27 मई 26, गणेश जी को 21 दूर्वा की गांठे चढ़ाएं और “ॐ गं गणपतये नमः” का जाप, एकादशी तिथि समापन: 27 मई 2026 am 06:21, ज्योतिषीय गणना; राजनीतिक हलचल काफी तेज होने के संकेत, बुध; 26 मई 2026 की रात 11:19 बजे उदित 

27 मई को ज्येष्ठ माह (अधिकमास) के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। यह तिथि सुबह 06 बजकर 22 मिनट तक रहेगी फिर इसके बाद द्वादशी तिथि लग जाएगी। 27 मई, मंगलवार को ज्येष्ठ माह (अधिकमास) के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है। एकादशी तिथि पर हस्त नक्षत्र और सिद्धि योग का संयोग रहेगा।

बुध देव का वृषभ राशि में उदय ज्योतिष की दुनिया में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट लेकर आ रहा है। बुद्धि, संवाद और चातुर्य के कारक बुध 26 मई 2026 की रात 11:19 बजे जब उदित होंगे, तो कई बंद पड़े किस्मत के ताले खुलेंगे। 

by Chandra Shekhar Joshi Chief Editor & Bagla Mukhi Peeth Mob. 9412932030

एकादशी तिथि का प्रारंभ: 26 मई 2026 को सुबह 05:10 बजे से। एकादशी तिथि का समापन: 27 मई 2026 को सुबह 06:21 बजे तक। हिंदू धर्म में उदयातिथि (यानी सूर्योदय के समय जो तिथि मौजूद हो) का विशेष महत्व होता है। 26 मई को एकादशी तिथि सूर्योदय के ठीक आसपास शुरू हो रही है, लेकिन 27 मई को सूर्योदय के समय एकादशी तिथि विद्यमान रहेगी। शास्त्रों के अनुसार, दशमी से युक्त एकादशी का त्याग करके द्वादशी से युक्त एकादशी का व्रत रखना अत्यंत श्रेष्ठ और फलदायी माना जाता है। इसलिए, 27 मई को ही व्रत रखना पूरी तरह शास्त्रसम्मत है। पारण की तारीख: 28 मई 2026 (गुरुवार) पारण का शुभ मुहूर्त: सुबह 05:25 बजे से सुबह 07:56 बजे के बीच। 28 मई को द्वादशी तिथि सुबह 07:56 बजे समाप्त 

पुरुषोत्तमी एकादशी: आज श्री हरि विष्णु की कृपा पाने का अद्भुत संयोग है। आज “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप लाभकारी रहेगा।  सिद्ध योग: आज शाम तक ‘सिद्धि’ योग रहेगा, जो किसी भी कार्य में सफलता और कुशलता प्राप्त करने के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इस दौरान किए गए कार्य लंबे समय तक लाभ देते हैं। हस्त नक्षत्र: हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं। आज मानसिक एकाग्रता और कलात्मक कार्यों (जैसे पेंटिंग, लेखन या शिल्प) के लिए दिन बहुत अनुकूल है। बुधवार का उपाय: आज गणेश जी को 21 दूर्वा की गांठे चढ़ाएं और “ॐ गं गणपतये नमः” का जाप करें। यह व्यापार में वृद्धि और शिक्षा में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए रामबाण उपाय है।

27 मई 2026 (बुधवार) के पंचांग के अनुसार, आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पद्मिनी एकादशी (पुरुषोत्तम एकादशी) है。यह अत्यंत पावन दिन भगवान विष्णु की आराधना के लिए समर्पित है。आज हस्त नक्षत्र और व्यतिपात योग का संयोग & पद्मिनी एकादशी व्रत पारण का समय: अगले दिन 28 मई को सुबह 06:19 बजे से 08:35 बजे तक。

सूर्योदय- सुबह 05:25 एएम सूर्यास्त- शाम 07:13 पीएम ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 03:57 एएम से 04:41 एएम

अभिजीत मुहूर्त- आज कोई नहीं (बुधवार को यह मुहूर्त वर्जित माना जाता है) राहुकाल (अशुभ)- दोपहर 12:20 पीएम से 02:02 पीएम यमगंड (अशुभ)- सुबह 07:10 एएम से 08:53 एएम गुलिक काल- सुबह 10:37 एएम से दोपहर 12:20 पीएम

जून 2026 ग्रहों की चाल और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है। इस महीने कई बड़े ग्रह राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। जिसकी वजह से अनेक शुभ और प्रभावशाली राजयोग का निर्माण होगा। 2 जून को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 8 जून को शुक्र ग्रह भी कर्क राशि में गोचर करेंगे। वहीं 15 जून को सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। 21 जून को मंगल वृषभ राशि में गोचर करेंगे और 22 जून को बुध ग्रह कर्क राशि में पहुंच जाएंगे। ग्रहों के इन महत्वपूर्ण गोचर के कारण जून माह में गजलक्ष्मी योग, हंस राजयोग और रूचक राजयोग जैसे कई शुभ योग बनेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन राजयोगों का प्रभाव सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा। 

ग्रहों के फेरबदल और राहु-केतु के गोचर के प्रभाव के चलते देश के भीतर राजनीतिक हलचल काफी तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। यह ज्योतिषीय और रणनीतिक संयोग विपक्ष को और अधिक आक्रामक बनाने की जमीन तैयार कर रहा है।

बुध देव का वृषभ राशि में उदय ज्योतिष की दुनिया में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट लेकर आ रहा है। बुद्धि, संवाद और चातुर्य के कारक बुध 26 मई 2026 की रात 11:19 बजे जब उदित होंगे, तो कई बंद पड़े किस्मत के ताले खुलेंगे। 

कन्या राशि वालों के लिए तो यह उदय किसी संजीवनी बूटी जैसा है, क्योंकि बुध आपकी ही राशि के स्वामी हैं। पिछले कुछ समय से जो आपकी छवि को नुकसान पहुंच रहा था या सेहत साथ नहीं दे रही थी, वह दौर अब खत्म हुआ। आपके सिर से एक बड़ा बोझ हटने वाला है। अब आप खुद को तरोताजा और ऊर्जा से भरा हुआ पाएंगे। रुके हुए काम दोबारा पटरी पर दौड़ने लगेंगे। किस्मत का पूरा साथ मिलेगा, जिससे आपका खोया हुआ आत्मविश्वास वापस आ जाएगा। जो लोग विदेश जाने का सपना देख रहे थे या इंटरनेशनल बिजनेस से जुड़े हैं, उन्हें कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। भ्रम के बादल छंटेंगे और आपको जीवन की एक सही दिशा मिलेगी।

जून माह के प्रमुख व्रत एवं त्योहारों की लिस्ट।

03 जून (बुधवार): विभुवन संकष्टी चतुर्थी

07 जून (रविवार): अधिक भानु सप्तमी

08 जून (सोमवार): अधिक कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी

11 जून (गुरुवार): परम एकादशी (अधिकमास की एकादशी)

12 जून (शुक्रवार): प्रदोष व्रत (कृष्ण पक्ष)

13 जून (शनिवार): मासिक शिवरात्रि

15 जून (सोमवार): ज्येष्ठ अधिक अमावस्या (अधिकमास समाप्त), मिथुन संक्रांति

17 जून (बुधवार): महाराणा प्रताप जयंती

21 जून (रविवार): भानु सप्तमी, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (साल का सबसे बड़ा दिन)

22 जून (सोमवार): धूमावती जयंती, मासिक दुर्गाष्टमी

23 जून (मंगलवार): महेश नवमी

25 जून (गुरुवार): निर्जला एकादशी, गायत्री जयंती (बिना पानी के रखा जाने वाला साल का सबसे कठिन और महत्वपूर्ण एकादशी व्रत)

27 जून (शनिवार): शनि प्रदोष व्रत

29 जून (सोमवार): वट पूर्णिमा व्रत, ज्येष्ठ पूर्णिमा, संत कबीर दास जयंती

30 जून (मंगलवार): आषाढ़ मास का प्रारंभ

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