6 जून को जैसे ही चंद्रमा कुंभ राशि में गोचर करेंगे वैसे ही वे राहु के साथ मिलकर ग्रहण योग बनाएंगे। ये योग 8 जून तक बना रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में कई शुभ-अशुभ योगों का वर्णन किया गया है। जिनमें से ग्रहण योग बेहद अशुभ योग माना जाता है। कहते हैं जिसकी कुंडली में इस योग का निर्माण होता है ऐसे व्यक्ति का जीवन संघर्षों में बीतता है। इस योग के कारण सफलता पाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है और हमेशा मानसिक तनाव बना रहता है। ब मन के कारक चंद्र देव मायावी और पापी ग्रह राहु के साथ युति करते हैं, तो इसका कुछ राशियों पर बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI Mob. 9412932030

गुरुवार, 4 जून 2026 & गुरुवार का दिन देवताओं के गुरु बृहस्पति देव और जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र & सूर्योदय: सुबह 05:23 एएम सूर्यास्त: शाम 07:16 पीएम & ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:02 से सुबह 04:42 तक। & गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:15 से शाम 07:36 तक। & राहुकाल: दोपहर 02:03 से शाम 03:47 तक (इस समय विशेष रूप से शुभ कार्यों से बचें)। आज अमांत और पूर्णिमांत दोनों गणनाओं के अनुसार ज्येष्ठ मास चल रहा है। यह मास धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है और इस दौरान कई पूजा-पाठ एवं व्रत रखे जाते हैं।
ज्येष्ठ अधिकमास का गुरुवार है, इसलिए आज भगवान विष्णु के सम्मुख देशी घी का दीपक जलाएं, उन्हें पीले फूल अर्पित करें और ‘विष्णु सहस्रनाम’ का पाठ करें। इस दिन पीले वस्त्र पहनना और किसी मंदिर में चने की दाल या केले का दान करना कुंडली में गुरु ग्रह को मजबूत करता है और धन-धान्य की वृद्धि & 4 जून, गुरुवार को ज्येष्ठ माह (अधिकमास) के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। इस तिथि पर उत्तराषाढा नक्षत्र और शुक्ल योग का संयोग रहेगा। इस तिथि पर चंद्रमा का गोचर मकर राशि में होगा, मकर राशि के स्वामी ग्रह शनि होते हैं,
4 जून 2026 का दिन पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के साथ आरंभ हो रहा है। गुरुवार का यह दिन धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और पारिवारिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। आज की तिथि कृष्ण पक्ष चतुर्थी है, जो रात 11:31 PM तक रहेगी। इसके बाद अगली तिथि प्रारंभ हो जाएगी। चतुर्थी तिथि को विशेष रूप से भगवान गणेश की पूजा और बाधाओं को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। आज गुरुवार है, जो भगवान विष्णु और गुरु ग्रह से संबंधित माना जाता है। यह दिन ज्ञान, धार्मिक कार्यों और शुभ योजनाओं के लिए अनुकूल माना जाता है।

संवत्सर के अनुसार आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) है, जो भारतीय पंचांग और पारंपरिक कालगणना के प्रमुख आधार माने जाते हैं। वर्तमान समय में ग्रीष्म ऋतु चल रही है, जो ऊर्जा, गर्मी और सक्रियता का प्रतीक मानी जाती है। अयन के अनुसार अभी उत्तरायण काल है, जिसे शुभ और सकारात्मक प्रभाव वाला समय माना जाता है।
आज सूर्योदय सुबह 5:08 AM बजे होगा और सूर्यास्त शाम 6:46 PM बजे। यह समय दैनिक कार्यों और शुभ गतिविधियों की योजना बनाने में सहायक होता है। चंद्रमा का उदय रात 10:09 PM बजे और चंद्रास्त सुबह 8:07 AM बजे होगा। आज चंद्रमा धनु राशि में स्थित है और इसका निवास पूर्व दिशा में माना गया है। आज उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रात 3:42 AM तक रहेगा, जिसके बाद अगला नक्षत्र प्रारंभ होगा। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र को स्थिरता, आत्मविश्वास और सफलता से जोड़कर देखा जाता है।
योग के रूप में शुक्ल योग है, जो सुबह 9:03 AM तक रहेगा। यह योग शुभ कार्यों और सकारात्मक योजनाओं के लिए अनुकूल माना जाता है। करण बव है, जो सुबह 10:26 AM तक रहेगा। करण का प्रभाव कार्यों की गति और उनके परिणामों पर माना जाता है। आज का अभिजीत मुहूर्त 11:30 AM से 12:24 PM तक रहेगा, जिसे दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है।
4 जून को अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि गुरुवार का दिन है। चतुर्थी तिथि गुरुवार को रात 11 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। 4 जून को सुबह 9 बजकर 3 मिनट तक शुक्ल योग रहेगा, उसके बाद ब्रह्म योग लग जायेगा। अगर आपको कोई शांतिपूर्वक कार्य करना हो तो ब्रह्म योग में करने से आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी। साथ ही अगर आपका किसी से झगड़ा हुआ हो तो उसे सुलझाने के लिए भी ब्रह्म योग बहुत ही अच्छा है। साथ ही गुरुवार देर रात 3 बजकर 42 मिनट तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा।
शुक्र ग्रह 11 जून 2026 की दोपहर 02:11 पर पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कर जायेगा। इस नक्षत्र में शुक्र के आते ही 4 राशि वालों की जिंदगी पूरी तरह से बदल जाएगी। ज्योतिष शास्त्र में जिस तरह से ग्रहों का राशि परिवर्तन महत्वपूर्ण माना जाता है। वैसे ही ग्रहों के नक्षत्र परिवर्तन का भी खास महत्व होता है। इस समय शुक्र पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं, लेकिन 11 जून से ये पुष्य नक्षत्र में गोचर शुरू कर देंगे और 23 जून तक यहां विराजमान रहेंगे। शुक्र का पुष्य नक्षत्र में गोचर 4 राशि वालों के लिए किसी चमत्कार से कम साबित नहीं होगा। इन राशियों की बंद किस्मत के ताले खुल जाएंगे।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए शुक्र का पुष्य नक्षत्र में गोचर लाभकारी साबित होगा। आपके सभी कार्य पूरे होंगे। किसी काम में बड़ी सफलता मिलेगी। नया मकान या वाहन खरीदने का सपना पूरा हो सकता है। इनकम में जबरदस्त उछाल आएगा। अचानक से धन प्राप्ति के योग बनेंगे।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों को शुक्र का नक्षत्र गोचर विशेष लाभ दिलाएगा। आपकी पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। धन लाभ के रास्ते खुलेंगे। नई नौकरी मिलने के योग बन रहे हैं। अचानक से धन की प्राप्ति के आसार दिखाई दे रहे हैं। किसी काम में बड़ी सफलता हाथ लग सकती है। कार्यस्थल पर आपके काम की खूब प्रशंसा होगी। अविवाहित जातकों के लिए विवाह प्रस्ताव आ सकते हैं।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए ये नक्षत्र गोचर किसी वरदान से कम साबित नहीं होगा। आमदनी में वृद्धि होगी। करियर में सुनहरी सफलता मिलेगी। अटके काम पूरे होंगे। बिजनेस में बंपर लाभ कमाने में सफल रहेंगे। साझेदारी के काम में खूब पैसा कमाएंगे। यात्रा सफल साबित होगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
मीन राशि
इस राशि वालों के लिए भी शुक्र का नक्षत्र गोचर वरदान साबित होगा। आय में वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं। ऑफिस में आपकी साख बढ़ेगी। नौकरी में मनचाही जगह ट्रांसफर मिल सकता है। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी। निवेश के लिए भी समय शानदार है। किसी पुराने कर्ज से मुक्ति मिल सकती है।
जब मन के कारक चंद्र देव मायावी और पापी ग्रह राहु के साथ युति करते हैं, तो इसका कुछ राशियों पर बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। चलिए जानते हैं इस युति से किन 3 राशियों के लोगों को फूंक-फूंक कर कदम रखने की जरूरत है।
मेष राशि (Aries)
6 से 8 जून तक का समय आपके लिए थोड़ा मुश्किल साबित हो सकता है। इस अवधि में किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा न करें क्योंकि धोखा मिल सकता है। आर्थिक परेशानियां आ सकती हैं। बिजनेस में काफी नुकसान होने के भी आसार रहेंगे। इस दौरान कोई भी बड़ा निर्णय लेने से बचना होगा। कार्यस्थल पर झगड़ा करने से बचें। ऑफिस की राजनीति का शिकार हो सकते हैं। अचानक से खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है।
सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि वालों के मानसिक तनाव काफी बढ़ सकते हैं। नौकरी में भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आपको कार्यस्थल पर बेहद सतर्क रहने की जरूरत होगी। वर्तमान नौकरी में काम का दबाव बढ़ सकता है। 6 से 8 जून के बीच नौकरी या बिजनेस में कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचें नहीं तो नुकसान हो सकता है। इसके अलावा इस दौरान पैसों के लेनदेन को लेकर भी पारदर्शिता बनाए रखें।
वृश्चिक राशि (Scorpio)
वृश्चिक राशि वालों के लिए भी ग्रहण योग परेशानियां बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। बिजनेस में अचानक से मंदी आ सकती है। 6 से 8 जून के बीच कोई भी बड़ी डील करने से बचें। काम को लेकर जरा सभी लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है। पैसों के लेनदेन में विशेष सावधानी बरतनी की सलाह है और जितना हो सके विवादों से दूर रहें।
ग्रहण योग के बुरे प्रभावों से कैसे बचें?
यदि आपकी राशि भी ऊपर दी गई राशियों में शामिल है तो नीचे दिए गए उपाय जरूर करें जिससे ग्रहण योग का बुरा प्रभाव न पड़ सके…
- नियमित रूप से शिवलिंग पर जलाभिषेक करें। कहते हैं इससे राहु दोष शांत होता है।
- सोमवार के दिन दूध, चावल या चीनी का दान करें।
- रोज सुबह या शाम के समय हनुमान चालीसा का पाठ करें।