20 अगस्त 2026 गुरुवार, दुर्गाष्टमी व्रत ; दुर्गा मां और भगवान विष्णु की पूजा & एस्ट्रो प्रिडिक्शन: महामाई बगलामुखी पीठ: राजनीतिक संकेत: राजनीतिज्ञों और  नौकरशाहों का गठजोड़ : अकूत दौलत के स्वामी

20 अगस्त 2026 (गुरुवार) सुबह 9 बजकर 9 मिनट तक विशाखा नक्षत्र रहेगा, उसके बाद अनुराधा नक्षत्र by Chandra Shekhar Joshi Chief Editor & President Bagla Mukhi Peeth Dehradun Mob. 9412932030

श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि (रात्रि 09:18 तक, तत्पश्चात् नवमी) है। आज दुर्गाष्टमी व्रत है। विशाखा नक्षत्र सुबह 09:08 बजे तक रहेगा, इसके बाद अनुराधा नक्षत्र आरंभ & ज्योतिष शास्त्र अनुसार, शनि जब भी अपनी राशि या नक्षत्र बदलते हैं तो उसका कुछ न कुछ प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है। 20 अगस्त को शनि देव रेवती नक्षत्र में प्रवेश & शनि ग्रह को मजबूत करना चाहते हैं तो शनिवार के दिन काले तिल, उड़द की दाल या सरसों के तेल का दान जरूर करें। शनिवार में ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। शनिवार में पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें।

सावन में भगवान भोलेनाथ की कृपा से आपका जीवन सुख, समृद्धि और अच्छी सेहत से परिपूर्ण हो! कल्याण हो! By Chandtra Shekhar Joshi Chief Editor & President Bagla Mukhi Peeth Dehradun Mob. 9412932030

20 अगस्त को श्री दुर्गाष्टमी व्रत रखा जाएगा। प्रत्येक महीने की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को दुर्गाष्टमी का व्रत किया जाता है। इस दिन मां दुर्गा की उपासना की जाती है। जिस प्रकार चतुर्थी तिथि का अधिष्ठाता भगवान गणेश को माना जाता है, उसी प्रकार प्रत्येक महीने की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को देवी दुर्गा की उपासना की जाती है। लिहाजा कल देवी दुर्गा की उपासना के लिए अत्यंत ही शुभ तिथि है। इस दिन देवी दुर्गा की उपासना करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होने और हर समस्या का समाधान मिलने की मान्यता है।

श्रावण शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि और गुरुवार का दिन है। अष्टमी तिथि 20 अगस्त को रात 9 बजकर 19 मिनट तक रहेगी। वहीं, कल पूरा दिन पूरी रात पार करके भोर 4 बजकर 26 मिनट तक इंद्र योग रहेगा। इसके साथ ही कल सुबह 9 बजकर 9 मिनट तक विशाखा नक्षत्र रहेगा, उसके बाद अनुराधा नक्षत्र लग जायेगा। इसके अलावा  दुर्गाष्टमी व्रत है, इस दिन मां दुर्गा को कुछ खास चीजें अर्पित करनी चाहिए

विक्रम संवत: 2083 नक्षत्र: विशाखा प्रातः 09:08 तक, तत्पश्चात अनुराधा
मास व पक्ष: श्रावण मास, शुक्ल पक्ष
तिथि: अष्टमी (रात्रि 09:18 तक)
नक्षत्र: विशाखा (सुबह 09:08 तक)
योग: इंद्र (अगस्त 21 की सुबह 04:25 तक) सूर्योदय- सुबह 06:21 बजे  सूर्यास्त- शाम 07:03 बजे

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:58 से 12:51 तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:26 से 05:14 तक राहुकाल: दोपहर 02:06 से 03:43 तक

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