कॉकरोच भारत की राजनीतिक बहस में शामिल 

6 JUNE 2026 (HIMALAYAUK NEWS)  छात्रों ने नारे लगाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की & कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस प्रदर्शन का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि अगर दीपके को गिरफ्तार किया गया तो वह छह सप्ताह का अनशन करेंगे.  कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से कहा गया है कि हमारा एकमात्र एजेंडा है – भारत की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने के लिए धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा.किसी भी भ्रामक रणनीति के झांसे में न आएं! by Chandra Shekhar Joshi Mob 9412932030

दीपके ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में जंतर-मंतर पर समर्थकों से मुलाकात को लेकर उत्सुकता व्यक्त की और उन्हें एक किताब और राष्ट्रीय ध्वज लाने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने प्रदर्शन में हिस्सा लेने आने वाले लोगों से पुलिसकर्मियों को करुणा और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में फूल भेंट करने का भी आग्रह किया तथा इस बात पर जोर दिया कि आंदोलन प्रेम और शांति के साथ किया जाना चाहिए.

उन्होंने लिखा, ‘पहुंच गया. जंतर-मंतर पर आप सभी से मिलने के लिए उत्सुक हूं. एक किताब और हमारा तिरंगा लाना न भूलें! पुलिसकर्मियों को करुणा और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में फूल भेंट करें. हमें यह आंदोलन प्रेम और शांति के साथ करना है!’

यह प्रदर्शन सीजेपी द्वारा आयोजित किया जा रहा है जो युवाओं के नेतृत्व वाली एक ऑनलाइन मुहिम है. इस प्रदर्शन के माध्यम से सीजेपी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही की मांग कर रहा है. प्रदर्शन के मद्देनजर कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोप में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय संगठन की सोशल मीडिया पर ज्यादा ध्यान दे रही है.
 
उन्होंने कहा, ‘मेरे दोस्तों, यह एक लंबा संघर्ष है. सोशल मीडिया पर प्रधान के इस्तीफे की मांग शुरू किए हुए एक महीना हो गया है, लेकिन ये लोग इतने बेशर्म हैं कि कार्रवाई करने के बजाय, वे अन्य कामों में लगे हुए हैं, जैसे हमारे अकाउंट हैक करना और हमारी पोस्ट को डिलीट करवाना. आप हमारी पोस्ट डिलीट कर सकते हैं, लेकिन आप हमें इस मंच से मिटा नहीं सकते.’

उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जल्द ही प्रदर्शन में शामिल होंगे और उनके समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार सुबह ही अमेरिका से दिल्ली पहुँचे हैं. अभिजीत दीपके ने जंतर मंतर पहुंचकर कहा, “पिछले 5, 10 दिन से लोग मुझसे सवाल कर रहे थे कि सोशल मीडिया पर पेज चलाकर क्या होगा. उन लोगों को कैमरा घुमाकर ये दिखा दीजिए कि जंतर मंतर पर कितने कॉकरोच घर से बाहर निकल कर आएं हैं.”

उन्होंने दावा किया, “महज़ एक-दो दिन में हमारे साथ लाख़ों स्टूडेंट्स होंगे. ये कॉकरोच जनता पार्टी कोई प्लान की हुई पार्टी नहीं है. ये हर एक स्टूडेंट की आवाज़ है, जो सरकार से नाराज़ है.”

इस माहौल में एक व्यंगात्मक सोशल मीडिया कैंपेन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी सीजेपी, वर्चुअल दुनिया से वास्तविक दुनिया यानी कि सड़क पर उतर रही है.

इससे पहले सीजेपी ने एक्स हैंडल ‘कॉकरोच इज़ बैक’ पर लिखा, “..हम धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा लेकर रहेंगे. अब समय आ गया है कि इस छोटे से मज़ाक को एक आंदोलन में बदल दिया जाए.”

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एअरपोर्ट पर उतरते ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की.

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर बताया है कि उन्हें दिल्ली पुलिस से जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की मंज़ूरी मिल गई है.

शिवसेना नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी को प्रदर्शन की इजाज़त देकर दिल्ली पुलिस ने ठीक काम किया है.

सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि सीजेपी के आंदोलन को समझदारी भरे समर्थन और मार्गदर्शन की ज़रूरत है.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “देश में परीक्षा पेपर लीक, भर्ती में भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी और रोज़ाना घोटाले हो रहे हैं…”

“विदेश नीति पूरी तरह ढह गई है और अमेरिका पर निर्भरता बढ़ गई है. चुनाव आयोग, न्यायपालिका, मीडिया और अन्य संस्थाएं भी कमज़ोर हो गई हैं.”

उन्होंने लिखा, “हम एक बड़े तूफ़ान में घिरे हैं. कॉकरोच जनता पार्टी इस तूफ़ान का स्वाभाविक नतीजा है. इनके बड़े वादे हैं. इस जेन-ज़ी आंदोलन को समझदारी भरे समर्थन और मार्गदर्शन की ज़रूरत है.”

भारत में राजनीतिक पार्टियों का जन्म सामान्य तौर पर आंदोलनों से होता है. लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का जन्म 16 मई को सोशल मीडिया पर अचानक से हुआ था.

इसका जन्म कटाक्ष करने वाले ऑनलाइन प्रोजेक्ट के रूप में हुआ था.

दरअसल, 15 मई को भारत के सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा था, “समाज में पहले से ही ऐसे परजीवी मौजूद हैं जो व्यवस्था पर हमला करते हैं. क्या आप भी उनके साथ जुड़ना चाहते हैं? कुछ युवा ऐसे हैं, जो रोज़गार नहीं मिलने और पेशे में जगह न बना पाने के कारण कॉकरोच की तरह हर जगह फैल जाते हैं.”

जस्टिस सूर्यकांत की इस टिप्पणी की बहुत आलोचना हुई. हालांकि इस आलोचना के बाद जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्टीकरण दिया और कहा कि उनकी टिप्पणी को ग़लत तरीक़े से पेश किया गया है. उन्होंने कहा, “मुझे यह देखकर दुख हुआ कि मीडिया के एक वर्ग ने कल (15 मई को) एक निरर्थक मामले की सुनवाई के दौरान की गई मेरी मौखिक टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया. मैंने विशेष रूप से उन लोगों की आलोचना की थी, जिन्होंने फर्ज़ी और नकली डिग्रियों की मदद से बार (कानूनी पेशे) जैसे क्षेत्रों में प्रवेश किया है. ऐसे ही लोग मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य सम्मानित पेशों में भी घुस आए हैं, इसलिए वे परजीवियों की तरह हैं.” लेकिन तब तक कॉकरोच भारत की राजनीतिक बहस में शामिल हो चुका था. 16 मई को 30 साल के अभिजीत दीपके ने एक्स पर एक गूगल फॉर्म पोस्ट किया, जिसमें लोगों को कॉकरोच जनता पार्टी में रजिस्ट्रेशन के लिए आमंत्रित किया.

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री जी, आपके शिक्षा मंत्री नाकाबिल हैं. उनके कारण हमारी शिक्षा व्यवस्था बर्बाद हो चुकी है. इतने पेपर लीक हुए हैं. करोड़ों बच्चे परेशान हैं. कई ने सुसाइड कर लिया है. मोदी जी, प्लीज़ धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त कीजिए और लोकतंत्र में हमारा विश्वास कायम कीजिए.”

पोस्ट ” 6 जून, सुबह 9 बजे- मिलते हैं कल, साथी कॉकरोचों. हम धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा लेकर रहेंगे.”

“अब समय आ गया है कि इस छोटे-से मज़ाक को एक आंदोलन में बदल दिया जाए. दिल्ली की सड़कों पर शांतिपूर्ण और प्रेमपूर्ण असहमति के साथ बड़ी संख्या में जुटने के लिए तैयार हो जाइए.

“लेकिन याद रखिए कि क्या करना है और क्या नहीं करना है. सबकी नज़रें हम पर हैं!”

इससे पहले अभिजीत दीपकेने कहा कि वो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देंगे. हालांकि ये साफ़ नहीं है कि वो दिल्ली पुलिस की अनुमति के बिना ये धरना प्रदर्शन कैसे होगा.

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