27 अगस्त 2027 & भाई की राशि के अनुसार चुनें गिफ्ट, दूर होंगी ग्रह बाधाएं & 28 अगस्त को चंद्रग्रहण 

27 अगस्त 2026 को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि (सुबह 09:09 बजे तक) और उसके बाद पूर्णिमा तिथि (सावन पूर्णिमा / व्रत) है  गुरुवार के दिन सावन माह की अंतिम तिथि  & श्रावण पूर्णिमा के साथ ही सावन का महीना समाप्त हो जाएगा। 27 अगस्त 2026 को व्रतादि की पूर्णिमा & श्रावण शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि और गुरुवार का दिन है। चतुर्दशी तिथि 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 9 मिनट तक रहेगी, इसके बाद पूर्णिमा तिथि लग जाएगी। पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ सुबह 9 बजकर 9 मिनट पर और समापन 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर होगा। इसके अलावा कल व्रत आदि की पूर्णिमा है। वहीं, कल देर रात 2 बजकर 16 मिनट तक धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा। इसके साथ ही कल 27 अगस्त से पंचक भी शुरू & पंचक 27 अगस्त 2026, गुरुवार को दोपहर 1 बजकर 35 मिनट से शुरू होगा। इसका समापन 1 सितंबर 2026, मंगलवार को सुबह 3 बजकर 23 मिनट पर होगा। ऐसे में इस बार रक्षाबंधन के दिन 28 अगस्त को पंचक के साये में भाई की कलाई पर राखी सजेगी। श्रावणी पूर्णिमा यानी यह श्रावण माह का अंतिम दिन  & पहले भगवान विष्णु का ध्यान करें और फिर अपनी यात्रा शुरू करें। सावन में भगवान भोलेनाथ की कृपा से आपका जीवन सुख, समृद्धि और अच्छी सेहत से परिपूर्ण हो! कल्याण हो! by Chandra Shekhar Joshi Chief Editor & President Bagla Mukhi Peeth Dehradun Mob 9412932030 call or whatus me;

28 अगस्त को लगने वाले चंद्रग्रहण  28 अगस्त को लगने वाले चंद्रग्रहण का सूतक भारत में मान्य नहीं होगा, लेकिन भारत के समय के अनुसार चंद्रग्रहण जब समाप्त हो उसके बाद स्नान करके ही दान आपको करना चाहिए। भारत के समय के अनुसार चंद्रग्रहण 28 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगा। आपको बता दें कि चंद्रग्रहण दोष से मुक्ति के कुछ अन्य उपाय भी हैं 

व्रतादि की पूर्णिमा मनाई जाएगी। जब पूर्णिमा तिथि दो दिनों तक रहती है, तो पहले दिन पूर्णिमा का व्रत किया जाता है और दूसरे दिन स्नान-दान करके पुण्य प्राप्त किया जाता है। दरअसल, जिस दिन पूर्ण रूप से चंद्रमा का उदय होता है, उसी दिन व्रतादि की पूर्णिमा मनाने की परंपरा है और कल आकाशमंडल में पूर्ण रूप से चंद्रमा उदयमान रहेगा।

 28 अगस्त को बहनें भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधेंगी, उसी दौरान पंचक भी चल रहा होगा। पंचक को लेकर धार्मिक मान्यताओं में कुछ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि क्या पंचक में राखी बांधी जा सकती है और इस दौरान किन कामों को करने से बचना चाहिए।

रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और रक्षा के संकल्प से जुड़ा पर्व है। पंचक के दौरान सभी कार्यों को रोकने की मान्यता नहीं है। इसलिए रक्षाबंधन पर राखी बांधने की परंपरा को पंचक के सामान्य निषेधों से अलग माना जाता है। 

भाई की राशि के अनुसार चुनें परफेक्ट गिफ्ट, दूर होंगी ग्रह बाधाएं  रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर बहनें अपने भाई को उनकी राशि के हिसाब से गिफ्ट देती हैं, तो इससे भाई के जीवन से ग्रह बाधाएं तो दूर होंगी ही, साथ ही उन पर मां लक्ष्मी की भी खूब कृपा बरसेगी। ज्योतिष अनुसार राशि अनुसार दिया गया गिफ्ट आपके भाई के जीवन में सुख-समृद्धि लेकर आने के साथ-साथ आपके रिश्ते को भी मजबूती प्रदान करेगा।

वार: गुरुवार 27 अगस्त 2027  श्रावण शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि- 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 9 मिनट तक रहेगी, फिर पूर्णिमा तिथि लग जाएगी & राहुकाल-01:59 पी एम से 03:35 पी एम सूर्योदय- सुबह 05:56 बजे  सूर्यास्त- शाम 06:48 बजे
मास: श्रावण (शुक्ल पक्ष)
तिथि: चतुर्दशी सुबह 09:09 बजे तक, तत्पश्चात पूर्णिमा तिथि आरंभ
नक्षत्र: धनिष्ठा (अगली सुबह 02:14 बजे तक)
योग: शोभन योग सुबह 07:56 बजे तक, इसके बाद अतिगंड योग
करण: वणिज सुबह 09:08 तक, फिर विष्टि (भद्रा)

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:57 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक
राहुकाल: दोपहर 01:59 बजे से दोपहर 03:35 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:29 बजे से सुबह 05:13 बजे तक
सूर्योदय: सुबह 05:56 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:55 बजे के आसपास

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:28 ए एम से 05:12 ए एम
  • प्रातः सन्ध्या- 04:50 ए एम से 05:56 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 11:57 ए एम से 12:48 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:31 पी एम से 03:23 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 06:48 पी एम से 07:11 पी एम
  • सायाह्न सन्ध्या- 06:48 पी एम से 07:55 पी एम
  • अमृत काल- 03:13 पी एम से 04:55 पी एम

रक्षाबंधन के दिन बहनें राखी की थाल तैयार करती हैं, जिसमें वो सभी चीजें मौजूद होती हैं जिनकी राखी बांधते समय जरूरत होती है। सबसे पहले इस थाली को घर के मंदिर में रखा जाता है। फिर भगवान की विधि विधान पूजा करने के बाद इस थाली में से कुछ राखियां भगवान को अर्पित की जाती हैं। ज्योतिष अनुसार रक्षा बंधन के दिन सबसे पहली राखी भगवान गणेश को बांधनी चाहिए, फिर इसके बाद ही अन्य देवी-देवताओं और अपने इष्ट देव को राखी बांधनी चाहिए। भगवान को राखी अर्पित करने के बाद अपने भाई की कलाई पर राखी बांधनी चाहिए। 

राखी की थाली में क्या- राखी: भाई की कलाई पर बांधे जाने वाला पवित्र धागा यानी रक्षासूत्र। राखी की थाली में पानी से भरा कलश भी रखा जाता है, इस जल को पहले भगवान पर छिड़का जाता है फिर भाई पर। इस थाली में नारियल भी रखते हैं, जिसे भाई की सुरक्षा और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। थाली में भगवान गणेश की एक छोटी सी तस्वीर या मूर्ति भी आशीर्वाद के रूप में रख सकते हैं। रोली/कुमकुम: भाई के माथे पर तिलक लगाने के लिए कुमकुम, जिसे आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। अक्षत (चावल के दाने): साबुत चावल जिन्हें कुमकुम के साथ मिलाकर माथे पर लगाया जाता है। यह समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माने जाते हैं। दीया: राखी की थाली में एक घी का दीपक रखा जाता है। इससे भाई की आरती उतारी जाती है।  मिठाई: राखी बांधने के बाद मिठाई से भाई का मुंह मीठा किया जाता है। दूर्वा: पूजा की थाली में दूर्वा को भी जरूर शामिल करना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार दूर्वा में अमृत का वास होता है। ऐसे में दूर्वा को अक्षत के साथ भाई के सिर पर रखने से उन्हें दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है। मौली या कलावा: ऐसा माना जाता है कि भाई को राखी के साथ कलावा भी जरूर बांधना चाहिए। कहते हैं इससे भाई को लंबी आयु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

सावन पूर्णिमा 28 अगस्त को है और इस दिन साल का अंतिम चंद्रग्रहण भी लगने जा रहा है। यह चंद्रग्रहण भारत में नहीं दिखेगा और इसीलिए चंद्रग्रहण का सूतक भी मान्य नहीं होगा। हालांकि, इस दिन चंद्रग्रहण दोष से मुक्ति के लिए कुछ चीजों का दान जरूर करना चाहिए। इन चीजों का दान करने से कुंडली में मौजूद चंद्रग्रहण दोष दूर होता है और साथ ही चंद्रमा की स्थिति मजबूत होने से जीवन में शुभ फल भी प्राप्त होते हैं। 

  1. अगर आपका कोई भाई नहीं है तो आप भगवान कृष्ण को अपना भाई मानकर उन्हें राखी बांध सकती हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार रक्षाबंधन की शुरुआत भगवान कृष्ण से ही हुई थी। एक कथा के अनुसार एक बार युद्ध के समय श्रीकृष्ण की उंगली कट गई थी जिससे खून बहने लगा था। यह देखकर द्रौपदी ने तुरंत अपनी साड़ी का पल्लू फाड़ा और उनकी उंगली पर बांध दिया। इससे श्रीकृष्ण ने द्रौपदी को बहन मानकर आजीवन उनकी रक्षा करने का वचन दिया। 
  2. जिन लड़कों की कोई बहन नहीं है वो माता लक्ष्मी को अपनी बहन बानकर उनसे राखी बंधवा सकते है। इसके लिए आपको एक राखी लेनी है और उसे माता के चरणों में अर्पित करना है। फिर माता की पूजा के बाद इस राखी को अपने हाथ में बांध लेना है। आप माता को भेट स्वरूप चूड़ी, साड़ी या बिंदी अर्पित कर सकते हैं।
  3. सगे भाई-बहन न होने पर आप अपने कज़िन्स के साथ भी यह त्योहार मना सकते हैं।  
  4. जिन लोगों का परिवार ज्यादा बड़ा नहीं होता या फिर जो किसी कारण अपने दूर के भाई-बहनों के पास राखी बंधवाने नहीं जा पाते वे अपने माता-पिता के साथ ये त्योहार मनाते हैं। भाई न होने पर लड़की अपने पिता को राखी बांधती है, वहीं बहन न होने पर लड़का अपनी माता से राखी बंधवाता है। कई जगह पर तो भाई-बहन के साथ ही माता-पिता को भी राखी बांधने की परंपरा निभाई जाती है, क्योंकि माता-पिता से बड़ा रक्षक और शुभचिंतक कोई दूसरा नहीं होता। 
  5. जीवन में कई ऐसे दोस्त या पड़ोसी होते हैं जो सगे रिश्तों से भी बढ़कर हो जाते हैं। अगर आपका कोई भाई या बहन नहीं है तो आप उनके साथ यह पवित्र त्योहार मना सकते हैं।

पंचक के साये में भाई की कलाई पर राखी : धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती इन 5 नक्षत्रों के संयोग को पंचक कहते हैं। इस दौरान चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में रहता है। कहते हैं कि पंचक में किए गए कुछ कार्यों का अशुभ प्रभाव बढ़ सकता है, इसलिए इन दिनों विशेष सावधानी बरती जाती है।

वहीं, पंचक की शुरुआत मंगलवार या गुरुवार से हो तो इसे अग्नि पंचक कहा जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन पांच दिनों के दौरान नया निर्माण शुरू करने, नई मशीनरी खरीदने और औजारों से जुड़े कुछ काम टाल देने चाहिए। हालांकि, इस अवधि में सभी कामों पर रोक नहीं है। अदालती मामले, विवाद आदि सुलझाने के लिए इस समय का इस्तेमाल किया जा सकता है। 

मेष राशि

अगर आपके भाई की राशि मेष है तो आप उन्हें फिटनेस, खेल, ट्रेवल या उनकी पसंद की किसी एक्टिविटी से जुड़ा कोई गिफ्ट दे सकती हैं। इसके अलावा आप लाल या नारंगी रंग की कोई चीज भी गिफ्ट कर सकती हैं। इससे उनका मंगल ग्रह मजबूत होगा, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। 

वृषभ राशि

वृषभ राशि के भाई के लिए बेस्ट गिफ्ट ऑप्शन पर्स, घड़ी, परफ्यूम, कोई ग्रूमिंग प्रोडक्ट या कोई स्टाइलिश एक्सेसरी हो सकती है। इससे उनका शुक्र ग्रह मजबूत होगा और भाई के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहेगी। 

मिथुन राशि

अगर आपके भाई की राशि मिथुन है तो आप उन्हें कोई किताब, स्टेशनरी, हेडफोन, गैजेट या कोई टेक एक्सेसरी गिफ्ट कर सकती हैं। इससे उनके बुध ग्रह को मजबूती मिलेगी। जिससे उनके लिए तरक्की के रास्ते खुलेंगे।

कर्क राशि

कर्क राशि के भाई को आप पर्सनलाइज्ड फोटो फ्रेम, परिवार की तस्वीर या कोई कस्टमाइज्ड गिफ्ट दे सकती हैं। दरअसल इस राशि के लड़के काफी इमोशनल होते हैं और अपने परिवार से बहुत प्यार करते हैं। ऐसे में उन्हें इस तरह के गिफ्ट काफी पसंद आएंगे।

सिंह राशि 

सिंह राशि के भाई को आप स्टाइलिश घड़ी, मोटिवेशनल किताब, कपड़े या फिर सुनहरे और नारंगी रंग की कोई चीज गिफ्ट कर सकती हैं। इससे उनकी कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होगा। जिससे उनके जीवन में सुख-समृद्धि आएगी।

कन्या राशि

अगर आपके भाई की राशि कन्या है तो आप उन्हें घड़ी, किताब, कोई वर्क एक्सेसरी या ऐसी कोई चीज गिफ्ट कर सकती हैं जो उनके लिए उपयोगी साबित हो। आप चाहें तो उन्हें हरे रंग की शर्ट या टी शर्ट भी गिफ्ट कर सकती हैं।

तुला राशि

तुला राशि के भाई को आप इस राखी स्टाइलिश एक्सेसरी, स्टाइलिश कपड़े, परफ्यूम, ग्रूमिंग प्रोडक्ट या कलात्मक वस्तु गिफ्ट कर सकती हैं। इससे उनका शुक्र ग्रह मजबूत होगा और मां लक्ष्मी की उन पर खूब कृपा बरसेगी।

वृश्चिक राशि  

वृश्चिक राशि के भाई को इस रक्षाबंधन आप कोई पर्सनलाइज्ड गिफ्ट, फोटो फ्रेम, धार्मिक किताबें, फिटनेस से जुड़ी चीजें या कोई यादगार वस्तु गिफ्ट कर सकती हैं। 

धनु राशि

धनु राशि के भाई को आप इस रक्षाबंधन पर कोई ट्रैवल एक्सेसरी, मोटिवेशनल किताब, स्पोर्ट्स से जुड़ी चीज या उनकी हॉबी की कोई भी वस्तु गिफ्ट कर सकती हैं। आप चाहें तो पीले रंग के वस्त्र भी उपहार में दे सकती हैं। इससे उनकी कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति मजबूत होगी।

मकर राशि

अगर आपका भाई मकर राशि का है तो उन्हें आप घड़ी, वॉलेट, वर्क एक्सेसरी या रोज के काम आने वाली कोई उपयोगी चीज गिफ्ट कर सकती हैं। गिफ्ट देते समय अपने भाई की स्थिरता और तरक्की के लिए प्रार्थना भी जरूर करें। 

कुंभ राशि

कुंभ राशि वाले भाइयों के लिए गैजेट, किताब, क्रिएटिव आइटम या नीले रंग के कपड़े बेस्ट गिफ्ट साबित हो सकते हैं। इससे भाई की कुंडली में शनि ग्रह को मजबूती मिलेगी। 

मीन राशि ; CHANDRA SHEKHAR JOSHI RASHI;

मीन राशि के भाई को इस राखी पर पर्सनलाइज्ड गिफ्ट, पीले वस्त्र, धार्मिक पुस्तकें, फोटो फ्रेम या कोई आर्टिस्टिक वस्तु गिफ्ट कर सकते हैं। इससे आपके रिश्ते में मजबूती आएगी। साथ ही आपके भाई का जीवन खुशियों से भर जाएगा।

सावन पूर्णिमा पर 5 चीजों का दान करने से दूर होगा चंद्रग्रहण दोष 

  • अन्न दान- चंद्रमा का संबंध सफेद रंग के खाद्य पदार्थों से माना जाता है इसलिए सावन पूर्णिमा के शुभ दिन पर दूध, दूध से बने खाद्य पदार्थ, चावल, चीनी आदि का दान करना चाहिए। इन चीजों का दान करने से चंद्रमा मजबूत होता है और चंद्रग्रहण दोष से भी मुक्ति मिलती है। 
  • चांदी का दान- चांदी चंद्रमा की धातु है और इसलिए सावन पूर्णिमा पर अगर आप चांदी का दान करते हैं तो शुभ फल आपको जीवन में मिल सकते हैं। चांदी का दान करने से स्वास्थ्य में भी सुधार होता है और करियर के क्षेत्र में भी आप उन्नति पा सकते हैं। इसके साथ ही चंद्रग्रहण दोष से भी आपको मुक्ति मिलती है और जीवन में धन-धान्य की प्राप्ति के योग बनने लगते हैं। 
  • सफेद वस्त्रों का दान- सावन पूर्णिमा के दिन आपको सफेद रंग के वस्त्रों का दान करना चाहिए। किसी वृद्ध आश्रम या अनाथालय में आप सफेद वस्त्रों का दान कर सकें तो अत्यंत शुभ फल आपको मिल सकते हैं।
  • शंख का दान- चंद्रमा को मजबूत करने के लिए और चंद्रग्रहण दोष से मुक्ति के लिए सावन पूर्णिमा के दिन शंख का दान भी आप कर सकते हैं। शंख का दान करने से चंद्रमा मजबूत होता है और आर्थिक उन्नति आप प्राप्त कर सकते हैं। शंख का दान आप किसी मंदिर में भी कर सकते हैं। 
  • जल का दान- सावन पूर्णिमा के दिन आप जल का दान करके भी चंद्रग्रहण दोष से मुक्ति पा सकते हैं। जल का दान करने से आपको मानसिक शांति की भी प्राप्ति होती है। 

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