27 JAN 26 माघ गुप्त नवरात्रि की महानवमी ;शक्ति साधना की पूर्णाहुति का दिन, महानंदा नवमी, श्री हरि जयंती & ग्रह-नक्षत्रों की चाल विशेष योग बना रही है

मंगलवार, 27 जनवरी 2026  धार्मिक एवं ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज माघ मास, शुक्ल पक्ष, नवमी तिथि है। दिन में सर्वार्थसिद्धि योग और रवियोग का शुभ संयोग &गुप्त नवरात्रि के दौरान मां बगलामुखी की उपासना प्रभावशाली और शीघ्र फल; 27 जनवरी को माघ माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि &  भरणी नक्षत्र और शुक्ला योग का संयोग BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR & G.S. ; STATE PRESS CLUB UTTRAKHAND & BAGLA MUKHI PEETH Mob. 9412932030

27 जनवरी 2026, मंगलवार है. आज माघ माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है और सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ ही रवि योग का भी निर्माण हो रहा है. जिन्हें शुभ योग माना गया है और इसमें यदि कोई शुभ काम किया जाए तो उसमें सफलता मिलती है. इसके अलावा आज शाम 3 बजकर 16 मिनट से लेकर 4 बजकर 37 मिनट तक राहुकाल रहेगा और राहुकाल में कोई शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है. क्योंकि इसे एक अशुभ मुहूर्त माना गया है. 

सूर्योदय का समय : 07: 12 ए एम
सूर्यास्त का समय : 05: 57 पी एम
चंद्रोदय का समय: 12: 13 पी एम
चंद्रास्त का समय : 02:40 ए एम, जनवरी 28

मां बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं। इन्हें ‘स्तंभन शक्ति’ की देवी माना जाता है, यानी ऐसी शक्ति जो शत्रु की बुद्धि, वाणी और कर्म को रोकने की क्षमता रखती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब जीवन में बार-बार विघ्न, विरोध, षड्यंत्र या अन्याय का सामना करना पड़ता है, तब मां बगलामुखी की उपासना अत्यंत फलदायी होती है। मां बगलामुखी को पीतांबरा देवी भी कहा जाता है और इनकी पूजा में पीले रंग का विशेष महत्व होता है।

मां से जीवन की बाधाओं को समाप्त करने की प्रार्थना की जाती है।

मां बगलामुखी का स्वरूप अत्यंत दिव्य और रहस्यमय माना गया है। वे पीले वस्त्र धारण करती हैं और पीले आसन पर विराजमान रहती हैं। एक हाथ से वे शत्रु की जीभ को पकड़े रहती हैं और दूसरे हाथ में गदा धारण करती हैं, जो शत्रु की शक्ति को समाप्त करने का प्रतीक है। उनका यह स्वरूप यह दर्शाता है कि वे नकारात्मक शक्तियों, झूठ, अन्याय और अधर्म को नियंत्रित करने वाली देवी हैं। साधना शास्त्रों में मां बगलामुखी की उपासना को त्वरित फल देने वाली साधना माना गया है।

मां बगलामुखी के मंत्र साधना मार्ग में अत्यंत प्रभावशाली माने गए हैं। इन मंत्रों के नियमित जप से नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम होता है और शत्रु पक्ष कमजोर पड़ता है। सामान्य उपासना के लिए ‘ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा’ मंत्र का जप किया जाता है। मंत्र जप के दौरान पूर्ण एकाग्रता और श्रद्धा आवश्यक मानी जाती है। मां की साधना बेहद शक्तिशाली मानी गई है। इस कारण गुरु की आज्ञा की आवश्यकता होती है।

पौराणिक ग्रंथों में वर्णन मिलता है कि एक समय सृष्टि में अत्यंत भयानक संकट उत्पन्न हो गया था। आकाश, पृथ्वी और पाताल, तीनों लोकों में अशांति फैल चुकी थी। प्रकृति का संतुलन बिगड़ गया था, तेज आंधियां चलने लगी थीं, समुद्र अपनी मर्यादा तोड़कर उफान पर आ गया था और चारों दिशाओं में विनाश का भय दिखाई देने लगा था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो प्रलय का समय आ गया हो और संपूर्ण सृष्टि नष्ट होने वाली हो।

इस भयावह स्थिति से देवता, ऋषि और सभी दिव्य शक्तियां अत्यंत चिंतित हो गईं। सभी ने मिलकर भगवान विष्णु और भगवान शिव से प्रार्थना की कि इस संकट से सृष्टि की रक्षा की जाए। देवताओं की करुण पुकार सुनकर आदिशक्ति ने सृष्टि की रक्षा के लिए अवतरण का संकल्प लिया।

कहा जाता है कि उसी समय देवी आदिशक्ति हरिद्रा सरोवर से प्रकट हुईं। हरिद्रा सरोवर पीले रंग की दिव्य ऊर्जा से प्रकाशित था और उसी दिव्य प्रकाश से मां बगलामुखी का प्राकट्य हुआ। उनका स्वरूप तेजस्वी था, वे पीत वस्त्र धारण किए हुए थीं और उनके चेहरे पर अद्भुत शांति और कठोरता दोनों का भाव था। उनके प्रकट होते ही चारों ओर फैली विनाशकारी शक्तियां स्तंभित हो गईं और सृष्टि में फैल रही अराजकता थमने लगी।

मां बगलामुखी ने अपनी अद्भुत स्तंभन शक्ति से उन सभी नकारात्मक और प्रलयकारी शक्तियों को रोक दिया, जो सृष्टि को नष्ट करने पर तुली थीं। उनकी शक्ति से न केवल प्रकृति का संतुलन पुनः स्थापित हुआ, बल्कि देवताओं के भय का भी नाश हो गया। इसी कारण उन्हें स्तंभन शक्ति की देवी कहा गया, जो शत्रु की वाणी, बुद्धि और कर्म को निष्क्रिय कर देने में सक्षम हैं।

एक अन्य कथा के अनुसार, जब असुरों का अत्याचार बढ़ने लगा और वे अपने छल, कपट और झूठी वाणी से देवताओं को पराजित करने लगे, तब देवताओं ने मां बगलामुखी की उपासना की। मां ने प्रकट होकर असुरों की वाणी और बुद्धि को स्तंभित कर दिया, जिससे वे अपने ही शब्दों और निर्णयों में उलझ गए और देवताओं को विजय प्राप्त हुई। इस कथा से यह संदेश मिलता है कि मां बगलामुखी अधर्म, अन्याय और छल को रोकने वाली शक्ति हैं।

पौराणिक मान्यताओं में यह भी कहा गया है कि मां बगलामुखी की साधना से केवल बाहरी शत्रु ही नहीं, बल्कि व्यक्ति के भीतर छिपे नकारात्मक विचार, भय, क्रोध और भ्रम भी शांत हो जाते हैं। इसलिए उनकी उपासना को केवल शत्रु नाश तक सीमित नहीं माना गया, बल्कि आत्मबल और मानसिक स्थिरता प्रदान करने वाली साधना भी कहा गया है।

इसी कारण गुप्त नवरात्रि में मां बगलामुखी की विशेष उपासना की जाती है। माना जाता है कि इन दिनों की गई साधना से मां शीघ्र प्रसन्न होती हैं और साधक को संकटों से रक्षा, आत्मविश्वास और विजय का आशीर्वाद देती हैं।

27 जनवरी 2026, मंगलवार दैनिक राशिफल

मेष (Aries): व्यवसायिक क्षेत्र में उच्च अधिकारियों के साथ आवश्यक विषयों पर चर्चा होगी। आपके किसी परियोजना को सरकारी लाभ प्राप्त होने की संभावना है। प्रवास के भी योग हैं। परिवार में आनंद का वातावरण रहेगा। सजावट और अन्य व्यवस्था में परिवर्तन करके घर के वातावरण में सकारात्मक परिवर्तन करने का प्रयास आज आप करेंगे। व्यवहारिक रूप से विचार करने के बाद ही कोई निर्णय लें। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

वृषभ (Tauras): आज का दिन मिश्र फलदायी रहेगा। व्यापारी अपने व्यापार में धन लगाकर नए कार्य का प्रारंभ कर सकेंगे और भविष्य के लिए योजना भी बना पाएंगे। विदेश गमन की संभावना है। किसी धार्मिक स्थल की भेंट से सात्विकता में वृद्धि होगी। फिर भी स्वास्थ्य संभालिएगा। कार्यभार आज कुछ अधिक रहेगा।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 6

मिथुन (Gemini): अशुभ घटनाओं की आज संभावना अधिक होने से सावधान रहने की सलाह है। रोगी का इलाज या शल्यचिकित्सा आज टालें। क्रोध से स्वयं को हानि होने की संभावना अधिक है। दिमाग को शांत रखें। मानहानि न हो इसका ध्यान रखें। वाणी पर संयम रखने से वाद-विवाद को टालने में सफलता प्राप्त होगी। खर्च अधिक होने से आर्थिक रूप से तंगी का अनुभव होगा। मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए ईश्वर की आराधना करें।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 6

कर्क (Cancer): आज का दिन मित्रों और स्वजनों के साथ आनंदपूर्वक बिता सकेंगे। मनोरंजक प्रवृत्तियों का भी आनंद प्राप्त होगा। व्यापार के क्षेत्र में भी लाभ होने की संभावना अधिक है। भागीदारों से भी लाभ होगा। छोटा सा प्रवास या पर्यटन की स्मृति लंबे समय तक बनी रहेगी। सामाजिक रूप से मान-सम्मान प्राप्त होगा।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 5

सिंह (Leo): मानसिक रूप से चिंता से मन बेचैन रहेगा। शंका और उदासी भी मन पर छाई रहेगी। आज मन भारी रहेगा। किसी कारणवश दैनिक कार्यों में विघ्न आ सकते हैं। व्यवसाय में सहकर्मियों का सहयोग आज नहीं के बराबर मिलेगा। उच्च अधिकारी से भी संभलकर चलें। श्रमपूर्वक किए गए कार्य का परिणाम उचित न मिलने पर निराशा मन पर छाई रहेगी।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 6

कन्या (Virgo): आज विद्यार्थियों के लिए समय कठिन है। संतानों के विषय में आपको चिंता बनी रहेगी। शेयर-सट्टे में संभलकर चलें। मन में खिन्नता का अनुभव होगा। आज बौद्धिक चर्चाओं में न उतरने की सलाह देते हैं।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

तुला (Libra): आज आप शारीरिकरुप से शिथिलता और मानसिकरुप से व्यग्रता का अनुभव करेंगे। माता के विषय में चिंता रहेगी। स्थावर संपत्ति से सम्बंधित दस्तावेजी कार्य सावधानी से करें। प्रवास को आज संभव हो तो टाल दीजिएगा। पारिवारिक वातावरण में कलह बना रहेगा। सामाजिकरुप से अपमानित न होना पड़े इसका ध्यान रखिएगा।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3

वृश्चिक (Scorpio): आज आपके लिए लाभदायी दिन है। आज आर्थिक लाभ होने के साथ-साथ भाग्य में भी लाभ होगा। स्नेहीजनों के साथ सम्बंधों में प्रेम की अधिकता रहेगी। नए कार्य का शुभारंभ करने के लिए समय शुभ है। छोटे से प्रवास का आयोजन आप कर पाएंगे। मानसिकरुप से प्रसन्नता बनी रहेगी। प्रतिस्पर्धियों पर विजय प्राप्त होगी।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

धनु (Sagittarius): आज आपका मन दुविधा में फंसा रहेगा। पारिवारिक वातावरण क्लेशपूर्ण रहेगा। निर्धारित कार्यों को पूर्ण न कर पाने से मन में हताशा भी बनी रहेगी। किसी महत्वपूर्ण निर्णय को आज न लेने की सलाह देते हैं। घर या व्यवसाय के क्षेत्र में कार्यभार अधिक रहेगा।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 1

मकर (Capricorn): आज दिन की शुरुआत ईश्वर स्मरण से करें, मन प्रफुल्लित रहेगा। पारिवारिक वातावरण भी मंगलमय रहेगा। मित्रों, स्नेहीजनों से आपको उपहार प्राप्त होंगे। व्यापार के स्थान पर आपका प्रभाव बना रहेगा। आपके कार्य से उच्च अधिकारीण भी संतुष्ट होंगे। आपके कार्य आज सरलता से पूर्ण होंगे। आप अनुकूल स्थिति का लाभ ले सकें तो अच्छा रहेगा। मानसिकरुप से शांति बनी रहेगी। शारीरिक कष्ट दूर होंगे।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

कुंभ (Aquarius): आज शारीरिक और मानसिक रुप से अस्वस्थता बनी रहेगी। परिवारजनों के साथ कलह होने की संभावना है। धन के लेनदेन या पूंजी निवेश करते समय ध्यान रखें। अदालती कार्यवाही में संभलकर चलें। खर्च की मात्रा अधिक रहेगी। किसी का भला अपनी हानि होने पर भी आप कर पाएंगे। वाणी और क्रोध पर संयम बरतें। अकस्मात का योग है।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 6

मीन (Pisces): आकस्मिक धन लाभ की संभावना अधिक है। संतान के विषय में शुभ समाचार प्राप्त होंगे। बचपन के या पुराने मित्रों के साथ भेंट होने से आनंद छाया रहेगा। नए मित्रों से भी संपर्क होगा जिसका लाभ भविष्य में आपको होगा। सामाजिक प्रसंग के लिए कहीं बाहर जाने का अवसर प्राप्त होगा। व्यवसायिक क्षेत्र में आर्थिक रूप से लाभ होगा। किसी रमणीय स्थल पर प्रवास या पर्यटन का प्रबंध कर पाएंगें।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 1

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