28 मई 2026 गुरुवार का दिन और पूर्णिमा का आगमन, धार्मिक कार्यों के लिए बहुत मंगलकारी& प्रदोष काल &

28 मई 2026 का पंचांग & त्रयोदशी (शुक्ल पक्ष) तिथि और गुरुवार का दिन है। राहुकाल दोपहर 1:30 PM से 3:00 PM तक रहेगा, इसलिए इस अवधि में कोई भी नया या शुभ कार्य करने से बचें। वहीं, शुभ कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 AM से 12:43 PM तक सबसे उत्तम & गुरुवार के दिन घर से दही खाकर निकलें। गुरुवार का दिन और पूर्णिमा का आगमन धार्मिक कार्यों के लिए बहुत मंगलकारी

BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR & BAGLA MUKHI PRIEST Mob. 9412932030

 28 मई को (अधिक) ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि और गुरुवार का दिन है। द्वादशी तिथि गुरुवार को सुबह 7 बजकर 58 मिनट पर तक रहेगी, उसके बाद त्रयोदशी तिथि लग जायेगी। 28 मई को  देर रात 3 बजकर 55 मिनट तक वरियान योग रहेगा। साथ ही गुरुवार को सुबह 8 बजकर 9 मिनट तक चित्रा नक्षत्र रहेगा, उसके बाद स्वाती नक्षत्र लग जायेगा। इसके अलावा 28 मई को गुरु प्रदोष व्रत किया जायेगा। 

गुरुवार है. पंचांग के अनुसार अधिक ज्येष्ठ शुक्लपक्ष की द्वादशी तिथि सुबह 08 बजकर 31 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद त्रयोदशी तिथि का आरंभ हो जाएगा. आज का दिन बेहद खास है क्योंकि प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है, जिससे भगवान शंकर की विशेष कृपा कुछ राशियों पर बरसने वाली है.

सूर्योदय कालीन ग्रहों की स्थिति देखें तो शनि मीन राशि में, राहु कुम्भ राशि में, और मंगल मेष राशि में विराजमान हैं. वहीं देवगुरु बृहस्पति और शुक्र मिथुन राशि में, सूर्य व बुध वृषभ राशि में और चंद्रमा तुला राशि में संचरण करेंगे. ग्रह-नक्षत्रों के इस फेरबदल से आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

ईद अल-अधा 2026: संभवतः भारत के अधिकांश हिस्सों में बकरीद 28 मई को मनाई जाएगी क्योंकि धुल हिज्जा का चांद पहले की उम्मीद के मुताबिक नहीं दिखाई दिया। ईद अल-अधा 2026: ईद अल-अधा, जिसे बकरीद या ईद-उल-ज़ुहा भी कहा जाता है, इस्लाम में मनाए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है।

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:51 AM से दोपहर 12:43 PM
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:02 AM से सुबह 05:24 AM
प्रदोष काल: शाम 07:12 PM से रात 09:15 PM (भगवान शिव की पूजा के लिए उत्तम)

गुरुवार का उपाय: आज भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करें। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। शाम को सत्यनारायण भगवान की कथा सुनना अत्यंत फलदायी रहेगा।

 शाम 04:54 पीएम से भद्रा शुरू हो रही है, जो पूरी रात रहेगी। भद्रा काल में मांगलिक कार्य और वट वृक्ष की परिक्रमा (यदि शाम को कर रहे हों) वर्जित मानी जाती है। साथ ही दोपहर 02:03 से 03:46 तक राहुकाल का ध्यान रखें

28 मई 2026 का पंचांग

  • ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि- 28 मई 2026 को सुबह 7 बजकर 58 मिनट पर तक रहेगी, उसके बाद त्रयोदशी तिथि लग जायेगी
  • वरियान योग- 28 मई 2026 को  देर रात 3 बजकर 55 मिनट तक
  • चित्रा नक्षत्र- 28 मई 2026 को सुबह 8 बजकर 9 मिनट तक चित्रा नक्षत्र रहेगा, उसके बाद स्वाती नक्षत्र लग जायेगा।
  • 28 मई 2026 व्रत-त्यौहार- गुरु प्रदोष व्रत 
  • प्रदोष पूजा मुहूर्त – 07:11 पी एम से 09:21 पी एम

28 मई 2026 का शुभ समय

गोधूलि मुहूर्त- 07:10 पी एम से 07:31 पी एम ब्रह्म मुहूर्त- 04:34 ए एम से 05:17 ए एम अभिजित मुहूर्त- 12:10 पी एम से 01:02 पी एम विजय मुहूर्त- 02:48 पी एम से 03:40 पी एम

जून महीना शुरू होने वाला है। ऐसे में हर कोई जानना चाहता है कि उनके लिए ये महीना कैसा रहेगा। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो जून महीना 4 राशि वालों के लिए बेहद शानदार साबित होने वाला है। दरअसल इस महीने में 5 बड़े ग्रह अपनी-अपनी राशि बदल रहे हैं। 2 जून को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में गोचर करेंगे तो 8 जून को शुक्र कर्क राशि में आ जायेंगे। वहीं 22 जून को बुध का भी राशि परिवर्तन होगा और 15 जून को सूर्य मिथुन राशि में गोचर शुरू कर देंगे। मंगल देव 21 जून को अपनी राशि बदलेंगे। 

नौतपा  पूरे साल का सबसे गर्म दिन होता है। हर साल जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तब नौतपा लगता है।  इस साल 25 मई से नौतपा शुरू हो चुका है, जो कि 2 जून 2026 तक रहेगा। इसी बीच बृहस्पति देव भी राशि परिवर्तन करने वाले हैं, जिसके बाद इन राशियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। नौतपा के आखिरी दिन यानी 2 जून को गुरु कर्क राशि में गोचर करेंगे। ज्योतिषों के अनुसार, गुरु करीब 12 साल बाद कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में गुरु का यह गोचर इन 4 राशियों के जीवन को प्रभावित कर सकता है। 

ज्योतिष शास्त्र में बनने वाले कुछ योग शुभ तो कुछ अशुभ माने जाते हैं। ऐसा ही एक विष्कुंभ योग 7 जून 2026 को बनने जा रहा है। मान्यता है कि इस योग का असर कुछ राशियों के जीवन में तनाव, आर्थिक परेशानी और सेहत संबंधी दिक्कतें बढ़ा सकता है। 

7 जून 2026 की सुबह लगने वाला विष्कुंभ योग कई तरह के बदलाव लेकर आएगा। इस दौरान करियर, परिवार और स्वास्थ्य के मामलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। खासतौर पर वृषभ, कन्या और मकर राशि वालों के लिए यह समय चुनौती पूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान शांत मन से काम करना, विवादों से दूर रहना और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा। साथ ही भगवान विष्णु की पूजा और दान-पुण्य करने से इस अशुभ योग के नकारात्मक प्रभाव कम किए जा सकते हैं।

ज्योतिष गणना के अनुसार, विष्कुंभ योग 7 जून 2026 को सुबह 10 बजकर 2 मिनट से शुरू होगा। यह योग 8 जून की सुबह 9 बजकर 28 मिनट तक प्रभाव में रहेगा। ज्योतिष में इस योग को अधिक शुभ नहीं माना जाता, क्योंकि इसका असर कई बार मानसिक तनाव और आर्थिक समस्याएं बढ़ाने वाला होता है। विष्कुंभ योग बनते ही इन राशियों दिक्कतें बढ़ सकती हैं। 

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