5 अगस्त 2026 का पंचांग बुधवार के दिन श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि, अश्विनी नक्षत्र, और शूल योग का संयोग है। इस दिन राहुकाल दोपहर 12:27 से 02:08 बजे तक रहेगा। राहुकाल: दोपहर 12:27 से 02:08 बजे तक & 05 अगस्त 2026 का पंचांग: बुधवार के दिन श्रावण कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि तिथि पड़ रही है, जो रात 8 बजकर 43 मिनट तक रहेगी। कल बुध ग्रह कर्क राशि में गोचर करने जा रहे हैं।

5 अगस्त 2026 बुधवार के दिन बुधवार के देवता श्रीगणेश की पूजा, हरे रंग की वस्तु का दान और सूर्य देव को जल अर्पित करना शुभ रहता है। इस दिन किए जाने वाले मुख्य उपाय हैं: गणेश जी को दूर्वा चढ़ाना, गाय को हरा चारा खिलाना और बुध मंत्र का जाप करना। हरी मूंग की दाल या हरे रंग के वस्त्र का दान करें। ‘ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः’ मंत्र का जाप करें।
गणेश मंत्र: ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का जप करें।
5 अगस्त दिन बुधवार को बुध का गोचर कर्क राशि में होने जा रहा है। लेकिन उत्तम संयोग यह है कि बुध दिन भर मिथुन राशि में ही संचार करेंगे और भद्र राजयोग से मिथुन, धनु समेत कई राशियों को लाभ और सुख प्रदान करेंगे। चंद्रमा का गोचर कल मेष राशि में अश्विनी नक्षत्र से होगा। ऐसे में कल चंद्रमा और मंगल एवं बुध के बीच त्रि-एकादश योग निर्मित होगा। जबकि शाम में बुध के कर्क राशि में प्रवेश से त्रिग्रह योग और बुधादित्य योग का भी संयोग बनेगा।
BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR & PRESIDENT BAGLA MUKHI PEETH BANJARAWALA DEHRADUN Mob. 9412932030

सावन माह का पहला प्रदोष व्रत 10 अगस्त 2026 & सोम प्रदोष और सावन सोमवार का महासंयोग भक्तों के लिए अत्यंत फलदायी & पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 10 अगस्त को सुबह 8 बजे से होगा। त्रयोदशी तिथि का समापन 11 अगस्त 2026 को भोर 4 बजकर 54 मिनट पर होगा। सावन प्रदोष व्रत के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 9 मिनट से रात 9 बजकर 23 मिनट पर होगा। वहीं ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 49 मिनट से सुबह 5 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से दोपहर 1 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। सोम प्रदोष का व्रत मानसिक शांति, वैवाहिक सुख और पारिवारिक समृद्धि के लिए अति उत्तम माना जाता है। विधिपूर्वक इस व्रत को करने से भगवान शिव की कृपा से मनोवांछित फल प्राप्त होता है। दांपत्य जीवन में प्रेम, सामंजस्य एवं मधुरता की वृद्धि होती है। इसके अलावा अगर आपकी कुंडली में चंद्र दोष है तो सोम प्रदोष का व्रत जरूर करें। ऐसा करने से आपकी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होगी और चंद्र दोष भी दूर होगा।
सावन 28 अगस्त तक & हल्दी ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में इसका संबंध गुरु ग्रह से बताया है & सावन के महीने में मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाना भी लाभकारी माना जाता है। कहते हैं कि इससे शिव कृपा प्राप्त होती है और जीवन में खुशहाली बनी रहती है। इसके लिए आम के ताजे पत्तों और गेंदे के फूलों की तोरण बनाएं बनाकर उसे मुख्य द्वार पर लगाएं।
श्रावण कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि और बुधवार का दिन है। सप्तमी तिथि 05 अगस्त को रात 8 बजकर 43 मिनट तक रहेगी। 05 अगस्त को शीतला सप्तमी का भी विशेष संयोग है। वहीं, रात 9 बजकर 18 मिनट तक रवि योग रहेगा और इसी समय तक अश्विनी नक्षत्र का प्रभाव भी बना रहेगा। इसके अलावा 05 अगस्त को शाम 7 बजकर 40 मिनट पर बुध ग्रह कर्क राशि में गोचर करेंगे।
आज बुधवार है। सप्तमी तिथि 20:42 बजे तक, फिर अष्टमी 18:53 (कल) बजे तक रहेगी। अश्विनी नक्षत्र 21:17 बजे तक, उसके बाद भरणी 20:13 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शूल 17:27 बजे तक, फिर गण्ड योग 14:59 (कल) बजे तक। विष्टि करण 09:26 बजे तक, उसके बाद बव 20:42 बजे तक, फिर बालव 07:51 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:27 से 14:07) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:20 से 05:02 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:41 से 03:35 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:09 से 07:30 बजे तक
अमृत काल: दोपहर 02:16 से अगली सुबह 03:50 बजे तक
ग्रहों के राजकुमार बुध 5 अगस्त 2026 की शाम 07:58 बजे कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे और यहां ये 22 अगस्त 2026 तक विराजमान रहेंगे। कर्क राशि में आकर ये बुधादित्य योग का निर्माण करेंगे। ज्योतिष अनुसार बुध का ये गोचर 4 राशि वालों के लिए बेहद शुभ
सावन के दौरान हर सुबह स्नान के बाद एक गिलास या लोटे में साफ पानी लें और उसमें एक चुटकी हल्दी मिला दें। इसके बाद इस जल का छिड़काव घर के मुख्य द्वार, चौखट और उसके आसपास करें। मान्यता है कि यह उपाय घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव को कम करता है।
बुधवार शाम 7 बजकर 40 मिनट पर बुध कर्क राशि में प्रवेश करेंगे और 22 अगस्त की शाम 7 बजकर 32 मिनट तक यहीं पर रहेंगे। उसके बाद सिंह राशि में प्रवेश कर जायेंगे। बुध बुद्धि और वाणी के देवता हैं। बुध के कर्क राशि में इस गोचर का विभिन्न राशि वालों पर क्या असर होगा, बुध उनके किस स्थान पर गोचर करेंगे और उस स्थिति में शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये विभिन्न राशि वालों को क्या उपाय करने चाहिए?
मेष राशि अशुभ फलों से बचने के लिये केसर का तिलक अपने मस्तक पर लगाएं ब्राह्मण को हरे रंग की वस्तु या फल दान करें. इससे कार्यक्षेत्र में बाधाएं दूर होंगी और आर्थिक लाभ में वृद्धि होगी. & वृष राशि फिटकरी से अपने दांत साफ करें। पीले वस्त्र धारण करें और हलवा का दान करें. मंदिर में नियमित रूप से दीपक और धूप जलाएं & अपने पास चांदी की कोई चीज रखें। & कर्क राशि हरे रंग की चीजें मन्दिर में दान करें। जल में थोड़ा सिंदूर मिलाकर सूर्य देव को अर्पित करें. सिंह राशि गले में पीले रंग का धागा पहनना चाहिए। जल में थोड़ा कच्चा दूध मिलाकर सूर्य देव को अर्पित करें. शनिवार के दिन काले वस्त्र या उड़द की दाल का दान करें, & कन्या राशि गले में तांबे का पैसा धारण करें। सूर्य देव को जल अर्पित करें. घर के मंदिर में दीपक जलाकर अपने इष्ट देवता का ध्यान करें. & तुला राशि दुर्गा सप्तशती का पाठ बुजुर्ग व्यक्ति के पैर छूकर उनका आशीर्वाद जरूर लें, & वृश्चिक राशि हरे रंग की चीजों को उपयोग में लाने से बचना चाहिए। इससे आपको केवल शुभ फलों की ही प्राप्ति होगी। भगवान को दीपक और धूप अर्पित करें. साथ ही, किसी जरूरतमंद व्यक्ति को हरा कपड़ा दान धनु राशि बुधवार के दिन मिट्टी के बर्तन में पिसी हुई शक्कर डालकर घर से दूर कहीं विराने में दबा दें। सुबह तुलसी के पौधे में जल अवश्य डालें. किसी जरूरतमंद व्यक्ति को पीले वस्त्र या मिठाई का दान करें. मकर राशि बुधवार के दिन पानी में भिगे हुए हरे मूंग को मन्दिर में दान करें। मंदिर में दीपक जलाएं. कुंभ राशि किसी कन्या का आशीर्वाद जरूर लें और हो सके तो उन्हें कुछ गिफ्ट भी दें। प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद लाल चंदन का तिलक लगाएं और सूर्य देव को जल अर्पित करें. गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करें तथा किसी जरूरतमंद व्यक्ति को गुड़ का दान करें. मिथुन शुद्ध जल में थोड़ा लाल चंदन या कुमकुम मिलाकर सूर्य देव को अर्पित करें. इसके बाद ‘ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः’ मंत्र का 5 बार जाप करें
मीन राशि बुध के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये और किसी भी प्रकार की अशुभ स्थिति से बचने के लिये गाय की सेवा करें। आपको अच्छे फल ही प्राप्त होंगे। सुबह जल्दी उठकर लाल चंदन या जल से तिलक लगाकर सूर्य देव को जल अर्पित करें. भगवान शिव की आराधना करें और ‘ओम नमः शिवाय’ का जाप करें. यह उपाय आपके लिए अत्यंत लाभदायक रहेगा.
by Chandra Shekhar Joshi Chief Editor: HImalayauk News Leading Newsportal & Daily Newspaper Mob. 9412932030