धीरे-धीरे ‘‘ बढ़ रही’’ सत्ता विरोधी लहर- राजनीति के मास्‍टर माइंड ने बदली रणनीति

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सकारात्मक राजनीति करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि लोग नकारात्मक राजनीति की सराहना नहीं करते. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी व उपराज्यपाल पर सीबीआई व एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी के खिलाफ करने का आरोप लगाया. अरविंद केजरीवाल ने कहा, “केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) दिल्ली सरकार के अधिकारियों को बुला रही है व अनुचित व्यवहार कर रही है. उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाता है और घंटों बैठाया जा रहा है.” मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि सीबीआई सीधे अमित शाह व मोदी को रिपोर्ट कर रही है. सीबीआई व एसीबी के पास पहले से ही 14 मामले हैं, लेकिन गिरफ्तारी एक भी नहीं हुई है

अगले साल के लोकसभा चुनावों से पहले ‘आप’ ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के मुद्दे को अपना प्रमुख हथियार बनाया है. राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि वर्ष 2019 के आम चुनाव के लिए माहौल बनने की शुरुआत के साथ ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल सावधानी के साथ राजनीतिक खेल खेलते प्रतीत हो रहे हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलों की अपनी रणनीति में बदलाव कर लिया है. बीेजेपी की कई चुनावी हार और केंद्र की बीेजेपी नीत सरकार के खिलाफ धीरे – धीरे ‘‘ बढ़ रही’’ सत्ता विरोधी लहर को देखते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री ने एक बार फिर मोदी पर अपने हमलों की धार तेज करने का फैसला कर लिया है.

केजरीवाल ने कहा, “पहले के मामलों पर काम करने के बजाय हमें नए मामलों में घसीटा जा रहा है. सीबीआई व एसीबी के पास पहले से ही 14 मामले हैं, लेकिन गिरफ्तारी एक भी नहीं हुई है. इससे साफ है कि केंद्र सरकार दिल्ली की सरकार से घबराई हुई है और फर्जी मामले लगाकार दिल्ली के कामकाज को प्रभावित करना चाहती है. उन्होंने कहा, “वे हमारे घर पर और मेरे दूसरे मंत्रियों के घरों पर भी छापेमारी कर रहे हैं. वे हमें गिरफ्तार करने में समर्थ नहीं है क्योंकि वे जानते हैं कि हम ईमानदार हैं. यह सब कुछ हमें बदनाम करने के लिए किया गया है.” केजरीवाल ने कहा, “इसका मुख्य इरादा हमारा काम रोकना है.” 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके कैबिनेट सहकर्मियों ने 11 जूूून2018 शाम  राज्यपाल अनिल बैजल से मुलाकात की और अपनी तीन मांगों के स्वीकार होने तक उनके कार्यालय में बैठे रहने का फैसला किया. केजरीवाल के साथ डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, मंत्री – सत्येंद्र जैन और गोपाल राय भी धरने पर बैठे हुए हैं. केजरीवाल ने उप राज्यपाल (एलजी) कार्यालय के प्रतीक्षा कक्ष से शाम छह बजे ट्वीट किया कि बैजल को एक पत्र सौंपा गया लेकिन उन्होंने कार्रवाई करने से इनकार कर दिया.  उन्होंने ट्वीट किया , ‘उन्हें पत्र सौंपा. एलजी ने कार्रवाई करने से इनकार कर दिया. कार्रवाई करना एलजी की संवैधानिक कर्तव्य है. कोई विकल्प नहीं बचने पर हमने एलजी से विनम्रता से कहा है कि जब तक वह सभी विषयों पर कार्रवाई नहीं करेंगे , तब तक वे वहां से नहीं जाएंगे.  मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा – हमारी एलजी साहब से 3 विनती हैं – IAS अधिकारियों की गैरकानूनी हड़ताल तुरंत खत्म कराएं, क्योंकि सर्विस विभाग के मुखिया एलजी हैं, काम रोकने वाले IAS अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लें, और राशन की डोर-स्टेप-डिलीवरी की योजना को मंजूर करें.  सिसोदिया ने कहा कि वह हड़ताल के बारे में एलजी से पांच बार मिले लेकिन उन्होंने इसे खत्म कराने के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने राज निवास से ट्वीट किया , ‘‘ एक निर्वाचित सरकार कैसे काम कर सकती है , यदि एलजी आईएएस अधिकारियों की हड़ताल का इस तरह से समर्थन करेंगे। ’’ 

दिल्ली की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने एकबार फिर आंदोलनकारी रुख अख्तियार कर लिया है. पार्टी ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर अभियान शुरू करने का ऐलान किया है. अभियान की शुरूआत पार्टी ने दिल्ली के उपराज्यपाल के खिलाफ ‘एलजी दिल्ली छोड़ो’ का नारा देकर की है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने की कोशिश की. ‘आप’ ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में अभियान चलाने की घोषणा की है. ‘आप’ के वार्ड स्तरीय पदाधिकारियों एवं विधायकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की लड़ाई स्वतंत्रता संघर्ष की तरह है. केजरीवाल ने कहा कि महात्मा गांधी ने ब्रिटिश शासन के दौरान भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया था और अब आम आदमी पार्टी ‘एलजी दिल्ली छोड़ो’ अभियान शुरू करेगी. उन्होंने कहा कि 1947 में भारत को आजादी मिली और सभी ब्रिटिश वायसराय हटा दिए गए, लेकिन दिल्ली में एलजी (उप-राज्यपाल) को वायसराय की जगह नियुक्त कर दिया गया. अपने अभियान के पहले चरण के बारे में केजरीवाल ने कहा कि ‘आप’ के नेता, विधायक और कार्यकर्ता 17 जून से 24 जून तक राष्ट्रीय राजधानी में 300 जगहों पर सभाएं करेंगे. दूसरे चरण में ‘आप’ ने एक जुलाई को इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में पार्टी कार्यकर्ताओं का सम्मेलन आयोजित करने की योजना बनाई है जहां आगे के कदम पर फैसला किया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री देश के पिता की तरह होता है. उन्हें लोगों की रक्षा करनी चाहिए न कि मुश्किलें खड़ी करनी चाहिए. अगर हम दिल्ली में 1,000 मोहल्ला क्लीनिक खोलने की कोशिश कर रहे हैं, तो उन्हें पूरे देश में 10,000 खोलने चाहिए. इससे लोग खुश होंगे और उनकी प्रशंसा करेंगे.”
अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को आरोप लगाया कि दिल्ली में आईएएस संघ बीते चार महीने से हड़ताल पर है, जो अवैध है. उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार, आईएएस हड़ताल पर नहीं जा सकते. उनकी हड़ताल की कोई वजह नहीं है, उनकी कोई मांग नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उन पर किसी तरह का काम नहीं करने के लिए उप राज्यपाल कार्यालय से दबाव है.

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री कार्यालय के इशारे पर उप राज्यपाल द्वारा आईएएस अधिकारियों को हड़ताल पर रहने के लिए बाध्य किया जा रहा है क्योंकि वे नहीं चाहते कि आप सरकार काम करे. आम आदमी भी इस हड़ताल से प्रभावित है.”

आम आदमी पार्टी (आप) के एक वरिष्ठ नेता ने बताया , ‘उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम के बाद 2017 में केजरीवाल ने जब अपनी रणनीति में बदलाव किया तो तब मोदी का करिश्मा बरकरार था. आप ऐसे नेता पर हमले नहीं करते जो लोकप्रिय हो क्योंकि उसका उल्टा असर होता है. लेकिन अब जब वह (मोदी) अलोकप्रिय हो रहे हैं तो रणनीति बदल गई है.’ 

उन्होंने कहा कि पेट्रोल – डीजल के दामों में वृद्धि के चलते मोदी सरकार के खिलाफ लोगों के गुस्से , हालिया उपचुनावों में बीेजेपी की हार तथा बीेजेपी के खिलाफ विपक्ष के एकजुट होने की वजह से केजरीवाल ने रणनीति बदल ली है.  गत 31 मई को आए उपचुनाव परिणामों में बीेजेपी महज एक लोकसभा सीट पर जीती थी. विधानसभा सीटों में से भी उसके खाते में केवल एक सीट आई थी.  

आप की दिल्ली इकाई के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि केजरीवाल मनुष्य हैं और वह जवाबी हमला करेंगे ही. दिल्ली सरकार को काम नहीं करने दिया गया है. भारद्वाज ने कहा, ‘हमने अपने हमलों को कम करने तथा काम पर ध्यान देने की रणनीति अपनाने की कोशिश भी की , लेकिन पिछले एक साल में हुई घटनाएं दिखाती हैं कि इस रणनीति ने काम नहीं किया है.’  वह दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के आवास पर सीबीआई के छापे , मुख्यमंत्री अंशु प्रकाश पर आप विधायकों के कथित हमले के संबंध में मुख्यमंत्री केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से पूछताछ किए जाने , दिल्ली सरकार के सलाहकारों को हटाए जाने तथा पीडब्ल्यूडी कार्य में कथित अनियमितता के मामले में केजरीवाल के रिश्तेदार की गिरफ्तारी के संबंध में बोल रहे थे. 

हिमालयायूके न्यूज पोर्टल www.himalayauk.org (Leading Digital Newsportal & Print Media ) Publish at Dehradun & Haridwar, Available in FB, Twitter, whatsup Groups & All Social Media ; Mail; himalayauk@gmail.com (Mail us) whatsup Mob. 9412932030; CS JOSHI- EDITOR ; H.O. NANDA DEVI ENCLAVE, BANJARAWALA, DEHRADUN (UTTRAKHAND)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *