25 मई 2026, सोमवार & नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून & गंगा दशहरा का पर्व

25 मई, सोमवार को ज्येष्ठ माह (अधिकमास) के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। इस तिथि पर देशभर में गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाएगा &  25 मई को (अधिक) ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि और सोमवार का दिन है। दशमी तिथि सोमवार को पूरा दिन पूरी रात पार कर के मंगलवार को सुबह 5 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। 25  मई को पूरे दिन और पूरी रात सभी कार्यो में सफलता दिलाने वाला रवि योग रहेगा। साथ ही सोमवार पूरा दिन पूरी रात पार कर के भोर 4 बजकर 9 मिनट तक उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र रहेगा। नौतपा का संबंध सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन से माना जाता है। आज से नौतपा नौ दिन का वह समय है, जब भीषण गर्मी पड़ती है। 

BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI Mob 9412932030

वर्ष 2026 में गंगा दशहरा का पर्व ज्योतिषीय गणना एवं उदया तिथि के आधार पर 25 मई 2026, सोमवार को मनाया जायेगा। वैदिक पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 24 मई की शाम से शुरू होकर 25 मई की दोपहर तक रहेगी, लेकिन धार्मिक परंपरा में उदया तिथि को मनाने के कारण पूजा, स्नान और दान का शुभ दिन 25 मई ही माना गया है।

  • ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि- 25 मई 2026 को पूरा दिन पूरी रात पार कर के मंगलवार सुबह 5 बजकर 11 मिनट तक
  • रवि योग- 25 मई 2026 को पूरे दिन और पूरी रात सभी कार्यो में सफलता दिलाने वाला रवि योग रहेगा
  • उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र- 25 मई 2026 को पूरा दिन पूरी रात पार कर के भोर 4 बजकर 9 मिनट तक
  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:34 ए एम से 05:18 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 12:09 पी एम से 01:02 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:47 पी एम से 03:40 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 07:09 पी एम से 07:30 पी एम
  • अमृत काल- 08:33 पी एम से 10:14 पी एम
  • रवि योग- पूरे दिन

& नौतपा का समय हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवधि में सूर्य देव अपनी प्रचंड ऊर्जा के साथ होते हैं, जिससे धरती पर गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नौतपा के दौरान किए गए दान-पुण्य से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को शुभ फल प्राप्त होते हैं। साथ ही पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है। वर्ष 2026 में नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा। इस दौरान कुछ विशेष वस्तुओं का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है, जिससे कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और जीवन में सम्मान, सफलता तथा सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है नौतपा में अन्न दान को सबसे श्रेष्ठ माना गया है। खरबूजे का दान बहुत शुभ माना जाता है।  ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नौतपा में जल दान करने से जीवन की परेशानियां कम होती हैं और मानसिक शांति मिलती है। नौतपा के दौरान राहगीरों को ठंडा शरबत पिलाना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। नौतपा में हाथ वाले या बिजली के पंखे का दान करना भी बहुत लाभकारी माना गया है। मंदिर, अस्पताल या जरूरतमंद लोगों को पंखा दान करने से जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ती हैं और दरिद्रता दूर होती है।

नौतपा की शुरुआत 25 मई 2026 से होगी और यह 2 जून 2026 तक चलेगा। यह अवधि सामान्यतः भीषण गर्मी के लिए जानी जाती है जब सूर्य की तीव्रता अपने चरम पर होती है। नौतपा के ये 9 दिन ज्योतिषीय दृष्टि से भी विशेष माने जाते हैं क्योंकि इस दौरान कई महत्वपूर्ण ग्रहों का गोचर देखने को मिलता है। इस बार नौतपा में सूर्य, मंगल, शुक्र और राहु जैसे प्रमुख ग्रहों के साथ-साथ चंद्रमा भी अपनी स्थिति में परिवर्तन करेगा। इससे  7 ग्रहों के गोचर असर सभी राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा। कुछ जातकों के लिए यह समय बेहद शुभ और परिवर्तनकारी साबित हो सकता है।

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