DEHRADUN; TOP NEWS; 13 AUGUST 2019

सूचना महानिदेशक दीपेन्द्र  चोधरी   को अपने बीच शिक्षक के रूप में पाकर छात्र काफी खुश नजर आये।
हिमालयायूके- हिमालय गौरव उत्‍तराखण्‍ड
देहरादून, 13 अगस्त 2018,  आज प्रातः 8 बजे जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेशन द्वारा बाढग्रस्त क्षेत्र गौहरीमाफी का सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण करते हुए प्रभावित क्षेत्र का  जायजा लिया गया और अधीनस्थ तथा सम्बन्धित विभिन्न विभागीय अधिकारियों को प्रभावितों हेतु राहत तथा तात्कालिक वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के मौके पर ही निर्देश दिये गये।

Presented by- हिमालयायूके- हिमालय गौरव उत्‍तराखण्‍ड

Leading Digital Newsportal & DAILY NEWSPAPER) CHANDRA SHEKHAR JOSHI- EDITOR

जिलाधिकारी ने गांव में  स्थित विद्यालय में बनाये गये राहत केन्द्र में लोगों के लिए रहन-सहन,  खाने-पीने, पेयजल इत्यादि की जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा प्रभावित परिवारों को आवश्यकतानुसार जरूरी खाद्य सामग्री, चिकित्सा व्यवस्था इत्यादि उपलब्ध कराने के   निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को क्षेत्र में नियमित रूप से आवश्यक दवाईयों सहित मेडिकल टीम बनाये रखने, लोक निर्माण विभाग को लोगों को जरूरी कार्यों हेतु  क्षेत्र में आर-पार आवागमन हेतु वैकल्पिक व्यवस्था बनाने, जिला पूर्ति अधिकारी पर्याप्त खाद्य सामग्री, मोमबत्ती, गैस, मिट्टी तेल इत्यादि सामग्री समुचित मात्रा में उपलब्ध करवाने, स्थानीय पुलिस प्रशासन को एस.डी.आर.एफ के साथ समन्वय स्थापत करते हुए आवश्यकता पड़ने पर रेसक्यू कार्य करने में सहयोग करने के निर्देश दिये।  उन्होंने तहसील प्रशासन ऋषिकेश को प्रभावितों को मानक अनुसार मुआवजा वितरण, सिंचाई विभाग को नदी को लगातार चैनलाईज करने,  जल संस्थान व पेयजल निगम को स्वच्छ पेयजल की निर्बाध आपूर्ति उपलब्ध करवाने, विद्युत विभाग को प्रभावित क्षेत्र में वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था रखने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी सम्बन्धित विभागों को एक टीम क्षेत्र में बनाये रखने के भी निर्देश दिये, जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत व सुधारीकरण कार्य चलाया जा सके।   
जिलाधिकारी ने गांव में  स्थित विद्यालय में बनाये गये राहत केन्द्र में लोगों के लिए रहन-सहन,  खाने-पीने, पेयजल इत्यादि की जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा प्रभावित परिवारों को आवश्यकतानुसार जरूरी खाद्य सामग्री, चिकित्सा व्यवस्था इत्यादि उपलब्ध कराने के   निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को क्षेत्र में नियमित रूप से आवश्यक दवाईयों सहित मेडिकल टीम बनाये रखने, लोक निर्माण विभाग को लोगों को जरूरी कार्यों हेतु  क्षेत्र में आर-पार आवागमन हेतु वैकल्पिक व्यवस्था बनाने, जिला पूर्ति अधिकारी पर्याप्त खाद्य सामग्री, मोमबत्ती, गैस, मिट्टी तेल इत्यादि सामग्री समुचित मात्रा में उपलब्ध करवाने, स्थानीय पुलिस प्रशासन को एस.डी.आर.एफ के साथ समन्वय स्थापत करते हुए आवश्यकता पड़ने पर रेसक्यू कार्य करने में सहयोग करने के निर्देश दिये।  उन्होंने तहसील प्रशासन ऋषिकेश को प्रभावितों को मानक अनुसार मुआवजा वितरण, सिंचाई विभाग को नदी को लगातार चैनलाईज करने,  जल संस्थान व पेयजल निगम को स्वच्छ पेयजल की निर्बाध आपूर्ति उपलब्ध करवाने, विद्युत विभाग को प्रभावित क्षेत्र में वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था रखने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी सम्बन्धित विभागों को एक टीम क्षेत्र में बनाये रखने के भी निर्देश दिये, जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत व सुधारीकरण कार्य चलाया जा सके।
शिक्षक की भूमिका में नजर आये सूचना महानिदेशक दीपेन्द्र  चोधरी
छात्रों को दी सरकार की रोजगार व स्वरोजगापरक योजनओं की जानकारी
देहरादून। सूचना महानिदेशक दीपेन्द्र  शिक्षक की भूमिका में नजर आये सूचना महानिदेशक दीपेन्द्र चोधरी  आज हरिद्वार बाईपास रोड़ स्थित फ्यूजन इंस्टीटयूट आॅफ होटल मैनेजमैंट संस्थान पहुंचे। जहां उन्होने उत्तराखंड ग्राम्य विकास समिति के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आये छात्रों से मुलाकात की साथ ही संस्थान द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण के संबध में जानकारी प्राप्त की।
फ्यूजन इंस्टीटयूट आॅफ होटल मैनेजमैंट संस्थान में प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत छात्रों के प्रणाम पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें सूचना महानिदेशक दीपेन्द्र चोधरी  ने शिरकत की। फ्यूजन इंस्टीटयूट आॅफ होटल मैनेजमैंट संस्थान के निदेशक अरूण चमोली और आशीष नौटियाल ने सूचना महानिदेशक दीपेन्द्र चोधरी   का स्वागत करते हुए उन्हें संस्थान द्वारा हाॅस्पिलिटी व होटल मैनेजमैंट के क्षेत्र में कराये जा रहे कार्यों से अवगत कराया। इस दौरान सूचना महानिदेशक दीपेन्द्र चैधरी ने उत्तराखंड ग्रामीण विकास समिति के द्वारा संस्थान में चलाये जा रहे विभिन्न रोजगार परख कोर्सों के बारे में और उनकी वर्तमान स्थिति के बारे जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रदेश के कोने-कोने से आये छात्रों के शिक्षण-प्रशिक्षण लेकर खाने और रहने की सुविधा के साथ ही कोर्स पूर्ण होने पर स्वरोजगार या नौकरी को लेकर संस्थान के निदेशक अरूण चमोली और आशीष नौटियाल से विस्तार से जानकारी प्राप्त की। सूचना महानिदेशक दीपेन्द्र  चोधरी   ने इस दौरान उत्तराखंड ग्राम्य विकास समिति के सहयोग से संस्थान में स्किल डेप्लमेंट का शिक्षण-प्रशिक्षण ले रहे छात्रों से मुलाकात कर उनके भविष्य की योजनाओं को लेकर बातचीत की। साथ ही छात्रों के साथ अपने छात्र जीवन के अनुभव भी बांटे।
सूचना महानिदेशक दीपेन्द्र  चोधरी   को अपने बीच शिक्षक के रूप में पाकर छात्र काफी खुश नजर आये।  सूचना महानिदेशक ने छात्रों से कहा कि केन्द्र सरकार और राज्य सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए तमाम महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं को चलाने का मकसद यह है कि व्यक्ति रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों में न जाकर अपने ही शहर में स्वरोजगार शुरू कर दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध कराये। सूचना महानिदेशक दीपेन्द्र चैधरी ने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवाओं ने सरकार की स्किल डेप्लमेंट, स्टार्ट अप योजना, उत्तराखंड ग्राम्य विकास समिति के द्वारा चलाये जा रहे मौन पालन, मशरूम पालन, हाॅटरीकल्चर, हाॅस्पिलिटी व होटल मैनेजमैंट के जरिए खुद का स्वरोजगार शुरू कर दिया है। बड़ी संख्या में युवा अपने राज्य में लौटकर इन योजनाओं से जुड़कर बेहत्तर काम कर रहे हैं। सूचना महानिदेशक ने कहा कि वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सहित अन्य कई योजनांए हैं जिनका लाभ युवा खुद का स्वरोजगार शुरू करने में ले सकते हैं।
 सूचना महानिदेशक दीपेन्द्र  चोधरी   ने हाॅस्पिलिटी व होटल मैनेजमैंट का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्रों से कहा कि जीवन में सफलता के लिए पढ़ाई के साथ-साथ मेहनती और धैर्य का होना बहुत जरूरी है। जो व्यक्ति अपने जीवन में इन तीनों बातों का समावेश रखता है वह आगे बढ़ता है। सूचना महानिदेशक ने छात्रों को नशे से होने वाले दुषप्रभावों को बताया और नशे से दूर रहने की अपील करने के साथ ही छात्रों से अपने आस-पास के अन्य लोगों को भी इस बारे में जागरूक करने को कहा।  
आपदा परिचालन केन्द्र देहरादून से अपरान्ह 3ः30 बजे प्राप्त सूचना के अनुसार तहसील ऋषिकेश  के अन्तर्गत गौहरीमाफी में स्थित सौंग नदी का जल वर्तमान में सामान्य है। बीति रात से प्रातः काल तक लगातार वर्षा होने के चलते कुछ जगह पर जलभराव होने के कारण गामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही थी, जिससे ग्रामीणों को रोजमर्रा की वस्तुओं के लिऐ आर-पार ले जाने के लिये एस॰डी॰आर॰एफ॰ की टीम द्वारा छोटी बोट का उपयोग किया गया।
ग्राम गोहरीमाफी में सिंचाई विभाग की 03 जे0सी0बी0 द्वारा कार्य किया जा रहा है प्रशासन द्वारा किसी भी स्थिति से निपटने के लिए एस॰डी॰आर॰एफ॰ की टीम कैम्प लगाकर मौके पर तैनात है जो स्थानीय पुलिस प्रशासन के समन्वय से कार्य कर रही है। आज दो परिवारों को आनन्दमाई इण्टर कालेज गौहरीमाफी में शिफ्ट किया गया है, जिनमें धर्म सिंह पुत्र मोर सिंह बिष्ट परिवार के 8 सदस्यों सहित एवं बसन्त सिंह परिवार के 6 सदस्य शामिल है। उक्त के अतिरिक्त वर्षा के कारण श्रीमती शान्ति देवी पत्नी श्री बेताल का मकान तीक्षण रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है तथा प्रभावित परिवार अपने पुत्री के यहां रायवाला स्वयं चले गये है। सुसवा नदी का जल स्तर बढने से ग्राम मोहम्मदपुर बडकली में 02 परिवारों के 12 लोगो को मिलन केन्द्र बडकली में शिफ्ट किया गया है तथा अन्य 02 परिवार जो कि संभावित खतरे की जद में आ सकते थे अपने रिस्तेदारों के वहा स्वयं की चले गये है। प्रभावितों के लिए राहत सामग्री स्थानीय तहसील प्रशासन तथा प्रधान के माध्यम से किया जा रहा है। नदी के रूख को परिवर्तित करने हेतु 02 जे0सी0बी0 स्थानीय प्रशासन द्वारा लगाया गया है तथा अन्य दो जे0सी0बी0 मांग की गयी है। जिसके सम्बन्ध में सिंचाई विभाग से सम्पर्क किया जा रहा है।
अन्य सूचना के अनुसार जनपद में आज 22 मार्ग अवरूद्ध हैं जिनमें लो.नि.वि प्रान्तीय खण्ड देहरादून के अन्तर्गत लम्बीधार -किमाडी- देहरादून मोटर मार्ग, पी0पी0सी0एल0 मोटर मार्ग, मोलधार सेरकी सिल्ला मोटर मार्ग, छमरोली सरोना मोटर मार्ग, सहास्त्रधारा चामासारी मोटर मार्ग, सहास्त्रधारा कालीगाड मोटर मार्ग अवरूद्ध है। लो.नि.वि निर्माण खण्ड देहरादून के अनतर्गत ब्रहमपुरी वार्ड नं0 42 के बिन्दाल नदी के किनारे ग्रामीण मार्ग अवरूद्ध है। पी0एम0जी0एस0वाई0 कालसी के अन्तर्गत बाईला मोटर मार्ग, रखी कुला मोटर मार्ग, माखटी पोखरी मोटर मार्ग ,फनार मोटर मार्ग , अटाल-सेंज मोटर मार्ग ,भूड मोटर मार्ग, उपरौली मोटर मार्ग , मनडोली मोटर मार्ग , भानपुर मोटर मार्ग अवरूद्ध है। लो.नि.वि राश्टीय राजमार्ग डोईवाला के अन्तर्गत त्यूनी से चकराता के बीच में एन0एच0 707 त्यूनी चकराता कि0मी0 54 पर अवरूद्ध है। लो.नि.वि अस्थाई खण्ड साहिया के अन्तर्गत गडोल सकरौल मोटर मार्ग, विजउ क्वेथा खतार मोटर मार्ग, हरिपुर इच्छाडी मोटर मार्ग, नराया लोरली मोटर मार्ग, सहिया क्वानू मोटर मार्ग अवरूद्ध है। लो0नि0वि0 अस्थाई खण्ड खण्ड चकराता के अन्तर्गत कोटी रिजाणु मोटर मार्ग अवरूद्ध है। अवरूद्ध मोटर मार्गों को सम्बन्धित कार्यदायी संस्था द्वारा सुचारू करने का कार्य गतिमान है।
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देहरादून, 10 अगस्त 2018, जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेशन द्वारा रायपुर-लाडपुर वन क्षेत्र तथा नालापानी के मंगलूवाला-सागरताल- खलंगा स्मारक के आसपास वन विभाग द्वारा जंगल में जल संरक्षण के किये गये कार्यों का निरीक्षण किया गया।

इस दौरान जिलाधिकारी ने वन विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर बनाये गये कन्टूर ट्रेंच, वाटर पोन्ड, परकोलेशन टैंक इत्यादि कार्यों से प्रसन्नता व्यक्त की तथा जल संरक्षण के इतने अच्छे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा मृदा कटाव को संरक्षित करते हुए जिस प्रकार से वर्षा के जल संग्रहण का कार्य किया है वह वाकई काबिले तारीफ है। ऐसे प्रयासों से नीचले वाले इलाकों में जल स्त्रोत रिचार्ज होंगे और भूमि में वर्षभर नमी बनी रहेगी, जिससे ग्रीष्मकाल में पानी की कमी नही रहेगी और हरियाली भी बनी रहेगी।

जिलाधिकारी ने वन विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर बनाये गये कन्टूर ट्रेंच, वाटर पोन्ड, परकोलेशन टैंक इत्यादि कार्यों से प्रसन्नता व्यक्त की तथा जल संरक्षण के इतने अच्छे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा मृदा कटाव को संरक्षित करते हुए जिस प्रकार से वर्षा के जल संग्रहण का कार्य किया है वह वाकई काबिले तारीफ है। ऐसे प्रयासों से नीचले वाले इलाकों में जल स्त्रोत रिचार्ज होंगे और भूमि में वर्षभर नमी बनी रहेगी, जिससे ग्रीष्मकाल में पानी की कमी नही रहेगी और हरियाली भी बनी रहेगी।

उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को जल संरक्षण के ऐसे उत्तम कार्यों को वन विभाग की अन्य क्षेत्रों की भूमि पर भी करने के निर्देश दिये, साथ ही सभी विभागों को ऐसे प्रयासों से प्ररेणा लेते हुए अपने-अपने यहां पर जहां तक सम्भव हो, जल संरक्षण के ऐसे ही प्रयासों को अमल में लाने की अपील की।

जिलाधिकारी ने नालापानी स्थित खलंगा शहीद स्मारक पार्क का भी निरीक्षण किया और आसपास की सुन्दरता से अभिभूत हुए । उन्होंने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को ऐसे स्थलों को पर्यटन स्थल के तौर पर बढावा देने और लोगों को ऐसे स्थलों की ओर आकर्षित करने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिये। उन्होंने पर्यटन विभाग को खलंगा स्मारक में आवश्यकतानुसार रेलिंग लगाने के भी निर्देश दिये, जिससे बच्चे व वयोवृद्ध लोगों को भी चढने-उतरने में आसानी हो।
इस अवसर पर उप प्रभागीय वना अधिकारी मसूरी के.पी वर्मा, वन क्षेत्राधिकारी रायपुर सुभाष वर्मा, वन दरोगा रायपुर वीरेन्द्र दत्त जोशी सहित वन विभाग के अन्य कार्मिक भी उपस्थित थे।

जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेशन की अध्यक्षता मे ंउनके कैम्प कार्यालय में ‘‘शत्रु सम्पत्ति निस्तारण’’ समिति की बैठक आयोजित की गयी। जिलाधिकारी ने माजरा स्थित इस प्रकार की सम्पत्ति के निरीक्षण के लिए उप जिलाधिकारी सदर तथा दिलाराम एस्टेट मसूरी के लिए उप जिलाधिकारी मसूरी को निरीक्षण अधिकारी नियुक्त करते हुए उप रजिस्ट्रार देहरादून व मसूरी को इस प्रकार की सम्पत्ति का वैल्युएशन करने के निर्देश दिये। उन्होंने शत्रु सम्पत्ति में दर्ज भूमि की वैल्युएशन, उप रजिस्ट्रार से करवाने तथा भवन की वैल्युएशन लो.नि.वि. को करने के निर्देश दिये। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट मनुज गोयल को माजरा एवं दिलाराम एस्टेट मसूरी की उप जिलाधिकारियों के माध्यम से प्राप्त निरीक्षण रिपोर्ट तथा उप रजिस्ट्रार द्वारा की गयी वैल्युएशन  की रिपोर्ट नियमानुसार भारत सरकार को प्रेषित करने के भी निर्देश दिये।

DEHRADUN NEWS

देहरादून, 09 अगस्त 2018, विकासभवन सभागार में डेंगू बुखार से बचाव एवं रोकथाम हेतु अन्तर्विभागीय बैठक आयोजित की गयी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि मानसूनी सीजन में जलभराव के कारण डेंगू मलेरिया, चिकनगुनिया, जापानी इंसेफलाइटिस जैसे वैक्टर जनित रोगों का खतरा बढ जाता है तथा लोंगों में जलभराव को हटाने और रोग की दशा  में सही जानकारी के अभाव के कारण समस्या पैनिक बन जाती है। बैठक में अवगत कराया गया कि डेंगू का मच्छर स्वच्छ पानी में अण्डे देता है व दिन में काटता है, इसकी रोकथाम हेतु जरूरी है कि कहीं पर भी जलभराव न होने दिया जाय। सभी लोग अपने आवास, कार्यालय और सार्वजनिक स्थानों पर गमलों, कूलर, फवारों, नारियल के टुकड़ो, पुराने टायरों व नमी युक्त स्थान जहां पानी का जमाव होता है मच्छरों के लार्वा पनपने के लिए जिम्मेदार  होते हैं उनको हटाये। ऐसे में सभी विभागों को अपने स्तर पर लोगों को जागरूक करने से लेकर स्वयं भी क्षेत्रों में निरीक्षण के माध्यम से ठहरे हुए पानी को हटाने का कार्य करना होगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने विभिन्न विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर डेंगू मच्छरों के रोकथाम के प्रयास करने के निर्देश दिये। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को अपने अधीनस्थ कार्मिकों के माध्यम से सभी क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों को डेंगू मच्छरों की रोकथाम तथा बिमार होने की दशा में बरती जाने वाली सावधानियों और बेहतर उपचार हेतु आवश्यक जानकारी देने, शिक्षा विभाग को स्कूली बच्चों को प्रार्थना सभा में उनके घरों में रूके पानी को हटाने व फूल्ल बाजू के कपड़े पहनने का संदेश देने , लोक निर्माण विभाग को निर्माण कार्य के दौरान ठहरे हुए पानी को हटाने तथा मजदूरों को जागरूक करने, ग्राम्य व पंचायतीराज विभाग को ग्राम सभा में और ग्राम पंचायतों की बैठक में लोगों को जागरूक करने, परिवहन विभाग को ब्रोशर व पम्पलेट के माध्यम से बसों व स्टेशनों पर संदेश चस्पा करने तथा मत्स्य विभाग को ‘‘ गम्बूजिया मछली’’ के पालन (जो मच्छरों का लार्वा खाती हैं)  हेतु मत्स्य योजना के तहत प्रेरित करने क निर्देश दिये। नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे ने कहा कि नगर निगम इस वर्ष माह अप्रेल से बीच-बीच में विभिन्न क्षेत्रों में फाॅगिंग करता आया है, वर्तमान समय में भी लगातार फागिंग की जा रही है और लोगों को पानी हटाने के लिए जागरूक भी किया रहा है। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी विभाग रूके हुए जल को हटाने की पहले अपने घर से, फिर कार्यालय और फिर सार्वजनिक स्थानों पर हटाने की शुरूआत करें और लोगों को इतना जागरूक करें कि घरों में तथा कहीं पर ही रूके हुए पानी को हटाने में लोग स्वयं प्रतिभाग करें, और नगर निगम ने भी इस बार नगर को डेंगू मुक्त बनाने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने वीडियो-आडियो और आधुनिक सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को संदेश भेजकर जागरूक करने के निर्देश दिये।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ एस.के गुप्ता ने अवगत कराया कि डेंगू जैसे रोग को लेकर लोगों में अनावश्यक भय भर जाता है और इस स्थिति में वह अनावश्यक दवाईयों और टैस्ट करवाने चिकित्सकों की ओर भागता है, इसी कारण लोगों तक डेंगू फैलने, उसकी रोकथाम और रोग हो जाने पर की स्थिति में क्या कदम उठाये जाने चाहिए इसकी जानकारी देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सामन्यतः डेंगू बुखार की शंका होने पर पैरासिटमोल का इस्तेमाल करें थोड़ा अधिक बुखार होने तो चिकित्सक की सलाह में पैरासिटमोल लें, यदि फिर भी बुखार व दर्द बना रहता है तो प्लेटलेटस का टैस्ट करवायें और 50 हजार से उपर तक यदि प्लेटलेटस हो तो भी प्लेटलेट्स ट्रांस्मिशन की आवश्यकता नही होती।। उसके पश्चात भी यदि बुखार बना रहे तो अलाइजर टैस्ट (डेंगू टैस्ट) करवा लें तथा चिकित्सक की निगरानी में चिकित्सा करवायें।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक हेमलता भट्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी क्षमा बहुगुणा, वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम डाॅ आर.के सिंह, डाॅ एस.बी पाण्डेय, डाॅ पियुष सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित थे।
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