दिनांक 19 अगस्त 2026 बुधवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि (शाम 07:19 बजे तक, तत्पश्चात अष्टमी) है। इस दिन स्वाति नक्षत्र तत्पश्चात विशाखा नक्षत्र और ब्रह्म योग रहेगा। इस विशेष दिन पर शीतला सप्तमी और गोस्वामी तुलसीदास जयंती मनाई जाएगी। राहुकाल: दोपहर 12:24 से 02:02 बजे तक & सूर्योदय- सुबह 05:52 बजे सूर्यास्त- शाम 06:57 बजे & श्रावण शुक्ल सप्तमी के दिन रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है।

श्रावण शुक्ल सप्तमी के दिन बुधवार का संयोग होने से भगवान श्री गणेश शिव परिवार के आशीर्वाद के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है। इस दिन श्रीरामचरितमानस का पाठ करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और भगवान राम व शिव जी की असीम कृपा प्राप्त होती है।
श्रावण शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि और बुधवार । सप्तमी तिथि 19 अगस्त को शाम 7 बजकर 20 मिनट तक रहेगी। वहीं, कल देर रात 3 बजकर 44 मिनट तक ब्रह्म योग रहेगा। इसके साथ ही कल पूरा दिन और पूरी रात पार करके 20 अगस्त की सुबह 9 बजकर 9 मिनट तक विशाखा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा कल श्री शीतला सप्तमी और गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती
श्रीरामचरितमानस का पाठ करने से जीवन के सभी कष्ट दूर ;;श्रावण शुक्ल सप्तमी के दिन बुधवार का संयोग होने से भगवान श्री गणेश शिव परिवार के आशीर्वाद के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है। इस दिन श्रीरामचरितमानस का पाठ करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और भगवान राम व शिव जी की असीम कृपा प्राप्त होती है।
गणपति जी का ध्यान कर ‘श्री गणेशाय नमः’ का जाप करें। सावन में भगवान भोलेनाथ की कृपा से आपका जीवन सुख, समृद्धि और अच्छी सेहत से परिपूर्ण हो! कल्याण हो! By CHANDRASHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR & PRESIDENT BAGLA MUKHI PEETH.. BANJARALA WALA DEHRADUN Mob. 9412932030
श्रावण पुत्रदा एकादशी एकादशी तिथि का आरंभ 23 अगस्त को 02:00 ए एम पर : श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को श्रावण पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। पुत्रदा एकादशी का व्रत करने से संतान सुख की कामना पूरी होती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक व्रत और पूजा करने से संतान प्राप्ति के योग मजबूत होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इसके साथ ही संतान के जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं।
20 अगस्त 2026 को शनि रेवती नक्षत्र में प्रवेश 9 अक्टूबर को इसी स्थिति में रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मफलदाता और न्याय का देवता माना गया है। जब भी शनि नक्षत्र परिवर्तन करते हैं तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप से पड़ता है। ज्योतिषों के अनुसार, इस नक्षत्र परिवर्तन के प्रभाव से इन 3 विशेष राशियों के जातकों को आर्थिक रूप से चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
विक्रम संवत: 2083 नक्षत्र: स्वाति प्रात: 06:46 तक
मास एवं पक्ष: श्रावण मास, शुक्ल पक्ष
तिथि: सप्तमी शाम 07:19 बजे तक, उपरांत अष्टमी
नक्षत्र: स्वाति सुबह 06:46 बजे तक, उपरांत विशाखा
योग: ब्रह्म योग अगली सुबह 03:43 बजे तक
करण: वणिज शाम 07:19 बजे तक, उपरांत विष्टि (भद्रा)
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:25 से 05:09 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:35 से 03:28 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:57 से 07:19 बजे तक
अमृत काल: रात्रि 11:28 से 01:13 बजे तक (20 अगस्त)
श्रावण शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर ब्रह्म योग और विशाखा नक्षत्र का संयोग रहेगा। अगर आपको कोई कार्य शांतिपूर्वक करना हो, तो ब्रह्म योग में उसे करने से शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। वहीं, विशाखा आकाशमंडल में स्थित 27 नक्षत्रों में 16वां है,
19 अगस्त 2026 का दिन कुछ राशियों के लिए बेहद खास रहने वाला है। ग्रह नक्षत्रों की स्थिति और दिन के ज्योतिषीय प्रभावों के चलते कुछ जातकों को करियर, कारोबार, नौकरी और आर्थिक मामलों में अच्छे अवसर मिल सकते हैं।अर्थ है विभाजित या एक से अधिक शाखाओं वाला। इस नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। विशाखा नक्षत्र के तीन चरण तुला राशि में और चौथा चरण वृश्चिक राशि में आता है। लिहाजा तुला और वृश्चिक राशि के जातकों पर विशाखा नक्षत्र का प्रभाव माना जाता है। इस नक्षत्र को शक्ति, समृद्धि, सुंदरता, उपलब्धियों और खुशियों से जोड़कर देखा जाता है। इस नक्षत्र में कारीगरी, चित्रकारी और औषधि से संबंधित कार्य शुरू करना शुभ माना जाता है।
श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 23 अगस्त को 02:00 ए एम पर होगा। एकादशी तिथि का समापन 24 अगस्त को 4:18 ए एम बजे होगा। उदयातिथि के अनुसार, श्रावण पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त 2026 को किया जाएगा। श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत का पारण 24 अगस्त 2026 को किया जाएगा। पारण के लिए शुभ समय दोपहर 1 बजकर 57 मिनट से दोपहर 4 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। पारण तिथि के दिन हरि वासर समाप्त होने का समय सुबह 10 बजकर 49 मिनट पर होगा।

सावन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का आरंभ 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर होगा। पूर्णिमा तिथि का समापन 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर होगा। सावन पूर्णिमा 28 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय का समय शाम 7 बजकर 9 मिनट रहेगा। स्नान के बाद दूध, चावल, चीनी, या वस्त्र और तिल का दान करें। ऐसा करना अत्यंत ही शुभ माना जाता है।
ग्रहों के राजकुमार बुध 18 अगस्त 2026 को सुबह 5 बजकर 5 मिनट पर कर्क राशि में अस्त हो गए हैं और 18 सितंबर तक ये इसी अवस्था में रहेंगे। बुध का अस्त होना 4 राशियों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा।
मीन राशि वालों को करियर में सुनहरी सफलता मिलेगी। अच्छा धन कमाने में सफल रहेंगे। नौकरी में प्रमोशन के योग हैं। साझेदारी के कार्य में अच्छा फायदा मिल सकता है। उच्च शिक्षा से जुड़े लोगों को जबरदस्त सफलता मिलेगी। माता-पिता के सहयोग से कोई बड़ा काम करेंगे। नई नौकरी के ऑफर आ सकते हैं। जमीन या वाहन सुख की प्राप्ति हो सकती है।