06 नवंबर 2025 मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि & कृत्तिका नक्षत्र और व्यतिपाता योग का संयोग & गुरुवार को अभिजीत मुहूर्त 11:39 − 12:22 मिनट तक & राहुकाल दोपहर 13:22 − 14:43 मिनट तक रहेगा & सूर्योदय का समय : 06: 37 ए एम सूर्यास्त का समय : 05: 32 पी एम BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI Mob. 9412932030
आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:। आज का उपाय-किसी विप्र को स्वर्ण भेंट करें। वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं। यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।

& जिस दिन आपका जन्मदिन है : कम से कम घंटा 2 घंटा अपने समय के अनुसार कीर्तन करना चाहिए औऱ साथ ही ठाकुर जी को भगो लगाएं और लोगों को प्रसाद खिलाएं, आप जितने लोगों को खिला सकते हैं उतनों को खिलाएं. वृद्ध आश्रम चले जाएं. वहां जाकर उन लोगों को वस्त्र के साथ-साथ अच्छा भोजन, फल, जूस दें
हिंदू धर्म में मार्गशीर्ष माह को बहुत ही शुभ व पवित्र माना गया है. कहते हैं कि यह भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय माह है और इस माह उनका पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है. आम बोलचाल की भाषा में मार्गशीर्ष माह को अगहन का महीना कहते हैं और श्रीमद्भगवत गीता में भी इसका जिक्र किया गया है. गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने स्वंय कहा है ‘मासानां मार्गशीर्षोऽहम्’ यानि सभी महीनों में मैं मार्गशीर्ष हूं. इसलिए इस माह उनकी अराधना करना फलदायी माना गया है. हिंदी कैलेंडर के अनुसार कार्तिक माह के बाद मार्गशीर्ष माह शुरू होता है. जो कि पंचांग के अनुसार कल यानि 6 नवंबर 2025 को शुरू हो रहा है. इस माह यदि कुछ उपाय किए जाए तो जीवन में आ रही रुकावटें दूर होती हैं.
मार्गशीर्ष माह में भक्तिभाव के साथ भगवान श्रीकृष्ण का पूजन करना चाहिए. इससे वह प्रसन्न होते हैं. इस माह भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की विशेष तौर पर सेवा करनी चाहिए. ऐसा करने से दुखों से छुटकारा मिलता है.

भगवान श्रीकृष्ण को तुलसी बेहद ही प्रिय है और इसलिए मार्गशीर्ष माह उनकी पूजा करते समय तुलसी के पत्तों का भोग लगाना शुभ माना जाता है. साथ ही पत्तों को प्रसाद की तरह ग्रहण करना चाहिए. भगवान श्रीकृष्ण की कृपा पाने के लिए इस महीने ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 108 माला का जाप करें. ऐसा करना बेहद ही लाभदायक साबित होगा.
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