8 नवंबर 2026 (रविवार) चतुर्दशी (सुबह 11:28 बजे तक), उपरांत अमावस्या सूर्योदय: सुबह 06:40 AM सूर्यास्त: शाम 05:41 PM चन्द्रोदय: सुबह 05:34 AM चन्द्रास्त: शाम 04:54 PM & अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:43 AM से 12:26 PM तक ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:53 AM से 05:46 AM तक राहुकाल (अशुभ समय): शाम 04:18 PM से 05:41 PM तक ^ लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त (प्रदोष काल): शाम 05:54 PM से रात 07:50 PM तक by Chandra Shekhar Joshi 9412932030

8 नवंबर 2026, उज्जैन: तिथि चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष), नक्षत्र स्वाति। सूर्योदय सुबह 6:41, सूर्यास्त शाम 5:41, राहु काल शाम 4:19 से शाम 5:41 तक।
2026 में लक्ष्मी पूजन के लिए शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 54 मिनट से रात 7 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। 8 नवंबर 2026 को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 11:29 बजे तक रहेगी, जिसके बाद अमावस्या तिथि और दिवाली का पर्व आरंभ होगा। इस दिन चंद्रमा तुला राशि और स्वाती नक्षत्र में संचार करेंगे, जबकि धन लक्ष्मी योग और अनफा योग का शुभ संयोग
8 नवंबर 2026 का पंचांग: 8 नवंबर को कार्तिक कृष्ण पक्ष की उदया तिथि चतुर्दशी और रविवार का दिन है। रविवार की सुबह अभ्यंग स्नान किया जाएगा वहीं रात के समय लक्ष्मी पूजन और दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। रविवार को सुबह 11 बजकर 29 मिनट तक चतुर्दशी तिथि रहेगी और उसके बाद अमावस्या तिथि लग जाएगा।
- कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि – 8 नवंबर को दोपहर सुबह 11 बजकर 29 मिनट पर रहेगी, उसके बाद अमावस्या तिथि लग जाएगी
- स्वाती नक्षत्र- 8 नवंबर को पूरा दिन पूरी रात पार कर के कल सुबह 7 बजकर 24 मिनट तक
- आयुष्मान योग- 8 नवंबर को रात 3 बजकर 3 मिनट तक
- 8 नवंबर 2026 विशेष- दिवाली, अभ्यंग स्नान, लक्ष्मी पूजन
- ब्रह्म मुहूर्त- 04:54 ए एम से 05:46 ए एम तक
- प्रातः सन्ध्या- 05:20 ए एम से 06:38 ए एम
- अभिजीत मुहूर्त- 11:46 ए एम से 12:30 पी एम
- गोधुलि मुहूर्त- 05:39 पी एम से 06:05 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या- 05:39 पी एम से 06:57 पी एम
- सूर्योदय- सुबह 06:37 बजे
- सूर्यास्त- शाम 05:31 बजे
इस साल 8 नवंबर 2026 को दिवाली मनाई जाएगी, जबकि गोवर्धन पूजा 10 नवंबर को होगी। यानी दिवाली और गोवर्धन पूजा के बीच 9 नवंबर का एक दिन का अंतर रहेगा। इसकी वजह कार्तिक मास की तिथियों का संयोग है। 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक अमावस्या तिथि रहेगी और इसके बाद कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा शुरू होगी, जो 10 नवंबर को दोपहर 2 बजे तक रहेगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गोवर्धन पूजा कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को की जाती है। इसी वजह से इस बार गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन के बजाय 10 नवंबर को होगी।