10 मार्च 2026 (मंगलवार) को चैत्र कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि (01:55 AM, 11 मार्च तक) रहेगी, जिसके बाद अष्टमी शुरू होगी। इस दिन अनुराधा नक्षत्र (07:05 PM तक), हर्षण योग (08:21 AM तक), और वृश्चिक राशि में चंद्रमा का गोचर रहेगा। राहुकाल दोपहर 03:29 से 04:58 बजे तक रहेगा। BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI 9412932030
मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है। 10 मार्च 2026, मंगलवार के लिए आज का दिन बेहद खास है आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। आज के दिन माता शीतला की पूजा की जाती आज का दिन बेहद विशेष है क्योंकि आज शीतला सप्तमी (बसौड़ा) का पर्व मनाया जाएगा। आज भानु सप्तमी भी मनाई जा रही है।
10 मार्च, मंगलवार को चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। इसके अलावा इस दिन हर्षण और वज्र योग का संयोग भी रहेगा। सप्तमी तिथि रात 01 बजकर 55 मिनट तक रहेगी।
10 मार्च को चैत्र कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि और मंगलवार का दिन है। सप्तमी तिथि मंगलवार देर रात 1 बजकर 55 मिनट तक रहेगी। 11 मार्च को सुबह 8 बजकर 21 मिनट तक हर्षण योग रहेगा, उसके बाद वज्र योग लग जाएगा। साथ ही मंगलवार शाम 7 बजकर 5 मिनट तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 11 मार्च को श्री शीतला सप्तमी व्रत है।
- चैत्र कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि- 10 मार्च 2026 को देर रात 1 बजकर 55 मिनट तक
- हर्षण योग- 10 मार्च 2026 को सुबह 8 बजकर 21 मिनट तक
- हर्षण योग- 10 मार्च 2026 को सुबह 8 बजकर 21 मिनट तक हर्षण योग रहेगा, उसके बाद वज्र योग लग जाएगा
- अनुराधा नक्षत्र- 10 मार्च 2026 को शाम 7 बजकर 5 मिनट तक
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10 March 2026 Ka Panchang: 10 मार्च को चैत्र कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि और मंगलवार का दिन है। सप्तमी तिथि मंगलवार देर रात 1 बजकर 55 मिनट तक रहेगी। 11 मार्च को सुबह 8 बजकर 21 मिनट तक हर्षण योग रहेगा, उसके बाद वज्र योग लग जाएगा। साथ ही मंगलवार शाम 7 बजकर 5 मिनट तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 11 मार्च को श्री शीतला सप्तमी व्रत है। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए मंगलवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
10 मार्च 2026 का शुभ मुहूर्त
चैत्र कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि- 10 मार्च 2026 को देर रात 1 बजकर 55 मिनट तक
हर्षण योग- 10 मार्च 2026 को सुबह 8 बजकर 21 मिनट तक
हर्षण योग- 10 मार्च 2026 को सुबह 8 बजकर 21 मिनट तक हर्षण योग रहेगा, उसके बाद वज्र योग लग जाएगा
अनुराधा नक्षत्र- 10 मार्च 2026 को शाम 7 बजकर 5 मिनट तक
10 मार्च 2026 व्रत-त्यौहार- श्री शीतला सप्तमी व्रत
शीतला सप्तमी 2026 के दिन शुभ मुहूर्त
सप्तमी तिथि प्रारंभ – मार्च 09, 2026 को 11:27 पी एम बजे
सप्तमी तिथि समाप्त – मार्च 11, 2026 को 01:54 ए एम बजे
शीतला सप्तमी पूजा मुहूर्त – 06:37 ए एम से 06:26 पी एम
ब्रह्म मुहूर्त- 04:59 ए एम से 05:48 ए एम
प्रातः संध्या- 05:24 ए एम से 06:37 ए एम
अभिजित मुहूर्त- 12:08 पी एम से 12:55 पी एम
विजय मुहूर्त- 02:30 पी एम से 03:17 पी एम
गोधूलि मुहूर्त- 06:24 पी एम से 06:48 पी एम - 19 मार्च 2026 से हिन्दू नववर्ष 2083 प्रारंभ होगा। इस वर्ष ‘रौद्र’ नामक संवत्सर प्रारंभ हो रहा है। हिंदू नववर्ष के राजा बृहस्पति और मंत्री मंगल रहेंगे। जब गुरु और मंगल का संयोग बनता है तो इसे धर्म योद्धा योग कहते हैं। इस दिन को गुड़ी पड़वा कहते हैं। इस दिन से नए दिन प्रारंभ होते हैं। अमान्त कैलेंडर के अनुसार हिंदू नववर्ष कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होता है जबकि पूर्णिमांत कैलेंडर के अनुसार चैत्र प्रदिपदा से प्रारंभ होता है। दोनों का ही अपना अलग अलग महत्व है परंतु सर्वमान्य चैत्र प्रतिपदा का ही माना गया है।
- संवत्सर फल का सारांश:
- राजा गुरु: न्याय, सुख, अच्छी फसल और धार्मिक कार्यों में वृद्धि, लेकिन अतिचारी होने से इसकी गारंटी नहीं।
- मंत्री मंगल: साहस, सैन्य विजय, अग्नि भय, विस्फोट, राजनीतिक उथल-पुथल और युद्ध।
- रौद्र नाम: प्राकृतिक प्रकोप, नरसंहार, जनविद्रोह और सत्ता परिवर्तन के संकेत।
- 5 राशियों पर शुभ प्रभाव: मेष, सिंह, धनु, वृश्चिक और मीन राशि पर शुभ प्रभाव रहेगा।
- सर्वाधिक धन लाभ: मेष और धनु पर राजा गुरु की विशेष कृपा होगी।
- शत्रु विजय (अपराजेय): वृश्चिक और मकर को मंत्री मंगल का साहस और शनि का अनुशासन मिलेगा।
- करियर में उथल-पुथल से बचाव: सिंह और मीन को प्रशासनिक क्षमता और बुद्धिमत्ता मिलेगी।
- विशेष नोट: ज्येष्ठ मास दो बार आने से गर्मी और उग्रता (मंगल का प्रभाव) बढ़ सकती है। वृषभ, मिथुन और कुंभ राशि वालों को शनि-मंगल की युति के कारण संभलकर चलने की सलाह दी जाती है।