BJP को फिर मुंह की खानी पडी
पुष्कर सिंह धामी के प्रभाव वाले गृह क्षेत्र चंपावत और खटीमा के परिणामों भाजपा के लिए चिंता बढ़ा रहे हैं सबसे अधिक नुकसान कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की विधानसभा सितारगंज में देखा जा रहा है। छह सीटों में से चार सीटों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा है। पंचायत चुनाव के परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आए हैं।

प्रदेश में सभी 12 जिलों से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नतीजे जारी कर दिए गए हैं। इस बार जिला पंचायतों में निर्दलीय प्रत्याशियों का डंका बजा है। भाजपा और कांग्रेस को पीछे छोड़ निर्दलीय प्रत्याशियों ने 145 सीटों पर जीत हासिल की। जिला पंचायत की कुल सीटें : 358
भाजपा समर्थित : 121 जीते
कांग्रेस समर्थित : 92 जीते
निर्दलीय : 145 जीते

सियासी दिग्गजों के साथ राजनीतिक विश्लेषकों को भी चौंका दिया मंत्री बहुगुणा के क्षेत्र में भाजपा पिछड़ी, छह में से चार सीटों पर हार का सामना करना पड़ा खटीमा विधानसभा में दो सीटों पर घोषित परिणाम में भाजपा समर्थितों को पराजय मिली है। रुद्रपुर की प्रतापपुर सीट पर कांग्रेस बढ़ बनाए हुए हैं, वहीं दोपहरिया और कुरैया सीट पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी को कांग्रेस से कड़ी टक्कर मिल रही है। दरअसल जिला पंचायत का सबसे पहला परिणाम खटीमा की बिगराबाद सीट पर घोषित हुआ था। पहले परिणाम में कांग्रेस समर्थित हीरा देवी को जीत मिली। इस विधानसभा की गांगी सीट पर निर्दलीय रीता कफलिया ने जीत दर्ज की और भाजपा समर्थित तीसरे स्थान पर रही।
नैनीताल जिले में निर्दलीयों और बागियों का बोलबाला, BJP-कांग्रेस का सूपड़ा साफ

जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भाजपा को मुंह की खानी पड़ी है। इस चुनाव में भाजपा को केवल चार सीटें मिली हैं। चार भाजपा के बागी जीते हैं जबकि कांग्रेस को दो सीटों पर संतोष व्यक्त करना पड़ा है। शेष सीटों में निर्दलीय और बागियों ने परचम लहराया है। घोषित परिणामों के मुताबिक रामड़ी आन सिंह सीट भाजपा के बागी प्रमोद बोरा की पत्नी छवि कांडपाल बोरा जीती हैं उन्हें 9118 वोट मिले हैं। छवि ने निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया को 2380 वोट से हराया। बेला को 6738 वोट मिले। दीनी तल्ली सीट से कांग्रेसी नेता गोपाल सिंह बिष्ट की पत्नी पूनम बिष्ट चुनाव जीती हैं। उन्होंने भाजपा समर्थित प्रत्याशी जीवन बर्गली को हराकर जीत दर्ज की है। पूनम को 2057 और जीवन को 1734 वोट मिले। धारी ब्लॉक की चौखुटा जिला पंचायत सीट से निर्दलीय प्रत्याशी दीप सिंह बिष्ट ने भाजपा समर्थित गौरव बिष्ट को हराया। दीप को 2232 व गौरव को 1559 वोट मिले। चोरगलिया आमखेड़ा सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी लीला बिष्ट ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी अनिता बेलवाल को हराया। लीला को 9683 व अनिता को 5788 वोट मिले। चापड़ में निर्दलीय प्रत्याशी तरुण शर्मा ने दोबारा हुई गिनती में चार मतों से निर्दलीय प्रत्याशी नंद किशोर को हराया। तरुण को 1995 वोट मिले।
पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सीटों पर रहे परिणाम ने भाजपा के लिए चिंता बढ़ा रहे हैं। सबसे अधिक नुकसान मंत्री सौरभ बहुगुणा की विधानसभा सितारगंज में देखा जा रहा है। छह सीटों में से चार सीटों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा है।
पंचायत चुनाव में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया है। हरीश रावत ने कांग्रेस के प्रदर्शन की सराहना करे हुए बीजेपी पर निशाना साधा।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में स्याल्दे ब्लॉक की बबलिया क्षेत्र पंचायत सीट पर भाजपा को बड़ा झटका लगा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर विधायक महेश जीना के बेटे करन जीना को हार का सामना करना पड़ा। बवलिया सीट पर क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए करन जीना और करन नेगी चुनाव मैदान में थे। करन जीना राजनीतिक घराने से थे। समर्थकों को उनकी जीत की उम्मीद थी लेकिन घोषित परिणामों ने सबको बींका दिया। करन नेगी ने राजनीतिक घराने के करन जीना को 51 मतों से पराजित कर जीत हासिल की। विजेता प्रत्याशी करन नेगी को 304, करन जीना को 253 मत मिले हैं। कुल पड़े 569 वोटों में से 12 अवैध घोषित किए गए। करन जीना के चुनाव पर सबकी निगाहें थीं क्योंकि उनके पिता महेश जीना लगातार दूसरी बार के विधायक हैं। उनकी अच्छी राजनीति पकड़ है। ये हार जीना परिवार की राजनीति साख पर भी दाग से कम नहीं है। करन को आगामी ब्लॉक प्रमुख पद के लिए भी प्रबल दावेदार माना जा रहा था। उनके चाचा स्व. सुरेंद्र सिंह जीना इससे पहले तीन बार लगातार विधायक रहे थे।
भाजपा नेता न खुद पंचायत चुनाव जीते, ना ही पत्नी को जिता सके
अल्मोड़ा जिले के भैसियाछाना ब्लॉक में हुए पंचायत चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के मंडल अध्यक्ष संतोष कुमार राम और उनकी पत्नी पूजा देवी दोनों को क्षेत्र पंचायत चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। ब्लॉक प्रमुख का पद एससी वर्ग के लिए आरक्षित होने के बाद संतोष कुमार को प्रबल दावेदार माना जा रहा था। संतोष नौगांव सीट से चुनावी मैदान में थे, | जहां उन्हें सूरज कुमार ने 267 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। हैरानी की बात यह रही कि भाजपा जैसे बड़े संगठन से जुड़े होने के बावजूद संतोष तीसरे स्थान पर खिसक गए। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी और संतोष को ब्लॉक प्रमुख पद के संभावित उम्मीदवारों में गिना जा रहा था। इसी बीच उनकी पत्नी पूजा देवी डूंगरलेख सीट से चुनाव लड़ीं, लेकिन वे भी मतदाताओं का विश्वास जीतने में असफल रहीं। यहां प्रिया चम्याल जीतने में सफल रहीं।
ब्लॉक प्रमुख सिर्फ सात वोट से हारे, पत्नी भी नहीं जीत सकीं
बागेश्वर/कपकोट क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के चुनाव में किलपारा सीट पर बड़ा उलटफेर हुआ है। यहां निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख और पूर्व में जिपं सदस्य रहे गोविंद सिंह दानू को हार का सामना करना पड़ा है। उन्हें किशन सिंह दानू ने महज सात मतों के अंतर से हराया। वदियाकोट क्षेपं सीट से उनकी पत्नी किरन दानू को भी पराजय का मुंह देखना पड़ा है। किलपारा क्षेपं सीट से गोविंद दानू के अलावा किशन सिंह दानू, नीरज विष्ट और धरमा देवी भी चुनाव मैदान में थी। कयास लगाए जा रहे थे कि गोविंद दानू इस सीट पर आसानी से जीत हासिल करेंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं। किशन सिंह दानू ने 275 बोट लाकर इस सीट से जीत हासिल की। गोविंद दानू 268 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। बदियाकोट सीट से निवर्तमान प्रमुख दानू की पत्नी किरन दानू चुनाव मैदान में थी। उन्हें 304 वोट मिले जबकि खिलाफ सिंह ने 518 मत प्राप्त कर शानदार जीत हासिल की।
ABP SPONSOR NEWS; उत्तराखंड पंचायत चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत & ALL MEDIA
जिला पंचायत की कुल सीटें : 358 भाजपा समर्थित : 121 जीते कांग्रेस समर्थित : 92 जीते
निर्दलीय : 145 जीते निर्दलीय निभाएंगे किंग मेकर की भूमि; त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना के बाद अब चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। जिला पंचायत चमोली में आठ ऐसे प्रत्याशी जीते हैं जो सीधे तौर पर किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़े हैं। ऐसे में अध्यक्ष के चुनाव में वे किंग मेकर बनकर उभरेंगे। पंचायत चुनाव में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया है। हरीश रावत ने कांग्रेस के प्रदर्शन की सराहना करे हुए बीजेपी पर निशाना साधा।
ABP SPONSOR NEWS; बीजेपी के सीधे उम्मीदवारों को कुल 101 सीटें मिलीं और बीजेपी समर्थित (BJP+) उम्मीदवारों को 23 सीटें मिलीं. कुल मिलाकर बीजेपी गुट को 124 सीट पर जीत मिली है.
उत्तराखंड में जिला पंचायत सदस्यों के लिए 358 सीटों पर कांग्रेस बीजेपी और निर्दलीय चुनावी मैदान में है. भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करते हुए के सीटों पर भारी मतों से जीत हासिल की है. वहीं कांग्रेस ने एक बार फिर से सरकार और चुनाव आयोग पर सवालिया निशान खड़ा किया है.
बीजेपी के सीधे उम्मीदवारों को कुल 101 सीटें मिलीं और बीजेपी समर्थित (BJP+) उम्मीदवारों को 23 सीटें मिलीं. कुल मिलाकर बीजेपी गुट को 124 सीट पर जीत मिली है. कांग्रेस के सीधे उम्मीदवारों को 64 सीटें मिलीं और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को 30 सीटें मिलीं. कुल मिलाकर कांग्रेस गुट को 94 सीटें मिली हैं.
बीजेपी को कांग्रेस पर 30 सीटों पर बढ़त
अगर आकड़ों के हिसाब से देखा जाए तो पंचायत चुनाव में बीजेपी गठबंधन को कुल 124 सीटें मिलीं और कांग्रेस गठबंधन को कुल 94 सीटें मिलीं. मतलब साफ है कि बीजेपी को कांग्रेस पर 30 सीटों की स्पष्ट बढ़त मिली है. 358 में से अभी तक बीजेपी को उसके सहयोगियों 124 ओर कांग्रेस और उसके सहयोगियों को 94 सीटें मिली हैं, इससे साफ है कि प्रदेश में बीजेपी अभी भी अपना दबदबा कायम रखने में कामयाब रही है.
सीएम धामी ने दी जीतने वाले प्रत्याशियों को बधाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जीतने वाले प्रत्याशियों को बधाई दी है और उनको उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दिए हैं और सभी से सरकार के साथ एग्जिट होकर मिलकर अपने क्षेत्र के विकास करने को लेकर आश्वासन दिया है.
बीजेपी ने बरकरार रखा अपना दबदबा ‘उत्तराखंड में 12 जिलों में पंचायत चुनाव होने थे इनमें अधिकांश जगहों पर कांग्रेस के प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा है. वहीं भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर से अपना दबदबा कायम रखा है और उम्मीद जताई जा रही है कि 12 के 12 जिलों में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी ही जिला पंचायत अध्यक्ष बनकर आएंगे. इसको लेकर खुद पार्टी के तमाम नेताओं ने खुले तौर पर दावा किया है.
REAL NEWS
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कई राजनीतिक दिग्गजों की साख दांव पर थी। इसमें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और पूर्व ब्लॉक प्रमुख भी अपनी सीट नहीं बचा पाए। वहीं भाजपा समर्थित करीब छह से सात सीटें तो आई हैं, लेकिन उनके दिग्गज अपनी सीट नहीं बचा पाए। भटवाड़ी विकासखंड में पूर्व दो ब्लॉक प्रमुख सहित पुरोला में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हार गए। पुरोला में जिला पंचायत सीट पर रामा वार्ड सबसे हॉट सीट बनी हुई थी। क्योंकि यहां भाजपा के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सतेंद्र राणा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष हरिमोहन नेगी और जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण मैदान में थे। इसमें दीपक बिजल्वाण ने सतेंद्र राणा से करीब 1200 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। वहीं भटवाड़ी में पूर्व ब्लॉक प्रमुख विनीता रावत मैदान में थीं। वह करीब डेढ़ सौ मतों से अपने प्रतिद्वंद्वी से हार गईं। साथ ही पूर्व में भटवाड़ी ब्लॉक प्रमुख रहे और जिला पंचायत सदस्य चंदन पंवार इस बार तीसरे नंबर पर रहे। इस बार के चुनाव में अप्रत्याशित मतों के कारण कई दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा। यह सभी हारने वाले प्रत्याशी भाजपा के दिग्गज हैं।
पौड़ी में जिला पंचायत पद पर कांटे की टक्कर
जिला प्रशासन की ओर से पंचायत के 1430 पदों पर 4042 प्रत्याशियों की मतगणना देर रात तक भी जारी रही। जनपद में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत बृहस्पतिवार को जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ग्राम प्रधान व वार्ड सदस्यों के 1430 पदों के सापेक्ष 4042 प्रत्याशियों के लिए मतगणना प्रक्रिया सुबह 8 बजे से शुरू हुई। जिसमें जिला पंचायत की 38 सीटों के सापेक्ष 163, क्षेत्र पंचायत की 370 में से 1194 और ग्राम प्रधान के 1166 में से 2545 प्रत्याशी मैदान में हैं। साथ ही वार्ड सदस्यों के 8188 सीटों के सापेक्ष 140 सीटों पर मतगणना हुई। प्रशासन के मुताबिक जनपद में वार्ड सदस्यों के कुल 8188 सीटों में से 2051 प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। जबकि 6066 रिक्त हैं। जबकि 71 पदों पर मतगणना होनी हैं। क्षेत्र पंचायत के 370 पदों में से 246 पदों पर ही मतगणना देर शाम तक हो सकी। जिसमें कोट की 20, खिर्सू की 20, पौड़ी 21, पोखड़ा 21 सीटों पर देर शाम तक शत प्रतिशत मतगणना संभव हो सकी। वहीं ग्राम प्रधान के 1166 सीटों में से 1042 सीटों पर मतगणना पूरी हो चुकी है।
चमोली जनपद में चार जिला पंचायत सीटों का परिणाम घोषित हुआ है। जिसमें मालसी सीट से भाजपा की पूजा देवी को हराकर निर्दलीय कामेश्वरी देवी, कोठा में भाजपा के बलवीर रावत को निर्दलीय सुरेश कुमार, आंद्रपा से भाजपा के जगदीश सिंह ने जीत दर्ज की है। बूरा से भाजपा की सुलोचना देवी को हराकर भगवती देवी ने जीत दर्ज की है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में दो ग्राम प्रधानों की जीत का निर्णय टॉस (पर्ची सिस्टम) से किया गया। दोनों ग्राम पंचायतों में बराबर-बराबर वोट पड़ने से मामला टाई हो गया था। जिसके बाद पर्ची सिस्टम से जीत-हार का निर्णय किया गया। राउंड की मतगणना में दशोली विकासखंड के बणद्वारा ग्राम पंचायत में 23 वर्षीय युवा नितिन नेगी और रविंद्र सिंह के बीच सुबह नौ बजे मामला बराबर में अटक गया। यहां पर चार प्रत्याशी मैदान में थे। यहां कुल 383 वोट पड़े, जिसमें नितिन नेगी और रविंद्र को 138-138 वोट मिले। आरओ पंकज उप्रेती की मौजूदगी में पर्ची डाली गई जिसमें नितिन नेगी विजयी रहे।
रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि ब्लॉक के ग्राम पंचायत कांदी में ग्राम प्रधान पद की प्रत्याशी पूनम देवी व लक्ष्मी देवी को 178-178 मत मिले। ऐसे में जिलाधिकारी प्रतीक जैन की मौजूदगी में पर्ची के माध्यम से ग्राम प्रधान का चयन किया गया जिसमें लक्ष्मी देवी निर्वाचित हुईं। इस मौके पर दोनों प्रत्याशियों के परिजन व समर्थक भी मौजूद थे। दूसरी तरफ ग्राम पंचायत चौकी-बरसिल में ग्राम प्रधान प्रत्याशी विजय देवी और उर्मिला देवी को भी 102-102 वोट मिले। रिटर्निंग अधिकारी व खंड शिक्षाधिकारी अतुल सेमवाल ने लॉटरी के जरिये प्रधान का चुनाव किया जिसमें उर्मिला देवी विजयी घोषित हुईं।
उत्तरकाशी जिले के मोरी विकासखंड के दूरस्थ क्षेत्र जखोल वार्ड के जिला पंचायत सीट और सौड़ के प्रधान सीट पर दो युवा महिला प्रत्याशियों ने जीत दर्ज कर सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। 24 वर्षीय रविना रावत ने जिला पंचायत सीट पर जीत दर्ज की। तो वहीं 25 वर्षीय अंजना रावत ने सौड़ से प्रधान पद पर जीत दर्ज कर युवाओं के दबदबे को कायम किया है। सौड़ गांव की अंजना रावत ने अपने दोनों प्रतिद्वंद्वियों को स्पष्ट बहुमत से पराजित करते हुए 258 वोट प्राप्त किए। वहीं अन्य प्रत्याशी केवल 89 -34 वोटों तक ही सिमट गए। ग्राम सौड़ में प्रधान पद की दौड़ में कुल तीन उम्मीदवार मैदान में थे। वहां दोनों विरोधी लगभग समान मतों के साथ एक स्तर पर टिके रहे। वहीं अंजना रावत ने दोगुने से अधिक वोट हासिल कर जीत का परचम लहराया। वहीं दूसरी ओर जिला पंचायत सीट पर 24 वर्षीय रविना रावत ने 15 सौ से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की। इसमें दोनों प्रत्याशियों के पूर्व से ही राजनीतिक पारिवारिका पृष्ठभूमि भी कारण रहा है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद दोनों प्रत्याशियों को लोग ढोल-नगाड़ों के साथ बधाइयां दे रहे हैंं।
चमोली देवाल में बृहस्पतिवार की सुबह आठ बजे से हुई मतगणना बड़ी धीमी गति से चली। दूसरे राउंड की मतगणना 11 बजे बाद शुरू हुई। शाम पांच बजे तक पांचवें राउंड की गणना हो पाई। ब्लॉक सभागार में छह काउंटर में शुरू मतगणना के नौ राउंड होनी है। क्षेत्र पंचायत सदस्य नलधूरा पर रिकाउंटिंग हुई। यहां बीडीसी मेंबर नलधूरा में उर्वीदत्त व राहुल को वराबर 184 मत मिले। लेकिन रिकाउंटिग के बाद उर्वी दत्त दो वोट से जीत गए। बृहस्पतिवार को देर रात तक मतगणना होनी है।
सीएम धामी के गोद लिए गांव को संवारेगी 21 साल की प्रियंका, बनी सबसे कम उम्र की प्रधान
चमोली जनपद के सबसे बड़े गांवों में से एक मुख्यमंत्री आदर्श गांव सारकोट में वर्तमान में 300 से अधिक परिवार निवास करते है। गांव में पलायन न होने के चलते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंणउ में विधानसभा सत्र के दौरान सारकोट गांव को आदर्श गांव घोषित किया था
कर्णप्रयाग गैरसैंण विकासखंड में मुख्यमंत्री के आदर्श गांव सारकोट गांव की कमान अब सबसे कम उम्र की युवती प्रियंका नेगी संभालेगी। 21 वर्ष 3 माह की प्रियंका नेगी प्रधान पद के लिए र्निवाचित हुई हैं। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंदी प्रियंका देवी को हराकर विजय हासिल की। प्रियंका को 421 और प्रियंका देवी को 235 मत प्राप्त हुए। इससे पूर्व 2014-19 तक उनके पिता भी प्रधान पद पर र्निवाचित हो चुके है। प्रियंका नेगी ने गैरसैंण महाविद्यालय से राजनीति शास्त्र विषय में स्नातक किया है।
गांव की नवर्निवाचित ग्राम प्रधान प्रियंका नेगी ने कहा की मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे तमाम विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का काम करेंगी। उनकी प्राथमिकता रहेगी कि वे अपने गांव की महिलाओं को जागरूक करेंगी जिससे वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। प्रियंका नेगी के पिता पूर्व प्रधान राजे सिंह नेगी ने बताया कि गांव के विकास के लिए वे अपने बेटी का हरसंभव संभव साथ देंगे।
सितारगंज विधानसभा की गुरूग्राम सीट पर निर्दलीय शिल्पी सिंह ने बाजी मारी। इस सीट पर भाजपा समर्थित को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। गोविंदनगर सीट पर निर्दलीय अनिमा सिंह, डोहरा सीटपर निर्दलीय मधु राना और नकुलिया सीट पर निर्दलीय आशा देवी ने जीत दर्ज की। सितारगंज की जिपं सीटों से कैबिनेट मंत्री बहुगुणा की प्रतिष्ठा जुड़ी थी बल्कि इस विधानसभा से जिलाध्यक्ष कमल जिंदल भी आते हैं। इस विधानसभा का हिस्सा रही भंगा जिपं पर निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार आगे चल रही हैं। रुद्रपुर की प्रतापपुर और दोपहरिया सीट पर कांग्रेस बढ़त बनाए हुए है, वहीं कुरैया सीट पर कांग्रेस व भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा है। खानपुर पूर्व सीट पर निर्दलीय बड़ी बढ़त बनाए हुए है और यहां पर भाजपा को करारी शिकस्त मिलनी तय है।
गदरपुर की गदरपुरा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी और खटोला से निर्दलीय बढ़त बनाए हुए है। इस विधानसभा की खेमपुर सीट पर भाजपा समर्थित और बरीराई सीट पर स्थानीय भाजपा विधायक समर्थित आगे चल रहे हैं। बाजपुर की भीमकपुरी से कांग्रेस, बाजपुर गांव से निर्दलीय और टांडा आजम से कांग्रेस समर्थित आगे चल रहे हैं। रतनपुरा सीट से कांग्रेस समर्थित और हरसान सीट से निर्दलीय आगे चल रहे है। काशीपुर में प्रतापपुर सीट से भाजपा समर्थित, बांसखेड़ा खुर्द से निर्दलीय और ढकिया से भाजपा समर्थित सुरेंद्र कौर आगे चल रही हैं।
जसपुर की राजपुर सीट से कांग्रेस समर्थित जीत की ओर हैं। पतरामपुर से कांग्रेस समर्थित, नारायणपुर से भाजपा समर्थित आगे चल रहे हैं। कुल मिलाकर चुनाव की तस्वीर बेहद रोचक होने जा रही है। कई सीटों पर निर्दलीय दमखम दिखाए हुए हैं, वहीं कमजोर स्थिति में आ चुकी कांग्रेस अच्छे प्रदर्शन की ओर जाती दिख रही है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की प्रतिष्ठा का सबब बनी हरसान सीट पर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी तीसरे नंबर पर चल रहा है।
BJP को फिर मुंह की खानी पडी
जिला पंचायत चुनाव में नैनीताल जिले में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है। जिला पंचायत की जिन 23 सीटों पर पार्टी ने प्रत्याशियों को समर्थन दिया था उनमें से पांच सीटों पर भाजपा, चार पर उनके बागी प्रत्याशियों और 15 पर निर्दलीय ने बाजी मारी है।
जिला पंचायत चुनाव में नैनीताल जिले में सत्तारूढ़ भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है। जिला पंचायत की जिन 23 सीटों पर पार्टी ने प्रत्याशियों को समर्थन दिया था उनमें से पांच सीटों पर भाजपा, चार पर उनके बागी प्रत्याशियों और 15 पर निर्दलीय ने बाजी मारी है। समाचार लिखे जाने तक रामनगर की तीन सीटों पर गिनती जारी थी। सत्तारूढ़ पार्टी के मंत्री, विधायक और दायित्वधारी भी इस चुनाव में अपनी साख बचाने में कामयाब नहीं हो सके हैं। निकाय चुनाव के बाद भाजपा को मिली यह दूसरी बड़ी हार है। पंचायत चुनाव को आगामी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के सेमीफाइनल के रूप में भी देखा जा रहा था।
नैनीताल जिले में जिला पंचायत की 27 सीटें हैं। इनमें से भाजपा ने 23 सीटों पर प्रत्याशियों को समर्थन दिया था। हालांकि इन प्रत्याशियों को पार्टी का सिंबल नहीं दिया था। भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को चुनाव जिताने के लिए सांसद अजय भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, सरिता आर्या, दीवान सिंह बिष्ट व राम सिंह कैड़ा समेत भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट व सभी दायित्वधारी दिन-रात एक किए हुए थे।
इनका दावा था कि जिला पंचायत की अधिकतर सीटों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी ही चुनाव जीतेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को बैलेट पेपरों की गिनती शुरू हुई तो कहीं भाजपा के बागियों ने तो अधिकतर निर्दलीय प्रत्याशियों ने भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के सपने को चकनाचूर कर दिया। इससे पहले इसी साल जनवरी में हुए निकाय चुनाव में भाजपा को केवल नगर निगम हल्द्वानी की सीट जीतकर ही संतोष करना पड़ा था जबकि अन्य निकायों में कहीं निर्दलीय तो कहीं कांग्रेस प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी।
हार के प्रमुख पांच कारण
संगठन के पदाधिकारियों की ओर से समर्थित प्रत्याशियों से दूरी बनाना
जिला प्रशासन की ओर से लिए जा रहे जनविरोधी फैसले
भाजपा नेताओं का अति आत्मविश्वासी होना
टिकट वितरण में पार्टी से जुड़े सक्रिय कार्यकर्ताओं की उपेक्षा
प्रत्याशियों के चयन में चूक
NAINITAL DISTT; ढोलीगांव सीट से भाजपा समर्थित बहादुर सिंह नगदली ने जीत दर्ज की। उन्होंने निर्दलीय योगराज को हराया। बहादुर को 1805 और योगराज को 1785 वोट मिले। सरना से भाजपा समर्थित प्रत्याशी रेखा देवी चुनाव जीती हैं। उन्होंने सुनीता देवी को हराया। रेखा को 3091 और सुनीता को 2665 वोट मिले। देवलचौड़ बंदोबस्ती सीट से भाजपा समर्थित प्रत्याशी दीपा दरम्वाल ने जीत दर्ज की। उन्हें 9537 वोट मिले। उन्होंने कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी किरन नेगी को हराया। किरन को 5043 वोट मिले।
मल्ला ओखलकांडा से निर्दलीय प्रत्याशी प्रमोद कोटलिया ने जीत दर्ज की, उन्हें 3712 वोट मिले। उन्होंने भाजपा समर्थित हेम चंद्र सुयाल को हराया। ककोड़ से निर्दलीय प्रत्याशी डिगर मेवाड़ी जीते उन्हें 2565 वोट मिले। उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी आलम सिंह नदगली को हराया। बड़ौन में निर्दलीय प्रत्याशी मीना चिलवाल (3999 वोट) ने निर्दलीय सीमा ढोलगाई को शिकस्त दी। रामगढ़ की गहना सीट से भाजपा समर्थित ज्योति आर्या जीती। उन्हें 3353 वोट मिले। दाड़िमा सीट से निर्दलीय निधि जोशी (3067 वोट) ने जीत दर्ज की है। सूपी से निर्दलीय पुष्पा नेगी (3062 वोट) ने अनीता को हराया।
मेहरागांव जिला पंचायत सीट से कांग्रेस के जीशांत कुमार ने भाजपा समर्थित पूर्व ब्लॉक प्रमुख अंबादत्त आर्या को हराया। जीशांत को 4194 और अंबा आर्या को 2463 वोट मिले। ज्योलीकोट सीट से निर्दलीय प्रत्याशी देवकी बिष्ट ने भाजपा समर्थित आशा गिरी को हराया। अमृतपुर सीट में निर्दलीय प्रत्याशी हेमा भट्ट ने निर्दलीय सीमा गौनी को पराजित किया। हेमा भट्ट को 5026 वोट मिले जबकि सीमा गौनी को 2509 और तीसरे स्थान पर रही भाजपा समर्थित प्रत्याशी भावना रजवार को 1333 मतों से संतोष व्यक्त करना पड़ा।
सिमलखां में निर्दलीय प्रत्याशी संजय बोरा ने 142 मतों से निर्दलीय प्रत्याशी कृपाल सिंह रौतेला को हराया। यहां भाजपा समर्थित आनंद सिंह जलाल तीसरे स्थान पर रहे। कोटाबाग ब्लॉक से तलिया जिला पंचायत सीट से कांग्रेस समर्थित हेमचंद्र नैनवाल जीते। उन्होंने भाजपा समर्थित खुशहाल सिंह बिष्ट को हराया। गैबुआ पत्तापानी से अरनव कंबोज जीते। बेतालघाट के भवाली गांव से जिला पंचायत सदस्य पद पर निर्दलीय प्रत्याशी यशपाल आर्य ने भाजपा समर्थित रोहित आर्या को हराया। जग्गीबंगर जिला पंचायत सीट पर दीपा चंदोला ने किरन जोशी को सात हजार से अधिक मतों से पराजित किया। रामनगर की चिल्किया सीट से सीता सैनी ने जीत दर्ज की। सांवल्दे सीट से दीप और मालधन से सोमवीर आगे चल रहे हैं।