1 नवंबर 2026, रविवार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी/अष्टमी तिथि और रवि पुष्य नक्षत्र का संयोग & सूर्योदय: सुबह 06:36 AM सूर्यास्त: शाम 05:44 PM राहुकाल: शाम 04:21 PM से 05:44 PM तक अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42 AM से दोपहर 12:27 PM तक विशेष योग: रवि पुष्य योग & नक्षत्रों का राजा: ज्योतिष में पुष्य नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रों में सर्वश्रेष्ठ, स्थायी समृद्धि और सफलता का प्रतीक माना गया है। सूर्य और शनि का प्रभाव: रविवार के दिन होने के कारण इसे ‘रवि पुष्य योग’ कहा जाता है, जो कार्यों को अक्षय फल (अनंत गुना शुभ फल) प्रदान करने वाला बनाता है।

1 नवंबर 2026, रविवार को रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ और अत्यंत शुभ महासंयोग & सूर्य देव को जल अर्पित करें, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें तथा माता लक्ष्मी को केसर युक्त खीर का भोग लगाकर श्री सूक्त का पाठ करें।
BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR & FOUNDER ; BAGLA MUKHI PEETH DEHRADUN
1 नवंबर को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाएगा। अहोई अष्टमी के दिन माताएं संतान की रक्षा के लिए व्रत रखती हैं। अहोई अष्टमी पर रात के समय तारों का दर्शन करने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। अहोई अष्टमी का व्रत रखने से घर में सुख-समृद्धि भी आती है। साल 2026 में अहोई अष्टमी तिथि रात्रि के समय 1 नवंबर को है इसलिए उदयातिथि न होने के बावजूद भी व्रत इसी दिन रखा जाएगा। यह व्रत सूर्योदय से पहले शुरू होता है और रात्रि में तारों के दर्शन के बात समाप्त होता है।
1 नवंबर 2026 का पंचांग: 1 नवंबर को कार्तिक कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि और रविवार का दिन है। सप्तमी तिथि दोपहर तक रहेगी और उसके बाद अष्टमी लग जाएगी। आज अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाएगा क्योंकि रात्रिकालीन अष्टमी तिथि आज ही है। इसके साथ ही आज के दिन पुष्य नक्षत्र भी रहेगा।

- कार्तिक कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि -1 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 52 मिनट तक रहेगी, उसके बाद अष्टमी तिथि लग जाएगी
- साध्य योग – 1 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 40 मिनट तक
- पुष्य नक्षत्र- 1 नवंबर को पूरा दिन पूरी रात पार कर के भोर 4 बजकर 31 मिनट तक
- 1 नवंबर विशेष- अहोई अष्टमी व्रत
- ब्रह्म मुहूर्त- 04:50 ए एम से 05:42 ए एम
- प्रातः सन्ध्या- 05:16 ए एम से 06:33 ए एम
- अभिजित मुहूर्त- 11:46 ए एम से 12:30 पी एम
- विजय मुहूर्त- 02:00 पी एम से 02:44 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त- 05:43 पी एम से 06:09 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या- 05:43 पी एम से 07:00 पी एम
नवंबर को दोपहर 2 बजकर 51 मिनट तक कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रहेगी. इसके बाद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी, जो 2 नवंबर दोपहर 1 बजकर 10 मिनट तक रहेगी. रविवार को सुबह 6 बजकर 36 मिनट पर सूर्योदय और शाम 5 बजकर 44 मिनट पर सूर्यास्त होगा.
आज सूर्य देव स्वाति नक्षत्र में रहेंगे. ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य देव स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करते हैं या इस नक्षत्र में स्थित होते हैं, तो इसके विशेष और गहरे प्रभाव देखने को मिलते हैं. स्वाति नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता पवन देव (वायु) हैं और स्वामी राहु हैं. इस नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश से लोगों में पुरानी परिस्थितियों और बंधनों से निकलकर स्वतंत्र रूप से कार्य करने की भावना प्रबल होती है.
रविवार दोपहर 2 बजकर 39 मिनट तक साध्य योग रहेगा, इसके बाद शुभ योग आरंभ होगा. ज्योतिष के अनुसार, साध्य योग 27 नित्य योगों में से 22वां योग माना जाता है. ‘साध्य’ शब्द का अर्थ है कि जिसे साधा जा सके या जो प्राप्त करने योग्य हो. इस योग की देवी माता सावित्री (माता सरस्वती) मानी जाती हैं और इसके प्रमुख ग्रह बुध हैं. यह योग अत्यंत शुभ माना जाता है. इस दौरान कठिन से कठिन कार्य भी आसानी से पूरे हो जाते हैं.