2024 लोकसभा चुनाव; तीन ऐसी पार्टियां- का पलड़ा भारी, चुनाव नतीजे काफी चौंकाने वाले आयेंगे

Dt 25 August 2023 # High Light #तमिलनाडु में एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके, आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआरसीपी और तेलंगाना में के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली बीआरएस तीन ऐसी पार्टियां # पीलीभीत से बीजेपी सांसद वरुण गांधी: किस पार्टी से लड़ेंगे चुनाव: Himalayauk News#BJP को हरा सकता है विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’? # आंकड़े कहते हैं कि एनडीए को 43 फीसदी वोट और ‘इंडिया’ को 41 फीसदी वोट मिल सकते हैं. अन्य दलों के हिस्से में 16 फीसदी वोट जाते हुए दिखाए गए हैं # ये दल किसी गठबंधन का हिस्सा बनते हैं तो सीधे उसे करीब 60 सीटों का लाभ मिलेगा. अगर यह इंडिया एलायंस की तरफ झुकते हैं तो चुनाव नतीजे काफी चौंकाने वाले आयेंगे: # वहीं दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के तौर प र अपना साढ़े नौ साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और उनकी उम्र 72 वर्ष के आसपास हो चुकी है. वहीं भाजपा से जुड़े नेता ही अक्सर कहते आए हैं कि भाजपा में 75 वर्ष के बाद कोई चुनाव नहीं लड़ता और वो मार्गदर्शक मंडल में चला जाता है. कौन होगा मोदी का उत्तराधिकारी ; अमित शाह, योगी या गडकरी Execlusive Story Bureau Presents by Chandra Shekhar Joshi

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ये दल किसी गठबंधन का हिस्सा बनते हैं तो सीधे उसे करीब 60 सीटों का लाभ मिलेगा. अगर यह इंडिया एलायंस की तरफ झुकते हैं तो चुनाव नतीजे काफी चौंकाने वाले आयेंगे: वहीं दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के तौर पर अपना साढ़े नौ साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और उनकी उम्र 72 वर्ष के आसपास हो चुकी है. वहीं भाजपा से जुड़े नेता ही अक्सर कहते आए हैं कि भाजपा में 75 वर्ष के बाद कोई चुनाव नहीं लड़ता और वो मार्गदर्शक मंडल में चला जाता है. कौन होगा मोदी का उत्तराधिकारी ; अमित शाह, योगी या गडकरी– इनमे गडकरी का पलड़ा भारी है,

तमिलनाडु में एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके, आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआरसीपी और तेलंगाना में के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली बीआरएस तीन ऐसी पार्टियां हैं, जो पिछले लोकसभा चुनाव 2019 में किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं थीं. यह दल इस बार अभी तक न तो इंडिया एलायंस और न ही एनडीए एलायंस का हिस्सा बने हैं. इन दलों का अपने राज्य में कितना असर है वह उनकी सीटों के जरिए आसानी से लगाया जा सकता है. डीएमके के पास 24, वाईएसआरसीपी के पास 22 और बीआरएस के पास हैं 9 सीटें

पिछले चुनाव आम चुनाव में इन पार्टियों ने बीजेपी और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों को काफी पीछे छोड़ दिया था. 2019 लोकसभा चुनाव में तमिनाडु में डीएमके ने 39 में से 24 सीटें अकेले दम जीतीं थीं. वहीं आंध्रप्रदेश में वाईएसआरसीपी ने 25 में से 22 सीटों पर जीत हासिल की थी. इसी तरह तेलंगाना में बीआरएस (पूर्व में टीआरएस) ने 17 में से 9 सीटों पर कब्जा करके बीजेपी और कांग्रेस को क्रमशः दूसरे और तीसरे नंबर पर धकेल दिया था.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी धर्म के नाम पर जनता को गुमराह करती है. बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में कोई भी बड़ा काम नहीं किया है, जिसको लेकर जनता से वोट मांग सके. वह बुनियादी मुद्दों से भागती है, आज महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्या, बड़े मुद्दे हैं. अखिलेश ने कहा कि इस सरकार ने आम जनता को सिर्फ समस्यायें और दुश्वारियां ही दी है. यूपी में बिजली का एक भी कारखाना नहीं लगाया है, प्रदेश में बिजली संकट है.

अखिलेश ने कहा कि यूपी में जो भी बिजली मिल रही है वह सपा सरकार के दौरा बनाए गए पावर प्लांटों से मिल रही है. बीजेपी ने जनता से झूठे वादे किए, किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई है. महंगाई, बेरोजगारी कम नहीं हुई. महंगाई का विरोध करने पर यह सरकार दुकानदारों को जेल भेज देती है और पीएम के लोकसभा क्षेत्र में टमाटर की महंगाई पर आवाज उठाने वाले दुकानदार और उसके बेटे को इस सरकार ने जेल भेज दिया था. अखिलेश ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार बड़े-बड़े सपने दिखा रही है लेकिन कोई भी निवेश जमीन पर नहीं उतरा है. गांव-गांव में बड़ी संख्या में पढ़े-लिखे नौजवान बेरोजगार हैं.

पीलीभीत से बीजेपी सांसद वरुण गांधी: किस पार्टी से लड़ेंगे चुनाव: Himalayauk News

वरुण गांधी ने 500 से ज्यादा यूथ ब्रिगेड को पीलीभीत में उतार दिया हैं. इसमें कुछ लड़के लोकल हैं, और कुछ को बाहर से तैनात किया गया है. ये सारे कार्यकर्ता बीबीए, एमबीए, एमए, इंजीनियरिंग के छात्र हैं और किसान परिवारों से संबंध रखते हैं. इन सभी को आईटी सेल की जिम्मेदारी दी गई है. जो व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर मिशन 2024 पर काम कर रहे हैं. इन ग्रुपों के जरिए लोगों की समस्याओं को सुना जा रहा है और उनका हल कराया जा रहा है.वरुण गांधी ने अपनी यूथ ब्रिगेड के लिए पांच विधानसभाओं में दफ्तर खोले हैं, ये कार्यकर्ता लोगों के बिजली बिल से लेकर कृषि लोन, पशु लोन, पीएम आवास योजना, उज्जवला योजना, पेंशन जैसी तमाम समस्याओं का निदान कर रहे हैं. यही नहीं पुलिस के परेशान करने पर भी एक यूथ ब्रिगेड एक्टिव होती है और थानों में लोगों की मदद करती है. पीलीभीत के ज्यादातर लोग सांसद के प्रतिनिधि और अन्य कार्यकर्ताओं से बात कर अपनी समस्या के निपटारे करवा रहे हैं. इसके अलावा खुद वरुण गांधी ने भी लोगों से कनेक्ट रहने के लिए बड़े स्तर पर संवाद और कार्यक्रमों की तैयारी की है.

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