15 अगस्त 2026 हरियाली तीज का पावन पर्व & & ग्रह-नक्षत्रों के गोचर&  सितंबर 2027 के आसपास की ग्रह-स्थिति ; बदलती राजनीतिक परिस्थिति & राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव & नए चेहरे का उदय

15 अगस्त 2026 को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि (शाम 05:28 तक, तत्पश्चात चतुर्थी) और शनिवार & हरियाली तीज का व्रत भी रखा जाएगा। राहुकाल सुबह 09:31 से 11:07 तक & नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी & मास: श्रावण (शुक्ल पक्ष) & राहुकाल: सुबह 09:31 से 11:07 तक & भगवान हनुमान को लाल फूल अर्पित करें और कुछ मिनट अपने उस संकल्प पर विचार करें जिसे आप पूरा करना चाहते हैं। & शनिवार को स्वतंत्रता दिवस पर मकर, मीन और कन्या राशि वालों की चमकेगी

15 अगस्त 2026 (शनिवार) के दिन सिद्धि योग और चंद्रमा-शुक्र की युति से कलानिधि योग बन रहा है। इस दिन शनिवार होने के कारण नवग्रह पूजन, शनि मंत्र “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का जाप, तथा तेल व तिलहन का दान करना बेहद शुभ और फलदायी & उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का पवित्र और मुख्य पौधा पाकड़ (Ficus tinctoria / Plaksha) का वृक्ष माना जाता है। कुछ परंपराओं और मान्यताओं में इसे बड़ (बरगद) या प्लाश से भी जोड़ा जाता है। ज्योतिष के अनुसार इस नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं।

भगवान शिव ने माता पार्वती को पत्नी रूप में स्वीकार किया था & हनुमान जी व शिव जी का ध्यान, ‘ॐ नमः शिवाय’ या हनुमान चालीसा का पाठ &  भगवान भोलेनाथ की कृपा से आपका जीवन सुख, समृद्धि और अच्छी सेहत से परिपूर्ण हो! कल्याण हो! BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR & PRESIDENT BAGLA MUKHI PEETH DEHRADUN Mob. 9412932030

ग्रह-नक्षत्रों के गोचर और बदलती राजनीतिक परिस्थिति & ग्रह-गोचर और जन-असंतोष: वर्ष 2027 में शनि के नीच राशि (मेष) में गोचर, राहु-केतु के परिवर्तन और अतिचारी गुरु के प्रभाव से देश व वैश्विक पटल पर भारी राजनीतिक उथल-पुथल तथा जन-असंतोष देखने को मिलेगा। & राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव & किसी नए चेहरे का उदय

15 अगस्त, 2026 को सिंह राशि में बुध और बृहस्पति का शक्तिशाली संयोजन होगा, साथ ही चंद्रमा उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में गोचर करेगा। यह दुर्लभ संयोग महत्वाकांक्षी लक्ष्यों और उपलब्धियों को व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ संतुलित करता है

15 अगस्त, 2026: उत्तरा फाल्गुनी के प्रभाव में हरियाली तीज और स्वतंत्रता दिवस प्रेम, सौभाग्य और नई शुरुआत लेकर आएंगे। आज के दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि 15 अगस्त को भारत का स्वतंत्रता दिवस है , जबकि हरियाली तीज श्रावण शुक्ल तृतीया के दौरान मनाई जाती है। यह संयोग स्वतंत्रता और जिम्मेदारी के संतुलन, और निरंतरता के माध्यम से मजबूत हुई भक्ति का एक सशक्त विषय बनाता है। चाहे आप करियर संबंधी निर्णय, वित्तीय योजना, रिश्तों या व्यक्तिगत विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहे हों, आज का राशिफल धैर्य और सोच-समझकर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

शनि देव की कृपा के लिए: शनिवार को काले तिल और सरसों के तेल का दान करें।
मंत्र जाप: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का कम से कम एक माला जाप करें।
नकारात्मकता दूर करने के लिए: उगते हुए सूर्य को जल अर्पित करें और गायत्री मंत्र का पाठ करें।

 देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के साथ-साथ ग्रह-नक्षत्रों के दृष्टिकोण से भी बेहद खास और नए अवसर लेकर आने वाला है. कल श्रावण शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि (हरियाली तीज का पावन पर्व) शाम 17:30:46 बजे तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्थी तिथि का आरंभ होगा. इसके साथ ही उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र देर रात 27:26:18 (तड़के 03:26 बजे) तक रहेगा.

 शिव योग सुबह 07:08:55 बजे तक रहेगा, जिसके बाद अत्यंत शुभ सिद्ध योग प्रभावी हो जाएगा. चंद्रमा पूरे दिन सिंह राशि में गोचर करेंगे. शनिवार का यह पावन दिन न्यायप्रिय शनिदेव और मां पार्वती-भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है. स्वतंत्रता दिवस पर बने सिद्ध योग और शनिदेव की कृपा के इस महासंयोग से कई राशियों के जातकों को आय में भारी वृद्धि, नई बिजनेस डील, अटके कार्यों में सफलता और करियर में बड़ा पद-प्रतिष्ठा मिलने के योग

15 अगस्त दिन है शनिवार और कल उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के संयोग में चंद्रमा कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। और कल शिव उपरांत सिद्धि योग का भी संयोग बनेगा। इसके साथ ही कल चंद्रमा और शुक्र की युति कन्या राशि में होने से कलानिधि योग भी यहां निर्मित होगा। और सूर्य से तीसरे भाव में चंद्रमा का गोचर रहने से वरिष्ठ योग का भी संयोग बनेगा। साथ ही बुधादित्य योग भी कल कर्क राशि में बना रहेगा। ऐसे में कल 15 अगस्त का दिन वृषभ, मिथुन, कन्या समेत कई राशियों के लिए अनुकूल और विशेष रूप से सुखद

ज्योतिषीयशास्त्र में 27 नक्षत्रों के लिए अलग-अलग गुणवाले पेड़-पौधे निर्धारित किये गए है आइये जानते है वे कौन कौन है।

27 नक्षत्रो के लिए निर्धारित पेड़-पौधे

अश्विनी – कोचिला,

भरनी – आंवला

कृतका – गुल्लड़

रोहिणी – जामुन

मृगशिरा – खैर

आद्रा – शीशम

पुनर्वसु – बांस

पुष्य – पीपल

अश्लेषा – नागकेसर

मघा – बट

पूर्वा फाल्गुन – पलास

उत्तरा फाल्गुन – पाकड़

हस्त – रीठा

चित्रा – बेल

स्वाती- अजरुन

विशाखा – कटैया

अनुराधा – भालसरी

ज्योष्ठा – चीर

मूला – शाल

पूर्वाषाढ़ – अशोक

उत्तराषाढ़ – कटहल

श्रवण – अकौन

धनिष्ठा – शमी

शतभिषा – कदम्ब

पूर्व भाद्र – आम

उत्तरभाद्र – नीम

रेवती – महुआ

बारह राशि के लिए निर्धारित पेड़-पौधे

राशि – पेड़-पौधे

मेष – आंवला

वृष – जामुन,

मिथुन – शीशम,

कर्क – नागकेश्वर,

सिंह – पलास,

कन्या – रिट्ठा,

तुला – अजरुन,

वृश्चिक – भालसरी,

धनु – जलवेतस,

मकर – अकोन,

कुंभ – कदम्ब

मीन – नीम

प्रत्येक ग्रह के लिए निर्धारित पेड़ -पौधे

सूर्य – अकोन ( एकवन)

चन्द्रमा – पलास,

मंगल – खैर,

बुद्ध – चिरचिरी,

गुरु – पीपल,

शुक्र – गुलड़,

शनि – शमी,

राहु – दुर्वा व

केतु – कुश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *