आकाश में चमकता चांद हमेशा लोगों को आकर्षित करता है, लेकिन कभी-कभी कुछ खगोलीय घटनाएं इसे और भी खास बना देती हैं। साल 2026 में ऐसी ही एक दुर्लभ घटना देखने वाली है, जब 31 मई की रात आसमान में नीला चाँद दिखाई देगा। खास बात यह है कि यह दृश्य रोज-रोज देखने को नहीं मिलता, इसलिए खगोल विज्ञान में रुचि बनाए रखने वाले लोगों के बीच इसे लेकर काफी उत्साह बना हुआ है।
by Chandra Shekar Joshi Chief Editor & Bagla Mukhi Peth Mob. 9412932030

यह महीना केवल मौसम के कारण ही नहीं, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इस दौरान कई बड़े ग्रह अपनी राशि बदलेंगे। सूर्य, मंगल, गुरु, शुक्र और राहु-केतु जैसे प्रमुख ग्रहों के गोचर का प्रभाव सभी राशियों, देश-दुनिया और सामान्य जीवन पर देखने को मिल सकता है। ये बदलाव कहीं सकारात्मक परिणाम देंगे तो कहीं चुनौतियां भी बढ़ा सकते हैं
30 मई 2026 का दिन पंचांग के अनुसार शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि के अंतर्गत आता है और यह दिन शनिवार का है। इस दिन के प्रमुख पंचांग तत्व जैसे तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्य और चंद्रमा की स्थिति दिन के प्रभाव और महत्व को निर्धारित करते हैं। पंचांग का उपयोग शुभ-अशुभ समय जानने, धार्मिक कार्यों की योजना बनाने और दैनिक जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों को सही समय पर लेने के लिए किया जाता है।

आज की तिथि शुक्ल पक्ष चतुर्दशी है, जो सुबह 11:59 बजे तक रहेगी। इसके बाद अगली तिथि प्रारंभ हो जाएगी। चतुर्दशी तिथि को विशेष रूप से पूजा-पाठ और आध्यात्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। आज शनिवार है, जो भगवान शनि देव को समर्पित माना जाता है। इस दिन शनि पूजा, दान और संयम से जुड़े कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है। आज ग्रीष्म ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। यह समय गर्म मौसम और वातावरण में बदलाव का माना जाता है। अयन के अनुसार वर्तमान समय उत्तरायण है। धार्मिक दृष्टि से उत्तरायण को शुभ और सकारात्मक ऊर्जा वाला काल माना जाता है।
आज सूर्योदय सुबह 5:09 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 6:44 बजे। ये समय दैनिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। चंद्रमा का उदय शाम 6:04 बजे और अस्त रात 3:58 बजे होगा। आज चंद्रमा तुला राशि में स्थित है और इसका निवास पश्चिम दिशा में माना गया है। चंद्रमा की स्थिति मानसिक और भावनात्मक प्रभावों को दर्शाती है।

चतुर्दशी – 11:57 ए एम तक है, आज शनिवार है। अगर कोई शुभ कार्य करना चाहते हैं तो राहुकाल का समय जरूर नोट कर लें, इस समय कोई शुभ कार्य न करें। आज राहुकाल 08:51 प्रात: से 10:35 प्रात: तक रहेगा। नक्षत्रों की बात करें तो आज विशाखा – 01:20 पी एम तक का योग है। चन्द्रमा आज तुला में संचार करेंगे। आज सूर्योदय 05:24 प्रात: और सूर्यास्त 07:13 सायं बजे होगा। आज विशाखा नक्षत्र दोपहर 1:21 बजे तक रहेगा, जिसके बाद अगला नक्षत्र प्रारंभ होगा। विशाखा नक्षत्र को लक्ष्य प्राप्ति और प्रगति का प्रतीक माना जाता है। आज शिव योग सुबह 5:25 बजे तक रहेगा। पंचांग में शिव योग को शुभ और सकारात्मक परिणाम देने वाला योग माना जाता है। करण के रूप में वणिज करण सुबह 11:59 बजे तक रहेगा। करण कार्यों की प्रकृति और उनके प्रभाव को समझने में महत्वपूर्ण माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 03:56 एएम से 04:40 एएम अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:53 एएम से दोपहर 12:49 पीएम राहुकाल (अशुभ)- सुबह 08:52 एएम से 10:37 एएम यमगंड (अशुभ)- दोपहर 02:03 पीएम से 03:47 पीएम गुलिक काल- सुबह 05:24 एएम से 07:08 एएम
शनिवार है और चंद्रमा शाम को वृश्चिक राशि (शनि की ढैया वाली राशि) में प्रवेश करेंगे। आज शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाना और ‘शनि चालीसा’ का पाठ करना मानसिक और शारीरिक कष्टों से मुक्ति दिलाएगा। विशाखा नक्षत्र: रात 11:03 तक विशाखा नक्षत्र रहेगा। यह नक्षत्र धैर्य और लक्ष्य प्राप्ति के लिए जाना जाता है। इस दौरान किए गए व्यापारिक निर्णय भविष्य में लाभदायक हो सकते हैं। अभिजीत मुहूर्त: किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए दोपहर 11:53 से 12:49 के बीच का समय सबसे प्रभावशाली और शुभ है।
हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिवार का दिन मुख्य रूप से न्याय के देवता शनि देव, रक्षक भैरव और संकटमोचक हनुमान जी को समर्पित होता है। शनि देव को कर्मफल दाता माना जाता है, यानी वे व्यक्ति को उसके अच्छे और बुरे कर्मों के अनुसार फल देते हैं। शनिवार के दिन कुछ विशेष नियम और उपाय करने से शनि दोष (साढ़ेसाती और ढैय्या) से मुक्ति मिलती है और जीवन में स्थिरता आती है।
शनि देव और हनुमान जी की कृपा पाने के लिए
शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ के पास या शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। हनुमान चालीसा का पाठ: शनि देव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि जो भी हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि कभी प्रताड़ित नहीं करेंगे। इसलिए इस दिन हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करने से शनि के सभी दोष शांत हो जाते हैं। इस दिन काले या गहरे नीले रंग के कपड़े पहनना अच्छा माना जाता है।
दान-पुण्य (ज़रूरी): शनि देव को दान प्रिय है। इस दिन किसी गरीब, मजदूर या जरूरतमंद व्यक्ति को काले चने, सरसों का तेल, काली उड़द की दाल, तिल, छाता या चमड़े के जूते-चप्पल दान करें।
मजदूरों का सम्मान: शनि देव समाज के निचले तबके, श्रमिकों और नौकरों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए इस दिन अपने मातहत काम करने वाले कर्मचारियों या मजदूरों को खुश रखें और उन्हें समय पर पैसे दें। मंत्रों का जाप: ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें। शनिवार के दिन लोहा, सरसों का तेल, काला तिल, नमक और चमड़े का सामान भूलकर भी नहीं खरीदना चाहिए। (हालांकि, इस दिन इन चीजों का दान करना बेहद शुभ होता है)।
मई 2026 की शुरुआत मंगल के मेष राशि में गोचर से होगी। मंगल को ऊर्जा, साहस और कार्य करने की क्षमता का ग्रह माना जाता है, इसलिए इस समय लोगों में जोश और एक्टिवनेस बढ़ेगी। इसी अवधि में रुचक राजयोग का निर्माण भी होगा, जो सफलता और प्रगति देने वाला माना जाता है। हालांकि, मंगल के उग्र स्वभाव के कारण गुस्सा, जल्दबाजी और विवाद की स्थिति भी बढ़ सकती है, इसलिए इस समय शांत रहना और सोच-समझकर निर्णय लेना बहुत जरूरी होगा।
31 मई को शुक्र मेष राशि में गोचर करेगा। शुक्र प्रेम, सुंदरता, कला और सुख-सुविधाओं का ग्रह है। इस गोचर से रिश्तों में सुधार, आकर्षण में वृद्धि और नए संबंध बनने के योग बन सकते हैं। कला, फैशन और क्रिएटिव क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए यह समय अच्छा रहेगा। हालांकि, इस दौरान अनावश्यक खर्च और दिखावे से बचना जरूरी होगा।