5 जुलाई 2026 आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि & ‘राष्ट्रीय कर्मठ दिवस’ (National Workaholics Day) और ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस’

5 जुलाई 2026 का दिन पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि का है। रविवार होने के कारण यह दिन सूर्य उपासना, आत्मबल और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए विशेष माना जाता है। यदि आप पूजा-पाठ, यात्रा, नए कार्य या किसी मांगलिक कार्यक्रम की योजना बना रहे हैं, तो & सूर्योदय सुबह 5:13 AM पर तथा सूर्यास्त शाम 6:53 PM पर होगा।  5 जुलाई को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि दोपहर 01 बजकर 27 मिनट तक रहेगी, फिर इसके बाद षष्ठी तिथि लग जाएगी। इस तिथि पर शतभिषा नक्षत्र और आयुष्मान योग का विशेष संयोग बनेगा। इस तिथि पर चंद्रमा का गोचर कुंभ राशि में होगा, जिसके स्वामी शनिदेव होते हैं। घर से दलिया, घी या पान खाकर निकलें। BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI 9412932030

5 जुलाई को मुख्य रूप से ‘राष्ट्रीय कर्मठ दिवस’ (National Workaholics Day) और ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस’ (जुलाई के पहले शनिवार को) मनाया जाता है।

पंचक जारी: आज पूरे दिन पंचक रहेगा। रविवार के दिन पड़ने वाले पंचक को ‘रोग पंचक’ कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा करना, घर की छत डलवाना, ईंधन या लकड़ी इकट्ठा करना और पलंग/खाट बनवाना वर्जित माना जाता है। रविवार का दिन भगवान सूर्य देव की उपासना के लिए श्रेष्ठ & गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:11 से 07:32 तक।

आज कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि दोपहर 1:32 PM तक रहेगी। पंचमी तिथि को ज्ञान, अध्ययन, धार्मिक कार्यों तथा दैनिक जिम्मेदारियों को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए अनुकूल माना जाता है। इसके बाद अगली तिथि का आरंभ होगा। रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित होता है। परंपरागत मान्यताओं के अनुसार इस दिन आत्मविश्वास बढ़ाने, स्वास्थ्य की कामना करने तथा सकारात्मक ऊर्जा के साथ नए सप्ताह की तैयारी करने का विशेष महत्व माना जाता है।

पूर्णिमांत परंपरा के अनुसार आषाढ़ मास चल रहा है, जबकि अमांत पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास प्रभावी है। दोनों पंचांग प्रणालियां भारतीय संस्कृति में समान रूप से मान्य हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में इनका उपयोग किया जाता है। आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) तथा शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। भारतीय पंचांग की कालगणना इन्हीं संवतों के आधार पर निर्धारित की जाती है।

ग्रीष्म ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। मौसम में गर्मी के साथ वर्षा ऋतु के आगमन के संकेत भी दिखाई देने लगते हैं, जिससे वातावरण में परिवर्तन महसूस होता है।

अयन की दृष्टि से अभी उत्तरायण काल चल रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह समय शुभ कार्यों, पूजा-पाठ और सकारात्मक प्रयासों के लिए अनुकूल माना जाता है।  शतभिषा नक्षत्र दोपहर 3:13 PM तक रहेगा। आज आयुष्मान योग 4:41 PM तक रहेगा। पंचांग में इस योग को स्वास्थ्य, दीर्घायु और शुभ कार्यों के लिए लाभकारी माना जाता है। आज का अभिजीत मुहूर्त 11:36 AM से 12:30 PM तक रहेगा। यह समय महत्वपूर्ण कार्यों, पूजा-अर्चना और नई शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।

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