त (हथकरघा) भारत सरकार द्वारा नेशनल हैण्डलूम एक्सपो में लोगों का अच्छा उत्साह देखने को मिल रहा है यह प्रदर्शनी 13 जनवरी तक चलेगी।
राष्ट्रीय हैण्डलूम प्रदर्शनी में 150 स्टाॅलों में से उत्तराखण्ड के लगभग 45 स्टाॅल लगाये गये हैं जिसमें कुछ स्टाॅल उत्तराखण्डी अनाजों के स्टाॅल हैं। जो भी पहाड़ी व्यंजनों का लुफ्त लेना चाहता है वह इस प्रदर्शनी में आकार अपनी इच्छा पूरी कर सकता है। इस प्रदर्शनी में आर्गेनिक उत्पादों में उड़द की दाल, राजमा, लोबिया, गहैत, काला भट्ट, लहसुन का अचार, मिर्च, शहद, गरम मसाले, धनिया, हल्दी, बिस्कुट और विशेष पहाड़ी मीठे व्यंजन उपलब्ध हैं।
रूद्रप्रयाग के रहने वाले दुकानकार राजेंन्द्र सिंह की अध्यक्षता में पहाड़ी अनाज के नाम का स्टाॅल लगाया गया हैं जिसमें आपको हर प्रकार का अनाज, दालें, घर का बना अचार और कई अन्य व्यंजनों की विविधता मिलेगी। राजेंन्द्र सिंह ने बताया कि वे उत्तराखण्ड के हर क्षेत्र में जाकर तीन से पांच कुन्तल पहाड़ी अनाजों व दालों को लाते हैं फिर उनकी साफ-सफाई कर शहरी क्षेत्रों में बेचते हैं। उन्होंने कहा कि हम इन आर्गेनिक दालों को थोक मूल्यों पर बेचते है जिनकी कीमत 50 रूपये से लेकर 200 रूपये तक की है।
मधुमेह में मदद करने वाले मंडुआ के आटे से बने बिस्कुट व नमकीन देहरादून वासियों को खूब पसंद आ रही है। उन्होंने कहा कि हमारे स्टाॅल में मंडुआ, चावल, सोयाबीन और बाजरा जैसे विभिन्न प्रकार के आटे उपलब्ध हैं ये सभी घर में तैयार किया जाता है। उन्हांेने कहा कि उनके सभी उत्पादों और वस्तुओं को बहुत साफ और सुव्यवस्थित रूप से पैक किया जाता है, स्वच्छता उनकी प्राथमिकता रहती है, अगर कोई ग्राहक कभी भी कुछ संदिग्ध पाता है तो वह हमेशा उत्पाद लौटा सकते हैं और उसके बदले नया पैकेजिंग दिया जाता है। उन्हांेने कहा कि इन उत्पादों को बजारों में उतारने से पहले खुद इनका परीक्षण किया जाता है
राजेन्द्र सिंह का मानना है कि आज पहाड़ी फसलों को इन प्रदर्शनी के माध्यम से अधिक से अधिक पदोन्नत करने की आवश्यकता है क्योंकि खेती को वास्तव में अच्छी तरह से प्रोत्साहित नहीं किया जा रहा है और उनकी बिक्री उत्तराखंड की देवभूमि की प्रामाणिकता को बनाए रखने की एक कोशिश है।
देहरादून 04 जनवरी, 2018(मी0से0) प्रेस नोट संख्या: 01
श्री सुबर्द्धन, राज्य निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता में आगामी नागर स्थानीय निकाय निर्वाचन-2018 के सम्बन्ध में मत पत्रों के मुद्रण हेतु बैठक की गई।
आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तराखण्ड की अध्यक्षता में सरकारी एवं गैर सरकारी प्रिन्टिग प्रेस प्रतिनिधियों के साथ बैठक में आगामी नागर स्थानीय निकाय निर्वाचन-2018 के सम्बन्ध में मत पत्रों के मुद्रण के सम्बन्ध में निर्देश दिया गया कि जल्द इससे सम्बन्धित टेण्डर प्रक्रिया का पालन कर टेण्डर प्रकाशित कर दिया जाय।
बैठक में सचिव राज्य निर्वाचन आयुक्त रोशन लाल, सलाहकार राज्य निर्वाचन आयोग अजीत सिंह, वित्त नियंत्रक तृप्ति श्रीवास्तव, उपायुक्त निधी रावत, अपर निदेशक राजकीय मुद्रणालय रूड़की सर्वेश गुप्ता सहित निजी फर्म के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
दून सहित उत्तराखंड के कई शहरों में स्वच्छ सर्वेक्षण शुरू
सर्वेक्षण में सफलता के लिए पहली जरूरत जागरूकता
स्वच्छता ऐप डाउनलोड करने में पीछे नजर आ रहे उत्तराखंड के शहर
देहरादून सहित राज्य के लगभग सभी शहरों में 4 जनवरी से स्वच्छ सर्वेक्षण शुरू हो गया है। इस सर्वे में देशभर के 4041 शहरों को शामिल किया गया है । गति फाउंडेशन इस सर्वेक्षण के नतीजों को उत्तराखंड मे बेहतर बनाने के लिए अपने स्तर पर लगातार प्रयास कर रहा है। फाउंडेशन स्वच्छता ऐप पर लगातार नजर रखे हुए है। इस ऐप में अभी तक जो विश्लेषण उपलब्ध करवाया गया है, उसे उत्तराखंड के लिए बहुत बेहतर नहीं कहा जा सकता।
ऐप डाउनलोड में पिछड़े
केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया स्वच्छता ऐप डाउनलोड करना इस सर्वेक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 31 दिसम्बर , 2017 तक के मूल्यांकन के अनुसार उत्तराखंड के शहर ऐप डाउनलोड करने में काफी पीछे हैं।
1 लाख से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देहरादून को ऐप डाउनलोड करने के लिए 175.90 अंक पाकर 159 वीं रैंक मिली है। इस श्रेणी के अन्य शहरों में रुड़की को 98, हल्द्वानी को 197 और काशीपुर को 205 रैंक मिली है। हरिद्वार शहरवासिययों ने अभी तक ऐप डाउनलोड नहीं करी है।
1 लाख तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में मुनी की रेती को 167, चम्बा को 425, ऋषिकेश को 567, नैनीताल को 663 और मंगलौर को 772 रैंक मिली है।
ऐप के तीन प्रमुख बिन्दु
स्वच्छता ऐप में तीन प्रमुख बिन्दु हैं, जिनके आधार पर शहरों की रैंक निर्धारित की जानी है।
पहला बिन्दु है नागरिकों की सक्रियता। इसमें यह आकलन किया जाएगा कि ऐप से कितने शहरी नागरिक जुड़े हुए हैं और वे कितनी शिकायतें भेज रहे हैं। दूसरा बिन्दु संबंधित ऐजेंसी की कार्यवाही है। इसमें यह आकलन किया जाएगा कि ऐप के माध्यम से मिली शिकायतों पर ऐजेंसी ने निर्धारित 6 घंटे में क्या कार्यवाही की। तीसरा बिन्दु है नागरिकों की संतुष्टि। अपनी शिकायत के समाधान के मामले में शिकायतकर्ता संतुष्ट है या नहीं।
इन तीनों बिन्दुओं पर राज्य के शहरों का प्रदर्शन अब तक संतोषजनक नहीं है। इन तीनों बिन्दुओं पर राज्य में मुनि की रेती का प्रदर्शन सबसे बेहतर कहा जा सकता है। मुनि की रेती को नागरिकों को सक्रियता के लिए 332.10, एजेंसी की कार्यवाही के लिए 639.60 और नागरिकों की संतुष्टि के लिए 95.40 अंक दिये गये हैं। चम्बा को तीनों बिन्दुओं के लिए क्रमशः 184.80, 28.80 और 7.80 अंक मिले हैं। इन बिन्दुओं पर ऋषिकेश और रुद्रप्रयाग की स्थिति बेहद खराब है। नागरिकों की सक्रियता के लिए ऋषिकेश के लिए 63.90 और रुद्रप्रयाग को 23.40 अंक दिये गये हैं, लेकिन एजेंसी की कार्यवाही और नागरिकों की संतुष्टि के लिए इन दोनों शहरों को कोई अंक नहीं मिला है।
सुझाव
इस अध्ययन के बाद गति फाउंडेशन इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि संबंधित एजेंसियों को आम लोगों को जागरूक करने के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस ऐप की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण दिये जाने की आवश्यकता है। आम लोगों को स्वच्छता ऐप को डाउनलोड करने और इसके माध्यम से शिकायत भेजने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। एजेंसी को निर्धारित समय के भीतर शिकायतों का निवारण करना चाहिए और की गई कार्यवाही के बारे में विभिन्न माध्यमों से लोगों को जानकारी देनी चाहिए।
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