सावन के तीसरे सोमवार के दिन नाग पंचमी भी है ऐसा योग सालों में एक बार बनता है और इस दिन पर चंद्रमा और शुक्र की युति का होना शुभ रह सकता है। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति और उनके बीच बनने वाले योग का विशेष महत्व होता है। 17 अगस्त को बुध और शनि एक खास स्थिति में होंगे, जिससे नवपंचम दृष्टि योग बनने जा रहा है। बुध ग्रह बुद्धि, संवाद और तर्क का कारक हैं, जबकि शनि का संबंध कर्म और न्याय से है। ज्योतिष अनुसार 17 अगस्त 2026 को रात 8 बजकर 55 मिनट पर बुध और शनि एक-दूसरे से नवम और पंचम भाव में स्थित होंगे। दोनों ग्रहों के बीच 120 डिग्री का कोण बनने से नवपंचम दृष्टि योग का निर्माण होगा। यह योग कुछ समय तक प्रभावी रहेगा।

घर से निकलते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का मन ही मन स्मरण करें। सावन में भगवान भोलेनाथ की कृपा से आपका जीवन सुख, समृद्धि और अच्छी सेहत से परिपूर्ण हो! कल्याण हो!by Chandra Shekhar Joshi Chief Editor & President Bagla Mukhi Peeth Dehradun Mob. 9412932030

23 AUGUST 2026; NEW DELHI; Constitution Club of India. Rafi Marg. : GRAND AWARD & 24 AUGUST 2026 SAPLA ASHRAM HARIYANA GURUDEV KALI DAS JI ASHRAM;
by ; CHANDRA SHEKHAR JOSHI ; Award : Sanatan Dharma Journalist of The Year 2026 अवॉर्ड: सनातन धर्म जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर , नई दिल्ली में सम्मानित & Awardy : Aadi Guru shankaracharya Sanatani Sewa Puruskar आदि गुरु शंकराचार्य सनातनी सेवा पुरस्कार, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉक्टर रमेश पोखरियाल निशंक जी द्वारा सम्मानित & Founder President & Sadhak संस्थापक साधक अध्यक्ष :& Mahamai Peetambra shree Bagla Mukhi Shakti Peeth Dehradun Uttrakhand & महामाई पीतांबरा श्री बगलामुखी शक्ति पीठ देहरादून & &
#President Uttrakhand: Rastriya shashkat Hindu Maha Sangh ( राष्ट्रीय सशक्त हिन्दू महासंघ, ) & # President Uttrakhand: अध्यक्ष उत्तराखंड & Rashtriya Saint Suraksha Parishad (HQ Gujrat) राष्ट्रीय संत सुरक्षा महापरिषद मुख्यालय: Nanda Devi Enclave Banjara Wala Dehradun Uttarakhand Cont. us: Mob 9412932030 Mail himalayauk@gmail.com
17 अगस्त 2026 को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि (नाग पंचमी व सावन सोमवार) है। सूर्योदय प्रात: 05:52 बजे और सूर्यास्त संध्या 18:57 बजे होगा। राहुकाल सुबह 07:30 बजे से 09:08 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:01 से 12:49 बजे तक है। अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:01 से 12:49 बजे तक नाग पंचमी पूजा समय: सुबह 06:04 से 08:39 बजे तक & राहुकाल: सुबह 07:30 से 09:08 बजे तक &
17 अगस्त के दिन नाग पंचमी का पावन त्योहार मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार हर वर्ष श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को यह त्योहार मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता के साथ ही देवों के देव महादेव की पूजा करने से भी शुभ फलों की प्राप्ति भक्तों को होती है।
नाग पंचमी पर शुभ योग और सावन सोमवार का दुर्लभ संयोग बना हुआ है। इसलिए नाग पंचमी पर नाग देवता के साथ ही भगवान शिव की पूजा करने से भी भक्तों को बेहद शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। इस दिन नाग देवता की पूजा करने से कालसर्प दोष से भक्तों को मिलती है साथ ही शिव पूजन से जीवन में सुख शांति आती है।
ग्रहों के राजा सूर्य 17 अगस्त को कर्क राशि से निकलकर सिंह में गोचर कर जाएंगे। ऐसे में मीन में बैठे शनि के साथ सूर्य का षडाष्टक योग बनेगा। सूर्य और शनि देव के बीच शत्रुता का संबंध है। ये दोनों ग्रह 17 अगस्त के दिन घातक षडाष्टक योग बनाएंगे

तिथि: श्रावण शुक्ल पक्ष पंचमी (शाम 05:01 बजे तक)
वार: सोमवार
नक्षत्र: चित्रा नक्षत्र
योग: शुभ योग (देर रात 03:30 बजे तक)
सूर्योदय: प्रात: 05:52 बजे
सूर्यास्त: संध्या 18:57 बजे
चन्द्रोदय: प्रात: 07:15 बजे
चन्द्रास्त: रात्रि 20:01 बजे
ग्रहों के राजा सूर्य और शनि देव के बीच शत्रुता का संबंध है। ये दोनों ग्रह 17 अगस्त के दिन घातक षडाष्टक योग बनाएंगे। दरअसल 17 अगस्त को सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में गोचर करेंगे और शनि इस समय मीन राशि में हैं। ऐसे में शनि और सूर्य एक दूसरे से छठे और आठवें भाव में होंगे जिसके चलते षडाष्टक योग बनेगा। इस योग का बुरा प्रभाव राशिचक्र की 2 राशियों पर हो सकता है।
कन्या राशि & मीन राशि : 17 अगस्त को सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में गोचर करेंगे और शनि इस समय मीन राशि में हैं। ऐसे में शनि और सूर्य एक दूसरे से छठे और आठवें भाव में होंगे जिसके चलते षडाष्टक योग बनेगा & कन्या राशि पारिवारिक जीवन में भी बातचीत के दौरान शब्दों का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। सप्तम भाव में शनि के चलते पार्टनर से मनमुटाव हो सकता है। उपाय के तौर पर कन्या राशि के जातकों को हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। मीन राशि :उपाय के तौर पर आपको भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए।
शुक्र और चंद्रमा के बीच सावन के तीसरे सोमवार यानि 17 अगस्त के दिन कन्या राशि में युति होगी। इस युति के चलते राशिचक्र की कुछ राशियों को बेहद शुभ परिणाम मिल सकते हैं।