प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए दी गणतंत्र दिवस की बधाई

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए गणतंत्र दिवस की बधाई दी. पीएम ने लिखा, ”सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं. Greetings on #RepublicDay. Jai Hind!”

उत्‍तराखण्‍ड में सरकारी तंत्र की उपेक्षा का शिकार है सोशल मीडिया-

 

वही दूसरी ओर  विवादों के बीच आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने केरल के स्कूल में फहराया झंडा. बता दें कि केरल ने राज्य के सभी संस्थानों के लिए सर्कुलर जारी कर कहा है कि सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल और कॉलेजों में गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण केवल संस्थानों के विभागाध्यक्ष ही करेंगे.

आज से 68 साल पहले यानी 26 जनवरी, 1950 को राष्ट्र को एक ऐसा दस्तावेज़ सौंपा गया जिसके अंदर हर देशवासियों की अपनी आजादी पाने की उन तामम बातों का जिक्र किया- www.himalayauk.org (Leading Digital Newsportal) 

PHOTO; The President, Shri Ram Nath Kovind, the Prime Minister, Shri Narendra Modi and other dignitaries, at Rajpath, on the occasion of the 69th Republic Day Parade 2018, in New Delhi on January 26, 2018.

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देश ने 69वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य पर राजपथ पर आसियान देशों के 10 मुख्य अतिथियों के समक्ष देश की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिसके साथ परेड समारोह शुरू हुआ। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारतीय थल सेना, वायुसेना और नौसेना की सलामी ली। इससे पहले कोविंद ने शहीद ज्योति प्रकाश निराला की पत्नी को अशोक चक्र प्रदान किया। पिछले साल जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान में 31 वर्षीय भारतीय वायुसेना कमांडो शहीद हो गए थे। इस अभियान में छह आतंकवादी भी मारे गए थे। परेड का नेतृत्व दिल्ली क्षेत्र मुख्यालय के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल असित मिस्त्री ने किया। दिल्ली क्षेत्र मुख्यालय के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल राजपाल पुणिया परेड में सेकंड-इन-कमांड थे। अग्रगमन दल की शुरुआत झंडेदार दल के साथ हुई जिन्होंने 10 आसियान देशों के झंडे को प्रदर्शित किया। इसके बाद 39 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र और 1 ईएमई केंद्र के भारतीय सेना बैंड ने प्रदर्शन किया। भारतीय सेना के टी -90 टैंक (भीष्म), बॉलवे मशीन पिकाटे, ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम, हथियार का पता लगाने वाला रडार (स्वाती), पुल बिछाने वाली टैंक टी -72, मोबाइल आधारित ट्रान्सीवर स्टेशन और आकाश हथियार प्रणाली को प्रदर्शित किया गया। सेना के अग्रगमन दल में 61वीं कैवलरी, पंजाब रेजिमेंट, मराठा लाइट इन्फैंट्री, डोगरा रेजिमेंट, लद्दाख स्काउट्स, रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी और 123 इन्फैंट्री बटालियन – प्रादेशिक सेना (ग्रेनेडिएर्स) के घुड़सवार शामिल थे। लेफ्टिनेंट तुषार गौतम के नेतृत्व में नौसेना के अग्रगमन दल में 144 युवा नाविक शामिल थे। स्क्वाड्रन लीडर अटल सिंह शेखों के नेतृत्व में भारतीय वायुसेना के दल में 144 पुरुष शामिल थे। अर्धसैनिक और अन्य सहायक नागरिक बलों में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ-साथ ऊंट दस्ता, भारतीय तट रक्षक, सशस्त्र सीमा बल, इंडो तिब्बती सीमा पुलिस, दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय कैडेट कोर और राष्ट्रीय सेवा योजना शामिल थी।

आज देश मना रहा है 69वां गणतंत्र दिवस, पहली बार 10 आसियान देशों के प्रमुख बन रहे हैं समारोह के मुख्य अतिथि
69वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. दिल्ली के इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति पहुंचकर पीएम मोदी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की. पीेएम मोदी के साथ यहां पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन भी मौजूद रहीं. आज राजधानी में राजपथ पर 10 आसियान देशों के राष्ट्रध्यक्षों की ऐतिहासिक मौजूदगी में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ध्वजारोहण किया. इसके बाद वीर जवानों को सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कार्पोरल ज्योति प्रकाश निराला को मरणोपरांत सर्वोच्च सैनिक सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया. उनकी पत्नी और मां ने ये अवॉर्ड लिया. राजपथ पर परेड के दौरान सेना ने देश की ताकत दिखाई. राजपथ पर 23 झांकियां निकाली गईं जिसमें देश की संस्कृति की झलक देखने को मिली. खास ये रहा कि इस साल पहली बार बीएसएफ की ‘सीमा भवानी’ दल ने बाइक पर स्टंट दिखाया. कुल 23 झांकियां परेड का हिस्सा होंगी. इनमें 14 राज्यों की हैं और बाकी मंत्रालयों और अलग-अलग विभागों की होंगी. परेड में इस बार का बीएसएफ का महिला दस्ता बाइक्स पर स्टंट करता दिखेगा. अभी तक गणतंत्र दिवस परेड में बीएसएफ का पुरूष स्टंट दस्ता ही हिस्सा लेता था. यहां है राजपथ पर हुए गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य बातें-
राजपथ पर 10 आसियान देशों के झंडों के साथ परेड शुरू, सेना ने दिखाई ताकत. दुनिया की एक मात्र सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस, BLT टैंक 2 और आकाश मिसाइल प्रणाली परेड में शामिल हुई.

परेड में थलेसना की पंजाब रेजीमेंट, मराठा लाइट इंफेंट्री, डोगरा और लद्दाख स्कॉउट्स ने भी हिस्सा लिया. परेड में वायुसेना, नौसेना, कोस्टगार्ड, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और दिल्ली पुलिस के दस्ते भी शामिल हुए. परडे के दौरान राजपथ पर उतरी दुनिया की एक मात्र सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस. ये भारत के जंगी बेड़े की सबसे शक्तिशाली मिसाइलों में से एक है.
दिल्ली में आज सुरक्षा के कड़े इंतजाम, राजपथ से लाल किला तक आठ किलोमीटर लंबे परेड मार्ग पर नजर रखने के लिए मोबाइल हिट टीम, विमान-रोधी प्रणालियों और शार्पशूटर्स को तैयार रखा गया है. ऊंची इमारतों पर शूटरों को तैनात किया गया है. बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरों की मदद से परेड मार्ग पर आवाजाही कर लोगों पर नजर रखी जा रही है. हवाई क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए विमान-रोधी बंदूकों सहित हवाई सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गए हैं.

राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड में सलामी मंच पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आसियान देशों के राष्ट्राध्यक्षों में ब्रूनेई के सुल्‍तान हाजी-हसनल-बोल्किया मुइज्‍जाद्दीन वदाउल्‍लाह, इंडोनेशिया के राष्‍ट्रपति जोको विदोदो, फिलीपीन के राष्‍ट्रपति रोड्रिगो रोआ डूतरेत, कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन सेन, सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सिएन लूंग, मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो स्री मोहम्‍मद नजीब बिन तुन अब्‍दुल रज़ाक, थाईलैंड के प्रधानमंत्री जनरल प्रयुत छान-ओ-चा, म्‍यामां की स्‍टेट काउंसलर आंग सांग सू ची, वियतनाम के प्रधानमंत्री नग्‍युएन जुआन फूक और लाओ पीडीआर के प्रधानमंत्री थोंगलोंन सिसोलिथ मौजूद थे. आसियान देशों के नेता जयपुरी बांधनी चुन्नी ओढ़ कर समारोह में हिस्सा लेने आए थे.

सलामी मंच पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मौजूदगी में राजपथ पर भारत की संस्कृति के रंगों और रक्षा क्षेत्र की ताकत का प्रदर्शन किया गया. हाईटेक हथियारों, मिसाइलों, जहाजों और भारतीय सैनिकों के दस्तों ने देश के किसी भी चुनौती से निपट सकने की ताकत का अहसास कराया. सबसे अंत में रोमांच से भर देने वाले वायु सेना के हाईटेक विमानों को राजपथ के उपर से हैरतअंगेज कारनामों के साथ उड़ान भरते देखा गया. इन विमानों की ताकत के साथ ही वायुसेना के पायलटों का हुनर और जांबाज़ी का अहसास हुआ. परेड के 8 किलोमीटर के रास्ते में बच्चों, महिलाओं, युवाओं और बुजर्गों के चेहरों की चमक और उत्साह देखते ही बनता था.

आज से 68 साल पहले यानी 26 जनवरी, 1950 को राष्ट्र को एक ऐसा दस्तावेज़ सौंपा गया जिसके अंदर हर देशवासियों की अपनी आजादी पाने की उन तामम बातों का जिक्र किया- www.himalayauk.org (Leading Digital Newsportal) 

देश की आज़ादी के लिए लंबी लड़ाई लड़ने के बाद हमारा मुल्क फिरंगियों की गुलामी की ज़जीरों से आज़ाद हुआ था. इस लड़ाई में भाग लेने वाले हर उस इंसान का सपना था कि हमारा देश एक ऐसा राष्ट्र बने जहां लोकशाही हो, हमारा देश धर्मनिर्पेक्ष और पंथनिर्पेक्ष हो. जहां हर एक देशवासियों की अपनी गरिमा हो और सम्मान हो और वह ताजिंदगी गर्व से सिर उठा कर अपनी जिंदगी जी सके.
इसी सपने को साकार करने के लिए आज से 68 साल पहले यानी 26 जनवरी, 1950 को राष्ट्र को एक ऐसा दस्तावेज़ सौंपा गया जिसके अंदर हर देशवासियों की अपनी आजादी पाने की उन तामम बातों का जिक्र किया है, जिसे हम अपने देश का संविधान कहते हैं. संविधान में लिखी हर एक बात देश के साथ हर देशवासियों की मान और मर्यादा बन गई. जिसका पालन करना देश के हर नागरिक का पहला काम हो गया.
इस दिन के जश्न के लिए पूरा देश गणतंत्रत दिवस मनाता है. नई दिल्ली में राजपथ पर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अपने देश की विविधता में एकता को, पूरे विश्व को दिखाने के लिए भव्य परेड का आयोजन किया जाता है.
जैसा कि यह दिन हर भारतीय नागरिकों के लिए देश की अखंडता और गौरव का प्रतीक है. इस ओज से भरी उमंग को अक्सर लोग संगीत से जोड़ कर अपनी देशभक्ति की भावना जाहिर करते हैं. लता मंगेशकर से लेकर ए आर रहमान तक संगीत से जुड़ी ऐसी कई हस्तियों ने अपनी गायीकी के माध्यम से इस दिन को खास तौर पर मनाने का जरिया दिया है. इन देशभक्ति भरे गानों को गुनगुना कर हर वो शख्स अपने अंदर देशभक्ति की भावनाओं को भर कर इस दिन को जी लेना चाहता है.

 

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