14 मई को हमने खबर प्रकाशित कर कहा था- केदारनाथ में पहुंचते ही विजय बहुगुणा के सितारे उल्टी चाल न चलने लेगे, सत्य साबित हुआ, 16 जून को चार धाम यात्रा रोकने की घोषणा करनी पडी-‘
13 मई को विजय बहुगुणा सव्रप्रथम पूजा अर्चना के लिए केदारनाथ की ओर जाते ;; साथ में उनकी बहन रीता बहुगुणा जोशी, साथ में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, चार धाम मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल- उत्तराखण्ड के इन कांग्रेस नेताओं ने केदारनाथ में कपाट खुलने के बाद सव्रप्रथम पूजा अर्चना की, परिणाम आप देख ही रहे है चार धाम यात्रा रोकने की घोषणा करनी पडी है, जनचर्चा है कि जहां जहां पैर पडे संतन के;;;; आगे कि लाइन आप को पता है ?

हमने अपने पोर्टल में 14 मई को खबर प्रसारित की थी-
14 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के समय होने वाली पूजा अर्चना में शामिल होकर मुख्येमंत्री अपनी गददी सुरक्षित करने के लिए पूजा पाठ करेगें तथा राज्यं में सितंबर में होने जा रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में डूबती साख को बचाने के लिए गुहार लगाएंगे, कहीं केदारनाथ में कदम रखते ही सितारे उल्टी चाल न चलने लेगे
14 मई को हमने खबर प्रकाशित कर कहा था- केदारनाथ में पहुंचते ही विजय बहुगुणा के सितारे उल्टी चाल न चलने लेगे, सत्य साबित हुआ, 16 जून को चार धाम यात्रा रोकने की घोषणा करनी पडी-‘
13 मई को विजय बहुगुणा सव्रप्रथम पूजा अर्चना के लिए केदारनाथ की ओर जाते ;;
हमने अपने पोर्टल में 14 मई को खबर प्रसारित की थी-
14 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के समय होने वाली पूजा अर्चना में शामिल होकर मुख्येमंत्री अपनी गददी सुरक्षित करने के लिए पूजा पाठ करेगें तथा राज्यं में सितंबर में होने जा रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में डूबती साख को बचाने के लिए गुहार लगाएंगे, कहीं केदारनाथ में कदम रखते ही सितारे उल्टी चाल न चलने लेगे,
30 जून को गुरूदेव पूज्यपाद लक्ष्मीनारायण जी राजगुरू पशुपतिनाथ काठमांडो पहुंचेगें तथा 1 जुलाई को गुरूदेव मंदिर में मौजूद रहेगे, तथा भोलेनाथ के मंदिर से वह मुझे फोन करके कुछ भविष्यवाणाी करेगे जिन्हें हम तत्काल अपने न्यूज पोर्टल में प्रकाशित करेगे, उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री के बारे में भी अहम भविष्यवाणी मैं प्रकाशित करूंगा, उनका मोबाइल नं0 भी उस समय प्रकाशित करूंगा, कोई भी महादेव को भक्त राजगुरू से बात कर सकेगा, उसके लिए सिर्फ आधा घंटा का समय गुरूदेव देगे ज्ञात हो कि गुरूदेव ने 12 मई को केदारनाथ के कहर की भविष्वाणी की थी तथा 14 जून तक का समय दिया था

कुदरत कहर बरपाती रही और उत्तराखंड सरकार सोती रही
चन्द्रशेखर जोशी सम्पाद की विशेष रिपोर्ट
सूर्य हुए दक्षिणायन, विजय बहुगुणा की बढेगी चिंताएं- राजगुरू ने कहा
21 जून शुक्रवार वर्ष का सबसे बड़ा दिन, आज के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाएंगे, यानि यह दिन शुभ नहीं माने जाते, भीष्मव पितामह सूर्य के दक्षिणायन होने तक तक शर शेयया में रहे तथा उत्तररायण होने पर ही उन्होंाने प्राण त्यागे, यानि सूर्य के दक्षिणायन के समय शुभ कार्य वर्जित हो जाते हैं, इस दौरान उत्तउराखण्डग के मुख्यमंत्री की चिंताएं बढती जाएगी और उनका विरोध बढता जाएगा, पूज्यवपाद लक्ष्मीर नारायण राजगुरू पशुपतिनाथ काठमांडो ने कहा है कि अष्टम मंगल चलने से विजय बहुगुणा के लिए घातक योग का निर्माण हो रहा है, अपमानजनक योग बनेगा तथा चिंताएं बढेगी, राजगुरू ने कहा कि उन्हों्ने मई में इन तमाम स्थिहतियों पर भविष्य वाणी की थी, वही अपनी बुद्वि, विवेक का ज्याईदा प्रयोग उनको करना चाहिए, ज्ञात हो कि चर्चा थी कि वह नौकरशाहों पर ज्याषदा निर्भर रहते हैं।
वहीं दूसरी ओर उत्तनराखण्ड के मुख्यरमंत्री की चिंताए बढती जा रही है, राष्टीय मीडिया, सोनिया गाधी, सुप्रीम कोर्ट द्वारा उत्तराखण्ड के कहर पर पूरा फोकस विजय बहुगुणा सरकार की चिंताएं बढा रहा है,
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आपदा के दूसरे दिन ही पैसे मांगने पहुंच गये दिल्ली, फिर दिल्ली में पीसी करने लगे त्रिदेव- कांग्रेस आलाकमान ने त्रिदेव की लापरवाही का लिया संज्ञान, नौकरशाहों के हाथ का खिलौना बन गये हैं त्रिदेव
उत्तराखण्ड में जब आपदा कहर बन कर टूट रही थी, मुख्य मंत्री अपने विश्वयस्तड अधिकारी राकेश शर्मा को रूसी कम्प0नी के साथ एमओयू हस्तानक्षर कराने पर बधाई दे रहे थे, रूसी कम्प?नी को सितारगंज में 100 एकड जमीन दिये जाने के एग्रीमेन्ट पर राकेश शर्मा हस्तासक्षर कर रहे थे, कुदरत के इस कहर की उन्हें0 कोई जानकारी न होने के बाद तथा बिना प्रभावित क्षेत्र में गये प्रधानमंत्री से पैसे मांगने पहुंच गये, दो विश्वजस्तन काबिना मंत्री तथा दो विश्वषस्ते टॉप नौकरशाहों के साथ पीएम से धनराशि मांगने पहुंच गये, हालांकि पीएम व सोनिया गॉधी द्वारा भारी धनराशि जारी की गयी परन्तु मुख्यमंत्री व उनके काबिना मंत्रियों की लापरवाही का भी संज्ञान लिया,
आपदा के दूसरे दिन ही पैसे मांगने पहुंच गये दिल्ली, चौतरफा आलोचना -उत्तराखण्ड सरकार की साख हुई शून्य, चौतरफा आलोचना -विजय बहुगुणा सरकार की चौतरफा आलोचना-
उत्तराखण्ड में जब आपदा कहर बन कर टूट रही थी, मुख्य मंत्री अपने विश्वयस्तड अधिकारी राकेश शर्मा को रूसी कम्प0नी के साथ एमओयू हस्तानक्षर कराने पर बधाई दे रहे थे, रूसी कम्प?नी को सितारगंज में 100 एकड जमीन दिये जाने के एग्रीमेन्ट पर राकेश शर्मा हस्तासक्षर कर रहे थे, कुदरत के इस कहर की उन्हें0 कोई जानकारी न होने के बाद तथा बिना प्रभावित क्षेत्र में गये प्रधानमंत्री से पैसे मांगने पहुंच गये, दो विश्वजस्तन काबिना मंत्री तथा दो विश्वषस्ते टॉप नौकरशाहों के साथ पीएम से धनराशि मांगने पहुंच गये, हालांकि पीएम व सोनिया गॉधी द्वारा भारी धनराशि जारी की गयी परन्तु मुख्यमंत्री व उनके काबिना मंत्रियों की लापरवाही का भी संज्ञान लिया,

19 जून को मेरे द्वारा खबर प्रकाशित की गयी थी-
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CS JOSHI- EDITOR
केदारनाथ से एक शर्मनाक घटना -सामने आ रही है,
यह खबर जो हिला कर रख देगी आपको- परन्तु एक महिला पर्यटक ने मुझे फोन से दी है, इसलिए प्रकाशित करना जरूरी है- द्रिल्ली से केदारनाथ आयी महिला पर्यटक जो पेशे से जनर्र्लिस्ट है, उनका नाम गीता है, ने खबर दी है कि म़तकों से रूपये पैसे भी झपटे जा रहे हैं, गीता जी ने बताया कि यह उनके सामने की घटना है जिसमें एक म़तक के पास के थैले को लूटने की कोशिश हुई, जब उनके साथ के लोगों ने उन्हें रोका तो लडाई की नौबत आ आयी, गीता जी का मोबा नं0 80006713216 तथा 8130804969 है उन्होंने बताया कि म़तक महिलाओं के गहने लूटे जाने की भी घटना हुई हैं, तो म़तक पुरूषों के पास जो भी सामान है, उन्हें लूटने की घटना उनके सामने की है-

विजय बहुगुणा सरकार की चौतरफा आलोचना- का परिणाम होगा घातक ; सरकार की साख हुई शून्य
; भविष्यवाणी का होने लगा है असर
राजगुरू पशुपतिनाथ काठमांडो की विजय बहुगुणा के बारे में भविष्यवाणी-‘
विजय बहुगुणा को देवभूमि उत्तराखण्ड का प्रथम सेवक बनने का सौभाग्यन मिला परन्तु आज स्थिति यह है कि उनके हर कार्य उनके विपरीत जा रहे हैं, उनके हर कार्य से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वह देवभूमि में पाप है, देवभूमि में कुदरत का कहर टूटा वह भी उनके खिलाफ गया, आम जनता से लेकर कांग्रेस हाईकमान तक उनसे कुपित हो गया, विजय बहुगुणा को अपने सम्पूर्ण जीवन में इस तरह की सथिति से दो चार नहीं होना पडा होगा, जिस तरह उन्हें वर्तमान समय में होना पड रहा है, कारण, उनके अच्छे कार्य उनके बुरे कार्य पर हावी थे इस कारण कुदरत ने उन्हें अपमानजनक पीडा से दूर रखा, अब उसका समय आ गया है जिसका दण्ड उन्हें भोगना है, पूज्य पाद लक्ष्मी नारायण जी राजगुरू पशुपतिनाथ काठमांडो ने भविष्यबवाणी की है कि उन्हें अपमानजनक पीडा भुगतनी पडेगी, उन पर कई तरह के आरोप लगेगे, उनकी चौतरफा प्रचण्ड आलोचना होगी जिससे वह मानसिक रूप से विचलित हो जांएगे, और सितारे उनके लगातार प्रतिकूल होते चले जाएंगे, जिससे उनका पद तो जाएगा ही अपमानजनक आलोचना के वह पात्र बनेगें, 2013 समाप्ति तक वह विषम परिस्थि ति के शिकार बन चुके होगें,

उत्तराखण्ड की आपदा को गंभीरता से नहीं लिया
भारत सरकार व राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड की आपदा को गंभीरता से नहीं लिया – लाखों जनता उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में फंसी है, कोई विशेष आपरेशन शुरू करने के बारे में सोचा तक नहीं गया- गुप्तकाशी में फंसी महिला ने फोन पर बताया कि केदारनाथ क्षेत्र में 2 हजार से ज्यादा काल के गास में समाये वहीं सैकडो गाडिया नदी में समायी है-
केदारनाथ में मंदिर को छोड़ सबकुछ बह गया -बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे केदारनाथ से पांच साथियों के साथ लापता – उत्तराखंड सरकार की आपदा नीति की चौतरफा आलोचना – देहरादून,, मसूरी, .ऋषिकेश में जन जीवन अस्तं– व्य सत – नैनीताल में अब बहा.तब बहा की स्थिाति रही, १८८० की पुनरावृत्ति हुई – धारचूला में तबाही, में अलकनंदा ने कहर बरपाया – रुद्रप्रयाग शहर तबाही के मुहाने पर – उत्तराखंड में प्रकृति का रौद्र रूप नुक्सान के अब तक के आंकड़े- राज्य सरकार के पास नहीं है आंकडे- उत्तरकाशी में पूरा जिला ही आपदा में फंसा – दैवीय आपदा की दृष्टि से सबसे संवेदनशील टिहरी जनपद – प्रतापनगर, देवप्रयाग, भिलंगना प्रखंड, घनोल्टी क्षेत्र, चम्बा में भारी जन व धनहानि – चमोली में भारी तबाही, अल्मो,डा जनपद में भारी क्षति –बागेश्वर जनपद में भारी हानि के उपरांत खाद्यान्नत संकट गहराया,
एक लेखक होने के नाते मैं भी यही कह सकता हूं कि -* कोई जागे या न जागे, यह है मुकदर उसका, मेरा काम है आवाज लगाते रहना——— चन्द्रशेखर जोशी सम्पादक–
हमने खबर 14 मई 2013 को खबर प्रकाशित की थीृ;
निष्टकारी योग में कपाट खुलवा रही है मंदिर समिति
अनिष्टकारी योग में कपाट खुलवा कर पूजा करवा रही है मंदिर समिति —– 14 जून तक कुछ विशेष घटित होने की आशंका;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;
बदरीविशाल, बाबा केदारनाथ का कहर कहा टूटने वाला है,
रेल मंत्रालय बचाने के लिए पवन बंसल ने शाम को सफेद बकरे का टोटके का सहारा भी लिया था। पवन बंसल ने रेल भवन जाने के लिए घर से निकलने से पहले एक बकरे को कुछ खिलाया, उसे सहलाया और पास खड़ी बंसल की पत्नी ने उनकी नजर उतारी परन्तु सितारो की चाल उल्टी पडने लगी थी, कोई भी टोटका काम न आया, पवन बंसल की कुर्सी चली गई. बेचारे टोटका करने के लिए बकरा लाए, कुर्सी बचाने के लिए बकरे की नज़र उतारी गई, उसको खिलाया पिलाया गया, लेकिन बकरे के पैर बंसल के घर में पड़ते ही अनहोनी हो गई. इसी तरह का कुछ वाक्या उत्तराखण्ड में देखने को मिल रहा है, अवसर अक्षय त़तीया पर चार धाम के कपाट खुलने का है, उत्तराखण्ड के सत्तासीन नेता सोंच रहे है कि सरकारी खर्चे से पूजापाठ कर अपने पाप उतार लिये जाये, परन्तु इस बार बडी भारी चूक होकर अनहोनी घटना घटने जा रही है, हुआ यूं कि गंगोत्री तथा यमनोत्री धाम के कपाट मंदिर समिति ने अक्षय त़तीय पर खोलना सुनिश्चित किया, इसके लिए समय निकाला गया 13 मई को समय 2 बजकर 24 मिनट परन्तु यही चूक हो गयी, घडी के अंतर ने विधि के विधान में अपशकुन की घडी फिट करा दी, अक्षय त़तीया 12 मई को शुरू होकर 13 मई को 12 बजकर 42 मिनट पर खत्म हो रही है, तथा रोहणी नक्षत्र है, इस दौरान शानदार व विशेष संयोग है परन्तु यह अवसर चूक गये तो अनिष्टकारी योग है, 12 बजकर 24 मिनट के बाद रोहणी नक्षत्र खत्म हो रहा है तथा पित़्र पूजन का योग है जिसमें पवित्र कार्य निषेध है, देवताओं की पूजा न करने का योग है, जबकि मंदिर समिति यह अनिष्टकारी योग में कपाट खुलवा कर पूजा करवा रही है, इसका क्या असर व परिणाम होगा, यह तो ज्योतिषाचार्य गणना कर बाद में बताएंगे परन्तु गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट गलत मुहूर्त में खोले जाने का मुहूर्त पहली बार हो रहा है, इसके लिएजाने क्या अनिष्टकारी योग छिपा है, ज्ञात हो कि मेरे द्वारा निम्न लाइन दो दिन पूर्व फेसबुक में प्रकाशित की थी, आपके संज्ञान के लिए पुन- प्रकाशित कर रहा हूं,
14 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के समय होने वाली पूजा अर्चना में शामिल होकर मुख्येमंत्री अपनी गददी सुरक्षित करने के लिए पूजा पाठ करेगें तथा राज्यं में सितंबर में होने जा रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में डूबती साख को बचाने के लिए गुहार लगाएंगे, कहीं केदारनाथ में कदम रखते ही सितारे उल्टी चाल न चलने लेगे,
12 मई को चार धाम यात्रा की औपचारिक शुरूआत ऋषिकेश में कैबिनेट मंत्री डा0 हरक सिंह रावत ने सैकडों बसों को हरी झण्डी दिखाकर यात्रा शुरू करवायी वही 12 मई को समय 130 बजे सूबे के डीजीपी ने ईटीवी से बातचीत में कहा कि उन्हें डर है कि सडकों व लैंसस्लाइडिंग के कारण दुर्घटनाओं ज्यादा न हो ;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;; बदरीविशाल, बाबा केदारनाथ का कहर कहा टूटने वाला है, यह भविष्य के गर्त में है, एक लेखक होने के नाते मैं भी यही कह सकता हूं कि -* कोई जागे या न जागे, यह है मुकदर उसका, मेरा काम है आवाज लगाते रहना——— चन्द्रशेखर जोशी सम्पादक– www.himalayauk.org (UK Leading Newsportal & Daily Newspaper) publish at Dehradun & Haridwar mail; himalayauk@gmail.com