21 अप्रैल 2026, मंगलवार; शंकराचार्य जयंती, संत सूरदास जयंती, राष्ट्रीय वैशाख मास प्रारंभ, मुख्य उत्सव 

21 अप्रैल 2026, मंगलवार को वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि (सुबह 05:15 AM तक, फिर पंचमी) है। इस दिन रोहिणी नक्षत्र (दोपहर 01:54 PM तक) और शोभन योग रहेगा। चंद्र राशि वृषभ होगी। प्रमुख समय: अभिजित मुहूर्त 11:47 AM – 12:38 PM है, और राहुकाल 03:22 PM – 04:57 PM के बीच रहेगा।  BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR Mob. 9412932030

व्रत / दिवस विशेष – श्री आद्य शंकराचार्य जयंती, संत सूरदास जयंती, राष्ट्रीय वैशाख मास प्रारंभ, विवाह मुहूर्त मृगशिरा नक्षत्र में,

आज के मुख्य उत्सव और महत्व:

शंकराचार्य जयंती: आज अद्वैत वेदांत के प्रणेता जगद्गुरु आदि शंकराचार्य जी की जयंती है। आज धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना और गुरु दर्शन करना अत्यंत शुभ होता है।

सूरदास जयंती: हिंदी साहित्य के महान कवि और कृष्ण भक्त सूरदास जी की जयंती भी आज ही है। भगवान कृष्ण की आराधना के लिए आज का दिन विशेष है।

वैशाख विनायक चतुर्थी: भगवान गणेश को समर्पित यह तिथि विघ्नों को दूर करने वाली मानी जाती है। आज दोपहर के समय गणेश जी की पूजा करना और उन्हें दूर्वा व मोदक अर्पित करना अत्यंत शुभ होता है।

अंगारकी चतुर्थी का संयोग: मंगलवार के दिन चतुर्थी होने से इसे अंगारकी विनायक चतुर्थी का पुण्य फल प्राप्त होता है। यह योग कर्ज से मुक्ति और शत्रुओं पर विजय के लिए अचूक माना जाता है।

रोहिणी नक्षत्र: दोपहर तक चंद्रमा के सबसे प्रिय नक्षत्र ‘रोहिणी’ का प्रभाव रहेगा, जो धन वृद्धि और पारिवारिक सुख के लिए उत्तम है।

भद्रा (विष्टि करण): आज शाम 04:53 पीएम से भद्रा प्रारंभ हो रही है, जो अगले दिन सुबह तक रहेगी। शुभ कार्यों की शुरुआत भद्रा से पहले या अभिजीत मुहूर्त में करना बेहतर है।

  • अमृत काल: 01:55 AM (22 अप्रैल) – 03:40 AM (22 अप्रैल)
  • राहुकाल: 03:22 PM से 04:57 PM
  • अभिजित मुहूर्त: 11:47 AM से 12:38 PM 
  • पंचांग मंगलवार 21 अप्रैल, 2026
  • विक्रम संवत् – 2083
  • संवत्सर नाम – रौद्र
  • शक संवत् – 1948
  • हिजरी सन् – 1447
  • मु. मास – 3 जिल्काद
  • अयन – उत्तरायण
  • ऋतु – ग्रीष्म ऋतु
  • मास – वैशाख
  • पक्ष – शुक्ल

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