2 नवंबर 2026 सोमवार, कालाष्टमी व्रत & राधाष्टमी & त्योहारों से भरपूर नवंबर & दीपावली 8 नवंबर & 13 नवंबर से छठ पर्व & रातोंरात पलट सकती है बाजी!   

बुध ग्रह 3 नवंबर को राहु के स्वाति नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे। बुध का यह गोचर 3 नवंबर की सुबह 5 बजकर 53 मिनट पर होगा। बुध के नक्षत्र परिवर्तन से मिथुन और कन्या सहित 4 राशियों को शुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। इन राशियों के लिए तरक्की के रास्ते खुल सकते हैं और साथ ही करियर, आर्थिक पक्ष भी सुधर सकता है।

2 नवंबर 2026 का पंचांग: 2 नवंबर को कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और सोमवार का दिन है। सोमवार के दिन कालाष्टमी का व्रत रखा जाएगा इसके साथ ही इस दिन राधाष्टमी मनाने की भी परंपरा है। सोमवार के दिन शुभ योग भी रहेगा। 

  • कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि – 2 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 11 मिनट तक रहेगी, उसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी
  • शुभ योग – 2 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 7 मिनट तक
  • आश्लेषा नक्षत्र- 2 नवंबर को रात 3 बजकर 47
  • 2 नवंबर विशेष- कालाष्टमी व्रत रखा जाएगा, राधाष्टमी मनाई जाएगी
  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:50 ए एम से 05:42 ए एम
  • प्रातः सन्ध्या- 05:16 ए एम से 06:33 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 11:46 ए एम से 12:30 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:00 पी एम से 02:44 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 05:43 पी एम से 06:09 पी एम
  • सायाह्न सन्ध्या- 05:43 पी एम से 07:00 पी एम

1 नवंबर को कालाष्टमी का व्रत रखा जाएगा। कालाष्टमी के दिन भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव भगवान की पूजा की जाती है और भक्त इस दिन व्रत भी रखते हैं। भगवान काल भैरव की पूजा करने से ग्रह दोष दूर होते हैं और जीवन में सकारात्मक बदलाव भी आती हैं। रोग-दोष से मुक्ति पाने के लिए भी कालभैरव भगवान की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। कर्ज और अकाल मृत्यु का भय भी काल भैरव पूजन से दूर होता है। कालाष्टमी पूजा के दिन जो लोग व्रत न रख पाएं वो काल भैरव भगवान को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय कर सकते हैं। इन उपायों से भी सकारात्मक बदलाव जीवन में आ सकते हैं।

रातोंरात पलट सकती है बाजी! 

31 अक्टूबर 2026 को बृहस्पतिदेव सिंह राशि में प्रवेश ,वृषभ, मिथुन, सिंह, कन्या, वृश्चिक, मकर और मीन राशि के जातकों को धन, करियर और रिश्तों में विशेष ध्यान देना होगा। यह गोचर इन राशियों के लिए कुछ चुनौतियां ला सकता है, इसलिए उन्हें हर कदम सावधानी से उठाना होगा।

31 अक्टूबर 2026 को बृहस्पतिदेव सिंह राशि में प्रवेश । वैदिक ज्योतिष के अनुसार, इस गोचर से अलग-अलग राशियों के सामने अलग तरह की चुनौतियां हैं। वृषभ, मिथुन, सिंह, कन्या, वृश्चिक, मकर और मीन राशि के जातकों को धन, करियर की जिम्मेदारियों, रिश्तों और रोजमर्रा की दिनचर्या पर विशेष ध्यान देने की जरूरत हो सकती है। हालांकि, इस गोचर का मतलब यह नहीं है कि कठिनाइयां आना तय ही है। मीन राशि: बृहस्पतिदेव आपकी राशि से षष्ठम भाव (रोग और शत्रु का क्षेत्र) में गोचर करेंगे। रोजमर्रा की जिम्मेदारियां, काम की जगह की प्रतियोगिता, कर्ज और सेहत से जुड़ी आदतें अधिक महत्वपूर्ण हो सकती हैं। किसी भी अनावश्यक विवाद में पड़ने से बचें। जब काम का दबाव बढ़ जाए, तो अपनी नींद, खान-पान और शारीरिक गतिविधियों का खास ख्याल रखें। पैसे उधार लेने या वित्तीय वादे करने से पहले यह देख लें कि व्यवस्था संभालना आपके लिए आसान है या नहीं। उपाय: आप काम के दबाव और वित्तीय जिम्मेदारियों को संभालते समय जल्दबाजी में कोई भी फैसले लेने से बचें।

दीपावली साल 2026 में 8 नवंबर 

1 नवंबर 2026: अहोई अष्टमी, कालाष्टमी, राधा कुंड स्नान

2 नवंबर 2026 सोमवार, कालाष्टमी व्रत & राधाष्टमी & त्योहारों से भरपूर नवंबर  

5 नवंबर 2026: रमा एकादशी, गोवत्स द्वादशी

6 नवंबर 2026: धनतेरस, शुक्र प्रदोष व्रत

7 नवंबर 2026: काली चौदस, मासिक शिवरात्रि

8 नवंबर 2026: नरक चतुर्दशी / छोटी दिवाली, दीपावली और लक्ष्मी पूजा)

10 नवंबर 2026: गोवर्धन पूजा 

11 नवंबर 2026: भाई दूज (यम द्वितीया)

13 नवंबर 2026: छठ पूजा – नहाय-खाय

14 नवंबर 2026: छठ पूजा – खरना

15 नवंबर 2026: छठ पूजा – संध्या अर्घ्य 

16 नवंबर 2026: छठ पूजा – उषा अर्घ्य (उगते सूर्य को अर्घ्य) एवं पारण

17 नवंबर 2026: गोपाष्टमी

18 नवंबर 2026: आमलकी / अक्षय नवमी

20 नवंबर 2026: देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी

21 नवंबर 2026: तुलसी विवाह

23 नवंबर 2026: वैकुण्ठ चतुर्दशी

24 नवंबर 2026: देव दीपावली, कार्तिक पूर्णिमा, गुरु नानक जयंती  

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