29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) विशेष पर्व: करवा चौथ व्रत और संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत नक्षत्र: रोहिणी (दिन में 11:11 बजे तक, उसके बाद मृगशिरा) सूर्योदय: सुबह 06:31 बजे सूर्यास्त: शाम 05:38 बजे राहुकाल: दोपहर 01:28 बजे से दोपहर 02:52 बजे तक करवा चौथ के दिन चंद्रोदय का समय- 08:17 पी एम
By Chandra Shekhar Joshi Chierf Editor & Founder; Bagla Mukhi Peeth Dehradun Mob. 9412932030

कुछ विशेष उपाय रात को चंद्रमा को अर्घ्य देते समय चांदी या तांबे के लोटे में जल, दूध, अक्षत और रोली मिलाएं। चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद एक घी का दीपक जलाकर चंद्रदेव की पूजा करें। रोहिणी नक्षत्र का संयोग बन रहा है। पूजा के करवे में जल और थोड़े मीठे या लड्डू रखकर विशेष पूजा करने से घर में सुख-शांति आती है। & माता पार्वती को सुहाग सामग्री अर्पित * माता गौरी को सुहाग की पिटारी (सिंदूर, चूड़ी, बिंदी, महावर और साड़ी) अर्पित करें। पूजा के बाद इसमें से थोड़ा सा सिंदूर अपनी मांग में लगाएं और सुहाग की वस्तुएं किसी सुहागिन महिला को दान दें। करवा चौथ की शाम को पति-पत्नी मिलकर एक साथ शिव-पार्वती और चंद्रमा की पूजा करें। पति अपने हाथों से पत्नी को जल पिलाकर उनका व्रत खोलें,
29 अक्टूबर को कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि और गुरुवार का दिन है। चतुर्थी तिथि गुरुवार को रात 10 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। 29 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत किया जायेगा। साथ ही संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत भी किया जायेगा। गुरुवार को रात 12 बजकर 6 मिनट तक परिघ योग रहेगा। इसके अलावा 29 अक्टूबर को दोपहर पहले 11 बजकर 12 मिनट तक रोहिणी नक्षत्र रहेगा।

कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत किया जाता है। इसके बाद रात में चांद देखकर व्रत का पारण किया जाता है। करवा चौथ के इस व्रत को करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। करवा चौथ के दिन भगवान शिव, मां पार्वती, गणेश जी और स्कंद यानि कार्तिकेय के साथ करवा माता की पूजा की जाती है। इस व्रत को करने से जीवन में पति का साथ हमेशा बना रहता है, सौभाग्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
करवा चौथ 2026 पूजा मुहूर्त

- चतुर्थी तिथि प्रारंभ – अक्टूबर 29, 2026 को 01:06 ए एम बजे
- चतुर्थी तिथि समाप्त – अक्टूबर 29, 2026 को 10:09 पी एम बजे
- करवा चौथ व्रत समय – 06:31 ए एम से 08:17 पी एम
- करवा चौथ पूजा मुहूर्त – 05:38 पी एम से 06:56 पी एम
ये उपाय कर के आप अपना करवा चौथ का व्रत खोल सकती हैं।
करवा चौथ सुहागिनों का प्रमुख व्रत-त्योहार में से एक माना जाता है। इस दिन महिलाएं पूरा दिन निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद अपना व्रत खोलती हैं। करवा चौथ व्रत में चंद्र देव के दर्शन करना अत्यंत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। बिना चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य के यह व्रत पूरा नहीं माना जाता है। कई बार मौसम खराब या बारिश होने के कारण चांद दिखाई नहीं देता है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर चांद नजर नहीं आता है तो ऐसे में व्रती महिलाओं को क्या करना चाहिए। तो अगर आपके शहर में भी चांद बादलों के पीछे छिपा जाए और उसका दीदार नहीं हो पाए ये तुरंत ये उपाय कर के आप अपना करवा चौथ का व्रत खोल सकती हैं।
रवा चौथ के दिन चंद्रोदय के बाद भी चंद्रमा के दर्शन नहीं हो पाए तो महादेव के मंदिर में जाकर चंद्रमा के दर्शन करना अपना व्रत पूरी कर सकती हैं।
चंद्रमा जहां से निकलते हैं उस दिशा में एक चौकी रखकर उसपर लाल रंग का कपड़ा बिछा दें। इसके बाद उसपर चावल से चंद्रमा बना लें। इसके बाद उसी काल्पनिक या चित्रित चांद को छलनी से देखें और चंद्रमा का पूजन करें। अब चंद्रमा का ध्यान करते हुए’ॐ चंद्राय नमः’ या ‘ॐ सोम सोमाय नमः’ मंत्र का जाप करें। इसके बाद अपना करवा चौथ व्रत खोलें।
इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 38 मिनट से शाम 6 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। वहीं करवा चौथ के दिन चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 17 मिनट रहेगा। शहर और स्थान के अनुसार चांद निकलने के समय में कुछ मिनटों का अंतर आ सकता है,
आपके घर-परिवार के लोग अगर दूसरे शहर में रह रहे हैं और वहां चांद निकला है तो आप उन्हें वीडियो कॉल कर के चंद्रमा के दर्शन कर व्रत खोल सकती हैं। वरना चंद्रमा की तस्वीर देखकर भी करवा चौथ का पारण कर सकते हैं।