6 नवंबर 2026 शुभ और दुर्लभ संयोग,शुभ और दुर्लभ संयोग, हस्त नक्षत्र, त्रिपुष्कर, सर्वार्थ सिद्धि और शुक्रवार का शुभ योग By Chandra Shekhar Joshi Founder Sadhak Bagla Mukhi Peeth Dehradun Mob. 9412932030

धनतेरस पर करें जरूर करें ये उपाय & धनतेरस की शाम को मंदिर पर घी का चौमुखी दीया जलाएं। धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी को गुलाबी या लाल कमल का फूल अर्पित करें फूल चढ़ाते समय मां लक्ष्मी के इस मंत्र का जाप करें। मंत्र है- ‘ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:’ मंत्र का जप करें। धनतेरस के दिन 13 दीपक पवित्र स्थानों पर जलाएं। धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी, कुबेर देव और भगवान धन्वतंरि की पूजा जरूर करें।
6 नवंबर 2026 को कार्तिक कृष्ण पक्ष की उदया तिथि द्वादशी और शुक्रवार का दिन है। द्वादशी तिथि शुक्रवार को सुबह 10 बजकर 31 मिनट तक रहेगी, उसके बाद त्रयोदशी तिथि लग जाएगी। 6 नवंबर को शुक्र प्रदोष का व्रत किया जायेगा। साथ ही शुक्रवार को पूरा दिन पूरी रात पार कर के भोर 4 बजकर 44 मिनट तक हस्त नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 6 नवंबर को धनतेरस भी मनाया जायेगा।

महामाई पीतांबरा श्री बगलामुखी के दुनिया के सबसे नबर वन साधक आदरणीय यशस्वी महामंडलेश्वर श्री कालिदास जी महाराज ,, की शरण में आकर देश का हर राजनेता, व्यवसाई कृतज्ञ होता है,, गुरुदेव के सांपला आश्रम हरियाणा आश्रम में , चन्द्रशेखर जोशी संस्थापक साधक बगलामुखी पीठ देहरादून
धनतेरस पर बेहद ही शुभ और दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है। ज्योतिषों के अनुसार, धनतेरस के आसपास बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष में इस योग को धन, वैभव, सुख-समृद्धि और मान-सम्मान का कारक माना जाता है। इस साल 6 नवंबर 2026 को धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा। बता दें कि जब सौंदर्य, धन और भौतिक सुखों के देवता शुक्र और बुद्धि, व्यापार और वाणी के कारण बुध ग्रह एक ही राशि में आते हैं तब इस युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण होता है।
धनतेरस पर हस्त नक्षत्र, त्रिपुष्कर, सर्वार्थ सिद्धि और शुक्रवार का शुभ योग बन रहा है। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी की की पूजा के लिए समर्पित होता है। वहीं हस्त नक्षत्र त्रिपुष्कर, सर्वार्थ सिद्धि योग खरीददारी के लिए बेहद ही शुभ योग माना जाता है।
धनतेरस के दिन खरीदारी का शुभ मुहूर्त 6 नवंबर की सुबह 10:30 से 7 नवंबर की सुबह 06:37 बजे तक रहेगा। 6 नवंबर 2026 को यानी धनतेरस के दिन सोना खरीदने के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 7 नवंबर को सुबह 6 बजकर 37 मिनट पर होगा।
धनतेरस का त्योहार 6 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन देवी लक्ष्मी के साथ ही कुबेर देव, भगवान गणेश और धन्वंतरि भगवान की पूजा भी की जाती है। इस शुभ दिन पर कुछ आसान से काम करने से आप नवग्रहों को शांत कर सकते हैं और जीवन सुख-समृद्धि पा सकते हैं।
एक नवग्रह यंत्र लेना चाहिए और शाम के समय ईशान कोण में बैठकर उसकी पूजा करनी चाहिए इसके बाद ईशान कोण यानि उत्तर-पूर्व दिशा में ही इसे स्थापित कर देना चाहिए। ज्योतिष के अनुसार धनतेरस पर घर में नवग्रह यंत्र को स्थापित करने से सभी ग्रह शांत होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
धनतेरस के शुभ दिन पर आप सप्तधान्य यानि सात प्रकार के अनाज जैसे- गेहूं, चावल, जौ, चना, मूंग, उड़द और बाजरा आदि का दान करके भी सभी ग्रहों को शांत कर सकते हैं। धनतेरस पर सप्तधान्य का दान करना बेहद शुभ माना गया है।
धनतेरस के दिन आपको अष्टधातु से बनी लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति घर में स्थापित करनी चाहिए। अष्ट धातुओं में सोना, चांदी, तांबा, जस्ता, टिन, सीसा, लोहा, पारा सब शामिल होते हैं। इन सभी धातुओं का संबंध सभी ग्रहों से होता है। ऐसे में अगर आप धनतेरस पर लक्ष्मी-गणेश की अष्टधातु से बनी मूर्ति को घर में स्थापित करते हैं तो सभी ग्रह शांत होकर आपको शुभ परिणाम दे सकते हैं।
- सूर्योदय- सुबह 06:35 बजे सूर्यास्त- शाम 05:33 बजे
- कार्तिक कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि – 6 नवंबर को सुबह 10 बजकर 31 मिनट तक रहेगी, उसके बाद त्रयोदशी तिथि लग जाएगी
- हस्त नक्षत्र- 6 नवंबर को पूरा दिन पूरी रात पार कर के भोर 4 बजकर 44 मिनट तक
- 6 नवंबर 2026 विशेष- शुक्र प्रदोष व्रत, धनतेरस
- त्रयोदशी तिथि प्रारंभ- नवंबर 06, 2026 को 10:30 AM बजे
- त्रयोदशी तिथि समाप्त – नवंबर 07, 2026 को 10:47 AM बजे
- प्रदोष काल – 06:03 पी एम से 08:35 PM
- वृषभ काल – 06:35 पी एम से 08:35 PM
- धनतेरस पूजा मुहूर्त – 06:35 PM से 08:35 PM